शिवगढ़ के राजा राकेश प्रताप सिंह ने गरीबों में दान की जमीन
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: राजतंत्रात्मक शासन तंत्र का सर्वोच्च पद है। प्रायः यह वंशानुगत होता है। कुछ उदाहरण ऐसे जरूर मिलते हैं, जहाँ राजा का चुनाव वंश परंपरा के बाहर के लोगों में से किया गया है। वह अपने मंत्रियों की सलाह से अपने राज्य पर शासन करता है। वह अपने शासन क्षेत्र, अधिपत्य या नियंत्रण वाले क्षेत्रों के लोगों के लिए नियम और नीतियाँ बनाता है। उसकी सहायता के लिए दरबार में विभिन्न स्तर के पद होते हैं। राजा के गुण और कर्तव्यों पर महाभारत सहित अनेक ग्रंथों में प्रकाश डाला गया है। भारतीय राजनीतिशास्त्रियों की मान्यता है कि, ईश्वर ने अत्याचारियों के भय से डरी हुई प्रजा की रक्षा के लिए इन्द्र, वायु, यम, सूर्य, अग्नि, वरूण, चन्द्रमा तथा कुबेर के अंश से राजा का निर्माण किया है। इस मान्यता का अर्थ है दिव्य शक्तियों के समान राजा भी प्रजा का कल्याण करे, उसकी रक्षा-सुरक्षा करे, उसका लालन-पालन करे।
आपको बता दें कि, गरीबों के सेवा की ऐसी ही एक सच्ची मिसाल रायबरेली की शिवगढ़ विरासत के राजा राकेश प्रताप सिंह जोकि पूर्व एमएलसी रह चुके हैं, और वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य भी हैं। इन्होंने गरीबों का कल्याण करते हुए उनकी रक्षा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लालन पालन की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करते हुए अपनी जमीन दान की है।
विदित हो कि, डलमऊ नगर पंचायत के अंतर्गत नान जेड ए की गाटा संख्या 1581 भूमि शिवगढ़ के राजा वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व एमएलसी व भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य राकेश प्रताप सिंह के नाम अंकित है। बीते शनिवार को राजा राकेश प्रताप सिंह के निर्देशन पर उनके पुत्र हनुमन्त सिंह के द्वारा गरीब असहाय विकलांग व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराने के लिए स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया गया है।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद गरीबों के चेहरे खुशी से खिल उठे। करीब 6 माह पूर्व राजा राकेश प्रताप सिंह की भूमि पर अवैध निर्माण कराने को लेकर भूमि मालिक ने न्यायालय की शरण लेकर निर्माण कार्य पर रोक लगाई हुई थी। जिसके पश्चात गरीबों के खातों में पहली किस्त आने के बाद दूसरी व तीसरी किस्त खातों में नहीं पहुंची। जिससे गरीब खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हो गए।
इस दौरान गरीबों ने पीएम आवास पर रोक हटाने के लिए राजा राकेश प्रताप सिंह से मांग की। इस दौरान श्री सिंह ने अपने मुख्तारखास शशि भदवरिया से पात्र लोगों को चिन्हित कराने के बाद शनिवार को उन्हें स्वामित्व प्रमाण पत्र दे दिया है।
इसके साथ ही जिला अधिकारी को भी श्री सिंह ने एक पत्र लिखकर चिन्हित लोगों के खातों में पीएम आवास की दूसरी व तीसरी किस्त भेजने की मांग की है। इस मौके पर शंकर प्रसाद द्विवेदी, विकास पंडा, अमित सिंह, दीपू पंडा, सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: राजतंत्रात्मक शासन तंत्र का सर्वोच्च पद है। प्रायः यह वंशानुगत होता है। कुछ उदाहरण ऐसे जरूर मिलते हैं, जहाँ राजा का चुनाव वंश परंपरा के बाहर के लोगों में से किया गया है। वह अपने मंत्रियों की सलाह से अपने राज्य पर शासन करता है। वह अपने शासन क्षेत्र, अधिपत्य या नियंत्रण वाले क्षेत्रों के लोगों के लिए नियम और नीतियाँ बनाता है। उसकी सहायता के लिए दरबार में विभिन्न स्तर के पद होते हैं। राजा के गुण और कर्तव्यों पर महाभारत सहित अनेक ग्रंथों में प्रकाश डाला गया है। भारतीय राजनीतिशास्त्रियों की मान्यता है कि, ईश्वर ने अत्याचारियों के भय से डरी हुई प्रजा की रक्षा के लिए इन्द्र, वायु, यम, सूर्य, अग्नि, वरूण, चन्द्रमा तथा कुबेर के अंश से राजा का निर्माण किया है। इस मान्यता का अर्थ है दिव्य शक्तियों के समान राजा भी प्रजा का कल्याण करे, उसकी रक्षा-सुरक्षा करे, उसका लालन-पालन करे।
आपको बता दें कि, गरीबों के सेवा की ऐसी ही एक सच्ची मिसाल रायबरेली की शिवगढ़ विरासत के राजा राकेश प्रताप सिंह जोकि पूर्व एमएलसी रह चुके हैं, और वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य भी हैं। इन्होंने गरीबों का कल्याण करते हुए उनकी रक्षा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लालन पालन की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करते हुए अपनी जमीन दान की है।
विदित हो कि, डलमऊ नगर पंचायत के अंतर्गत नान जेड ए की गाटा संख्या 1581 भूमि शिवगढ़ के राजा वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व एमएलसी व भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य राकेश प्रताप सिंह के नाम अंकित है। बीते शनिवार को राजा राकेश प्रताप सिंह के निर्देशन पर उनके पुत्र हनुमन्त सिंह के द्वारा गरीब असहाय विकलांग व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराने के लिए स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया गया है।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद गरीबों के चेहरे खुशी से खिल उठे। करीब 6 माह पूर्व राजा राकेश प्रताप सिंह की भूमि पर अवैध निर्माण कराने को लेकर भूमि मालिक ने न्यायालय की शरण लेकर निर्माण कार्य पर रोक लगाई हुई थी। जिसके पश्चात गरीबों के खातों में पहली किस्त आने के बाद दूसरी व तीसरी किस्त खातों में नहीं पहुंची। जिससे गरीब खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हो गए।
इस दौरान गरीबों ने पीएम आवास पर रोक हटाने के लिए राजा राकेश प्रताप सिंह से मांग की। इस दौरान श्री सिंह ने अपने मुख्तारखास शशि भदवरिया से पात्र लोगों को चिन्हित कराने के बाद शनिवार को उन्हें स्वामित्व प्रमाण पत्र दे दिया है।
इसके साथ ही जिला अधिकारी को भी श्री सिंह ने एक पत्र लिखकर चिन्हित लोगों के खातों में पीएम आवास की दूसरी व तीसरी किस्त भेजने की मांग की है। इस मौके पर शंकर प्रसाद द्विवेदी, विकास पंडा, अमित सिंह, दीपू पंडा, सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।





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