मान्यता नियमावली में संशोधन के लिए मैनेजर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: रायबरेली स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में मुख्यमन्त्री को सम्बोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी रायबरेली के माध्यम से दिया गया।  ज्ञापन को उप जिलाधिकारी सदर ने प्राप्त किया।
    आपको बता दें कि,  दिये गये ज्ञापन में गैर सहायतित, मान्यता प्राप्त/संबद्धता प्राप्त विद्यालयों की समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षण किया गया है। जिलाध्यक्ष गौरव सिंह ने कहा कि, आर.टी.आई. (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के अंतर्गत प्रवेष हेतु गैर सहायतित, मान्यता प्राप्त/संबद्धता प्र्राप्त विद्यालयों में जो बच्चे प्रवेष एवं षिक्षा ग्रहण हेतु भेजे जाते है, उनकी फीस के रूप में अत्यन्त सूक्ष्म धनराषि मात्र रू0 450/- प्रति माह सरकार द्वारा भुगतान की जाती है। 
    गैर सहायतित, मान्यता प्राप्त/संबद्धता प्र्राप्त विद्यालयों की व्यवस्था और आधारिक संरचना के अनुसार कम से कम 20,000/- प्रतिवर्ष, प्रति बच्चे के आधार पर प्रदान किये जाए। श्री सिंह ने कहा कि, उ0प्र0 में जूनियर हाईस्कूल तक की मान्यता में विद्यालय भवन की रजिस्ट्री, विद्यालय के पक्ष में होना अनिवार्य किया गया है। जिससे मध्यम वर्ग के विद्यालय संचालको के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है।  नगरीय क्षेत्रों में विद्यालय के पक्ष में बैनामा करवाने में बहुत अधिक धनराषि व्यय होने के कारण बहुत धनाड्य संस्थाये ही विद्यालय संचालित कर पाएगी और मध्यम श्रेणी के विद्यालय संचालक जो वास्तव में मेहनत और लगन से गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था दे सकते है, वंचित रह जाएगें।
     धनाड्य संस्थाओं का एकाधिकार रहेगा।  ऐसे में 15 वर्ष के रजिस्टर्ड किराएनामे/लीज डीड पर, जैसा कि सी.बी.एस.ई. की संबद्धता मानक में भी है, विद्यालय की मान्यता दिए जाने का विकल्प पूर्व की भांति खुला रखा जाऐ।   लाकडाउन अवधि में  शासन द्वारा विद्यालयों के ट्रांसपोर्ट शुल्क न लिए जाने के आदेष के फलस्वरूप ड्राइवर क्लीनर की तनख्वाह, वाहन ई.एम.आई. आदि पर गंभीर वित्तीय संकट खड़ा हो गया है, अतः इस संदर्भ में आपके स्तर से रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया एवं वित्त मंत्रालय को सुझाव दिया जाना न्यायहित में आवष्यक है कि, विद्यालय के वाहनों पर लाॅकडाउन अवधि का ब्याज सभी वित्तीय संस्थाओं/बैंक द्वारा न लिया जाए/ माफ कर दिया जाए। 
      लाकडाउन अवधि में 10. 2 इण्टर कालेजों को क्वारन्टाइन सेण्टर बनाया गया है, जिससे छात्र/छात्राओं एवं उनके अभिभावकों में कोरोना के सम्बन्ध मे भय व्याप्त है। इस संदर्भ में शासन स्तर पर समुचित सैनिटाइजैषन सुविधा सभी स्कूलों कालेजों में करवाई जाए, एवं यह उद्धोषणा भी की जाए कि, विद्यालय सुरक्षित है ताकि समस्त विद्यालयों में भय के माहौल से राहत मिल सके।
     ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से आलोक श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, शिवेन्द्र श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित रहे।

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