तोमर कान्स्ट्रक्शन कम्पनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाये - ओ.पी. यादव।। Raebareli news ।।

केन्द्रीय श्रम मंत्री, गृह मंत्री, यू.पी. के मुख्यमन्त्री, श्रम मंत्री एवं जल निगम अध्यक्ष को भेजे गये फैक्स
 कम्पनी चला रही माफियाओं एवं अपराधियों का गिरोह
कम्पनी द्वारा कराये गये तीन वर्षो के कार्यो का कराया जाय भौतिक सत्यापन
कम्पनी में काम करने वाले मजदूरों की बकाया मजदूरी का कराया जाये भुगतान
कम्पनी की अपराधिक गतिविधियों के कारण जिले की कानून व्यवस्था प्रभावित
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पूर्व डीजीसी (फौ0) एवं प्रान्तीय सपा नेता ओ.पी. यादव ने देश के केन्द्रीय श्रम मंत्री, गृह मन्त्री, उ0प्र0 के मुख्यमन्त्री, श्रम मंत्री, जल निगम के अध्यक्ष, प्रमुख सचिव जल निगम उ0प्र0 को फैक्स भेजकर मांग की है कि, वर्तमान समय में जल निगम के अन्तर्गत सीवर लाइन का काम करने वाली तोमर कान्स्ट्रक्शन कम्पनी को ब्लैक लिस्टिेड किया जाय। 
     आपको बता दें कि, श्री यादव ने कहा है कि, कम्पनी मानक के अनुसार काम नहीं कर रही है।  कम्पनी माफियाओं एवं अपराधियों के बल पर चल रही है। माफियाओं के भय से विभागीय अधिकारी मानक के अनुसार काम करने का दबाव कम्पनी पर नहीं बना पाते हैं, घटिया सामग्री एवं मानक के विपरीत कार्य करने के बावजूद विभाग भुगतान करने के लिए मजबूर रहते हैं। 
     वर्तमासन समय में जल निगम में कम्पनी काम कर रही हैै।  सीवर लाइन के किये जा रहे कार्य एवं विगत तीन वर्षो में कम्पनी द्वारा कराये गये सम्बन्धित विभागों में कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाये। निर्माण की यह कम्पनी सिर्फ सरकारी धन लूटने की कम्पनी बनकर रह गयी है। 
     कम्पनी पर कुछ सफेद पोशों का संरक्षण है, जिसके कारण कम्पनी द्वारा कराये गये गुणवत्ता विहीन कार्यो पर विभागीय अधिकारियों द्वारा परदा डाला जा रहा है। कम्पनी में काम करने वाले मजदूरों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसकी वजह से सम्बन्धित मजदूरों के परिवार भुखमरी की कगार पर है।     मजदूरी माँगने वाले लोगों पर कम्पनी के लोग गोली चला रहे हैं।  कम्पनी के दबाव में सम्बन्धित थानों में रिपोर्ट भी नहीं लिखी जाती है। 
     कम्पनी की अपराधिक गतिविधियों के कारण जिले की कानून व्यवस्था खराब हो रही है।  श्री यादव ने अविलम्ब तोमर कान्स्ट्रक्शन कम्पनी को ब्लैक लिस्टेड कर कम्पनी द्वारा कराये गये तीन वर्षो के कार्यो का भौतिक सत्यापन कराये जाने की मांग की है।

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