प्रशांत शर्मा
डलमऊ/रायबरेली: डलमऊ रायबरेली मार्ग पर दुर्घटना में हुई फौजी की मौत पर अंतिम संस्कार के लिए डलमऊ श्मशान घाट पर शव को लाया गया। जहां पर साथी फौजी के साथ परिजनों ने पहुंचकर अंतिम संस्कार कराया।
आपको बता दें कि, दरअसल डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के करकसा गांव निवासी पीयूष सिंह थल सेना आसाम में तैनात थे। वह छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। फौजी दो दिन पहले मुराई बाग बैंक आए हुए थे, और वह बैंक का काम करके वापस घर लौट रहे थे, कि रास्ते मे एक अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया था।
फौजी को घायल अवस्था में देख राहगीरों ने सीएचसी डलमऊ ले जाकर भर्ती कराया था, जहां हालत में सुधार ना होने पर परिजनों ने उसे लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया।रविवार की सुबह फौजी का शव अंतिम संस्कार के लिए डलमऊ गंगा घाट लाया गया। जहां पर एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने दुख की घड़ी में शामिल होकर परिवारीजनों को ढाढस बंधाया। जिसमें मृतक के साथी जवान एवं परिजन भी मौजूद रहे।
डलमऊ/रायबरेली: डलमऊ रायबरेली मार्ग पर दुर्घटना में हुई फौजी की मौत पर अंतिम संस्कार के लिए डलमऊ श्मशान घाट पर शव को लाया गया। जहां पर साथी फौजी के साथ परिजनों ने पहुंचकर अंतिम संस्कार कराया।
आपको बता दें कि, दरअसल डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के करकसा गांव निवासी पीयूष सिंह थल सेना आसाम में तैनात थे। वह छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। फौजी दो दिन पहले मुराई बाग बैंक आए हुए थे, और वह बैंक का काम करके वापस घर लौट रहे थे, कि रास्ते मे एक अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया था।
फौजी को घायल अवस्था में देख राहगीरों ने सीएचसी डलमऊ ले जाकर भर्ती कराया था, जहां हालत में सुधार ना होने पर परिजनों ने उसे लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया।रविवार की सुबह फौजी का शव अंतिम संस्कार के लिए डलमऊ गंगा घाट लाया गया। जहां पर एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने दुख की घड़ी में शामिल होकर परिवारीजनों को ढाढस बंधाया। जिसमें मृतक के साथी जवान एवं परिजन भी मौजूद रहे।




0 टिप्पणियाँ