डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बालिका व माहिला सुरक्षा हेतु पुरूष व माता-पिता को दिलाई शपथ।। Raebareli news ।।

फोटो-डीएम महिलाओं व बालिकों को सम्मान पत्र देते हुए, शपथ दिलाते, व बैठक करते हुए

मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं, बालिकाओं व आंगनबाड़ी कायकत्रियों सहित अधिकारी व कर्मचारियों को दिया गया सम्मान पत्र

डीएम ने बालिका व माहिला सुरक्षा हेतु पुरूष व माता-पिता को दिलाई शपथ

मिशन शक्ति अभियान निरन्तर चलते रहना चाहिए-डीएम

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: मिशन शक्ति अभियान के तहत चलाये जा रहे अभियान व कार्यक्रम के प्रथम चरण के समापन पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बचत भवन के सभागार में मिशन शक्ति अभियान से जुड़ी महिलाओं, बालिकाओं व आगनबाड़ी कायकत्रियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों को अभियान/कार्यक्रमों को सफल बनाये जाने व नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन के प्रति महिलाओं एवं बालिकाओं के मध्य सशक्तिकरण व विश्वास का वातावरण बनाने वाले अभियान व कार्यक्रम पर सम्मान पत्र दिया।

     आपको बता दें कि, जिलाधिकारी ने विकास खण्ड जगतपुर की ग्राम रोझइया भीखमशाह के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कक्षा 8 की बालिका मिताली विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता पोस्टर को देखा तथा उसकी कला व दूरदर्शिता की सरहाना की।   

      जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन के प्रति महिलाओं एवं बालिकाओं के मध्य सशक्तिकरण व विश्वास का वातावरण बनाने व अपनी समस्याओं को निर्भीक होकर बताने तथा उनकी समस्याओं को सुनकर त्वरित गति से गुणवत्तापूर्ण निस्तारित करने का उददेश्य एक महत्वकाक्षी अभियान मिशन शक्ति आभियान को चलाया गया है, और यह अभियान निरन्तर चलता रहेगा। 

     उन्होंने कहा कि, यह अभियान कार्यक्रम चरणों के रूप में चला जा रहे है, लेकिन मिशन शक्ति के जुड़े अभियान निरन्तर चलते रहेंगे। समाज की हर बालिका व महिला एक सिपाही बनकर अपनी सुरक्षा व दुसरों की सुरक्षा व सम्मान के लिए जागरूक रहेगी। उन्होंने कहा कि, मिशन शक्ति जैसे अभियान को जन आन्दोलन के रूप में चलाया जाए, जिससे कि, हम सभी माहिलओं व बालिकों की सुरक्षा व सम्मान के लिए जागरूक रहें। 

       मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने कहा कि, मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत 9वें दिन जनपद के सभी विकास खंडों, आंगनवाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों/विद्यालयों/स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं, बालिकाओं, बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न प्रकार के उपायों तथा बच्चों के विरुद्ध हो रहे विभिन्न अपराधों के रोकथाम के बारे में विस्तृत रूप से प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महिलाओं, बालिकाओं को कानून के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध, महिला उत्पीड़न की रोकथाम, लैंगिक समानता एवं महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के संबंध में जागरूकता अभियान चलाये जा रहे है। 

     इसके साथ ही सूचना विभाग द्वारा भेजी गई एलईडी वैन व सांस्कृतिक दलों द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में नारी सुरक्षा/नारी सम्मान/नारी स्वावलंबन के प्रति प्रचार प्रसार किया जा रहा है।    पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं, बालिकाओं को 1090 यवूमेन पॅावर लाइन, 181 महिला हेल्प लाइन, 108 एम्बुलेंस सेवा, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098 चाइल्ड लाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा आदि के बारे में जागरूक किया गया, तथा प्रत्येक थानों पर महिला शिकायतकर्ता के लिए स्थापित महिला हेल्प डेस्क के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गयी। जहाँ पर कोई भी महिलाए बालिका अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है ।


      
     एन्टी रोमियो टीम द्वारा सादे वस्त्रों में तथा वर्दी में चेकिंग की जा रही है। चेकिंग के दौरान मिलने वाली महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है। यदि उनकी कोई समस्या है, तो उन्हे नोट कर उसका त्वारित निस्तारण कराया जा रहा है, साथ-साथ प्रत्येक थाना क्षेत्र के चिन्हित हाट-स्पाट पर निरन्तर पैट्रोलिंग की जा रही है। कार्यक्रम का संचालन एस0एस0 पाण्डेय द्वारा किया गया। 

     इसी क्रम जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को महिला व बालिका की सुरक्षा के लिए पुरूषों को शपथ दिलाई और कहा कि, भारत के जिम्मेदार नागरिक के रूप में सदैव बालिकाओं व महिलाओं का सम्मान करूँगा, और उनके अधिकारों की सुरक्षा करूगा, प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से अपने कृत्यों शब्दों तथा कर्माे से किसी बालिका एवं महिला के अधिकारों एवं मर्यादा का हनन नही होने दूंगा। बालिकाओं एवं महिलाओं को उनके विकास के लिए समान अवसर प्रदान करने में अपना पूरा योगदान दूँगा। इसी प्रकार आये हुए माता-पिता को भी भारत के जिम्मेदार नागरिक के रूप में शपथ दिलाई गई और कहा कि, अपने बेटे और बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव नही करूगा। अपने बच्चों को बचपन से ही जीवन के नैतिक मूल्य सिखाऊगा और उन्हें सही और गलत का भेद बताउँगा। जिस प्रकार अपनी बेटी को स्वयं की सुरक्षा के लिए ध्यान रखने को कहता हूँ, उसी प्रकार अपने बेटे को अनुशासन में रखते हुए उसकी भी दैनिक गतिविधियां का पूरा ध्यान रखूंगा। सदैव बालिकाओं व माहिलाओं का सम्मान करूंगा, और उनके अधिकारों की सुरक्षा करूगा।



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