रायबरेली: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जिला उद्यान अधिकारी एवं जनपद स्तरीय गठित समिति के सदस्यों को निर्देश दिये है कि, आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत पीएम0एफ0एम0ई0-प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग अन्नयन योजना का संचालन उद्यान विभाग के माध्यम से कराया जायेगा।
आपको बता दें कि, योजना का उद्देश्य राज्य सरकारों की भागीदारी से असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सूक्ष्म खाद्य उद्यमों के उन्नयन के लिए वित्तीय तकनीकी एवं कारोबार में सहायता देना है, जिससे वृहद रोजगार का सृजन विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए कृषि/औद्यानिक उत्पादों का मूल्य सम्र्वधन करना है। एक जनपद एक उत्पाद की अवधारणा के अन्तर्गत इनपुट की खरीद, सामान्य सेवाओं का लाभ एवं उत्पादों के विपणन के सम्बन्ध में अवसर दिया जायेगा। जिसके अन्तर्गत पूर्व से स्थापित खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों पात्र होंगी। जिसमें 10 से कम कार्मिक कार्यरत है, इकाई का स्वामित्व आवेदक है, तथा आयु 18 वर्ष से अधिक है और वह न्यूनतम कक्षा आठ उत्तीर्ण हों। एक परिवार का केवल एक ही व्यक्ति वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। इच्छुक एफपीओं, स्वंय सहायता समूह एवं को-आपरेटिव के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण के पात्र उद्यमी को 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड अनुदान कैपिटल सब्सिडी का लाभ दिया जायेगा। लाभार्थी का योगदान न्यूनतम 10 प्रतिशत होगा, शेष राशि बैंक से लाभार्थी को प्राप्त करना होगा। योजनान्तर्गत पैकेजिंग, उपकरणों की खरीद, ब्रान्डिंग तथा मार्केटिंग में सहायता दी जायेगी। इच्छुक मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण यूनिट एफ0एम0ई0 पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगी। क्षेत्रीय स्तर पर सहायता हेतु जिला रिसोर्स पर्सन की भी व्यवस्था की जायेगी, जो लाभार्थियों को सहायता प्रदान करेंगे।

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