सफर जिंदगी-सामाजिक राजनैतिक संघर्ष व गरीब शोषित वंचित समाज की सेवा ही मेरे जीवन का एक मात्र उद्देश्य है

▪️गुलशन में बड़े ज़ोर का तूफ़ान उठा है, जब भी कोई फूलों का निगहबान उठा है ! ▪️दुनिया के बदलने को फ़रिश्ते नहीं आए, जब जब भी उठा है कोई इंसान उठा है !

 एडवोकेट ब्रजेश यादव नि. प्रदेश सचिव समाजवादी अधिवक्तासभा उ.प्र.

रायबरेली: मैं एक साधारण किसान परिवार का बेटा हूँ ,आज के वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य में मेरा राजनीति में सफल होना आसान नही है, लेकिन आप सभी लोगों का प्यार व सहयोग निश्चित ही मुझे आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करता है। लखनऊ वकालत की पढ़ाई करके जब मैं अपने क्षेत्र व गृह जनपद रायबरेली आया, तो देखता हूँ कि यहां की सामाजिक दशा अत्यन्त दयनीय है। यहां के पेशेवर नेता क्षेत्र की भोली भाली जनता को फर्जी मामलों में फंसाकर, आपस में लड़ाकर उनसे धन के रूप में खून चूस रहे हैं, किन्तु विडम्बना की बात यह है कि, वही नेता झूठी मदद का आस्वासन देकर अहसान भी जता रहे हैं। ऐसे नेता जो अपनी दलाली को राजनीति कह रहे हैं उनकी ऐसी राजनीति पर थू है मेरा। 

     क्षेत्र की इन परिस्थितियों को देखकर मुझे लगा कि, मुझे इन भोले भाले सरल व अपार स्नेह प्रदान करने वाले क्षेत्रवाशियों को इस शोषण से बचाने के लिए आगे आना चाहिए इसलिए मैंने ये फैसला किया कि, मेरा पूरा जीवन आप सभी संम्मानित क्षेत्रवाशियों के लिए है। समाजसेवा की भावना या रुचि तो मेरी छात्र जीवन से ही रही है, इसलिए लखनऊ स्नातक की पढ़ाई के समय से ही छात्र राजनीति में अपने छात्र नेता साथियों का सक्रिय सहयोगी रहा हूँ। 2008 में एल.एल.बी. करके मैं अपने क्षेत्र रायबरेली जनपद के खीरों आ गया।

    राजनीति में केवल सफल होना मेरा उद्देश्य होता, तो मै लखनऊ में ही रहकर वकालत करता और बड़े नेतावों की सेवा परिक्रमा करके व दन्द फंद करके पैसा कमाता और आज बड़े राजनीतिक पद पर होता। लेकिन मेरा हठ था कि, मैं राजनीति में ऊपर से नही बल्कि नीचे जमीन से जुड़कर व क्षेत्रवाशियों के प्यार व सहयोग से ऊपर जाऊंगा।

▪️मेरा एक ही राजनीतिक सिद्धान्त.हैं --------

▪️मरहम लगा सको तो गरीब के जख्मो पर लगा देना, हकीम बहुत है बाजार में अमीरो के इलाज खातिर !!

    अपने इसी सिद्धांत पर कायम रहते मैंने पिछले बारह वर्षों से लगातार आप सब क्षेत्रवाशियों के बीच मे हूँ। शायद सक्षम लोगों की मदद लिए तो बहुत लोग हैं, लेकिन मेरा स्वभाव हमेशा कमजोरों की मदद के लिए है। सिर्फ राजनीति का लाभ लेना मेरे जीवन का उद्देश्य नही है, मेरे जीवन का उद्देश्य है संम्मानित क्षेत्रवाशियों के दिल मे अपनी जगह बनाना। 2015 में मैंने जब जिला पंचायत सदस्य खीरों प्रथम का चुनाव लड़ा, तो मुझे क्षेत्र की जनता का अपार सहयोग व स्नेह प्राप्त हुआ, लेकिन बहुत मामूली अंतर से रनर (उपविजेता )रहते हुए चुनाव हार गया। जिला पंचायत सामान्य सीट पर जहाँ मेरे प्रतिद्वंदी बाहुबली धनबली व पेशेवर राजनीतिज्ञ रहे। वहीं मेरे पास रुपये-पैसे (धन) का अभाव, साधन, संसाधन विहीन होते हुए सिर्फ और सिर्फ ईमानदारी, सरल व मिलनसार स्वभाव और विचारधारा के दम पर व जनता के प्रत्याशी के रूप में निर्दलीय चुनाव लड़ा औऱ संम्मानित    क्षेत्रवाशियों ने मुझे पूरी लड़ाई लड़ाया। चुनाव तो मैं हार गया, लेकिन संम्मानित क्षेत्रवाशियों का दिल जीतने में कामयाब हुआ। क्योंकि किसी भी नेता व राजनीतिक दल व प्रधान bdc तक का सहयोग मेरे साथ नही था। मेरे साथ था, तो सिर्फ नवयुवको का सहयोग व बड़े बुजुर्गों, मताओ, बहनों का आशीर्वाद और साधारण जनता का सपोर्ट।

    मैं कर्जदार हो गया हूँ! अपने क्षेत्र के नवयुवको, माताओं, बहनों बुजुर्गों व साधारण जनता का, इसलिए 12 वर्ष से आप के साथ बना हुआ हूँ, और पूरा जीवन समर्पित है, क्षेत्रवाशियों की समाज सेवा में। मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझुगा, अगर एक बार जनप्रतिनिधि बनने का अवशर मिला। जिससे आपके कर्ज के बदले आप सभी संम्मानित क्षेत्रवाशियों के लिए कुछ कर पाऊँ। मैंने ये  कोसिस जरूर की है कि, जब से मैं क्षेत्र की समाजसेवा में आया हूँ, किसी के साथ बुरा बर्ताव नही किया, सबका सम्मान किया है। किसी से झगड़ना या झगड़ा कराना मेरे स्वभाव में नही है। जबकि इसी क्षेत्र के तथाकथित नेता आपस में झगड़ा कराकर दोनों तरफ मदद का झूठा अस्वासन देते हैं, अर्थात झगड़ा भी वहीं कराते हैं, और झूठी मदद के बहाने दलाली भी करते हैं। झूठे अहसान के बदले जीवन भर वोट भी लेना चाहते हैं। ऐसे गन्दे कामो की बदौलत वो अपने आप को आप का नेता भी बताते हैं।

     ऐसी गंदी राजनीति में मैं विस्वास नही रखता। चूंकि राजनीति में आप चाहे जितने साफ सुथरे तरीके से चलें, लेकिन आपका विरोध करने वाले लोग मिल ही जायेंगे। ऐसे लोग सिर्फ इसलिए आपका विरोध करेंगे कि, ये व्यक्ति इतनी साफ सुथरी राजनीति से पब्लिक की मदद से आगे बढ़ जाएगा, इसलिए राजनीतिक विरोधी बिना किसी कारण के मेरा विरोध कर सकते हैं, और पब्लिक में तरह तरह की अफवाहें फैलाते हैं। झूठ बोलकर, भेद पैदा करके मुझसे लोगों को दूर करने की कोसिस कर सकते हैं। मैं सपथ पूर्वक अपने क्षेत्र के संम्मानित क्षेत्रवाशियों से कहना चाहता हूं कि, मेरे पास पब्लिक की ही ताकत है, किसी नेता की नही। मैं राजनीति में जनता की सेवा के लिए आया हूँ न कि किसी नेता की सेवा करने। मैं दावे व शपथ पूर्वक कह सकता हूँ कि, सम्पूर्ण क्षेत्र में एक भी व्यक्ति नही कह सकता कि, मैंने आपके बीच अपने संघर्षों के इन बारह वर्षों में किसी से भी किसी कार्य या पैसे या फिर किसी अधिकारी कर्मचारी या पुलिस आदि को दिलाएं हो। ▪️नेता नही बेटा, भाई व सहयोगी हूँ आपका। सरलता, ईमानदारी, संस्कार हैं पहचान मेरी। समाज में छिपे दलालों, मक्कारों को बेनकाब करना ही मेरा उद्देश्य।

    मेरी ज़िन्दगी का सफ़र कोई अनोखा नहीं मेरे जैसे लाखों लोग कड़ी मेहनत कर ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं, मै आज जो कुछ भी हूँ इसमें मेरी मेहनत और आप लोगोँ की दुआऐं शामिल हैं! मैंने गरीबी को बहुत करीब से देखा है, इसलिये हर गरीब और इंसाफ से वंचित कर दिए गये लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए मुझे मेरे गुज़रे हुए कल ने प्रेरित किया, क्योंकि मुझे हर गरीब में अपना ही अक्स दिखता है। सियासत नहीं आती, जज़्बाती हूँ,  इसलिए किसी का बंधवा मजदूर नहीं! खुद फैसला करने में सक्षम हूँ। हर नागरिक अपना हक जाने और उसको हासिल करे। मेरी ताक़त आपसे है, हर नागरिक चाहे वो किसी धर्म जाति का हो! जनता का मैं सेवक हूँ, किसी मठाधीश का ताबेदार न समझना,! जनता मेरे लिए सर्वोपरि है, मुझे किसी राजनीति के ठेकेदार का चाटुकार न समझना। तूफ़ान बनके आऊँगा इसे केवल शोर ना समझना! अभी ज़रा गर्दिश में हूँ, मुझे कमज़ोर ना समझना! मेरे पास चापलूसी/चाटुकारिता के स्वर्णिम विकल्प थे, चाहता तो चापलूसी में कीर्तिमान बनाता, मगर वो सब अस्थायी होते, और आत्मा की आवाज़ के खिलाफ होते। मेरी एंट्री भी मेरे इसी अंदाज से हुई और मेरी विदाई भी इसी अंदाज से हुई, और इसी अंदाज से एक दिन मेरी वापसी भी होगी। यकीन मानिए, सच्चाई के मार्ग पर भौतिक ऐश्वर्य जरूर नही, मगर सर उठा कर चलने का जज्बा और खुद की नज़रों में उठ कर चलने की ताकत जरूर मिलती है।

▪️यही जुनून बस यही ख़्वाब मेरा है, वहाँ चिराग़ जला दूँ जहाँ अंधेरा है।

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