इस रामकोट पर अयोध्या में हनुमान गढ़ी से नजर रखते हैं हनुमानजी

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: अयोध्या की सरयू नदी के दाहिने तट पर ऊंचे टीले पर स्थित हनुमानगढ़ी सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। माना जाता है कि, लंका विजय करने के बाद हनुमान यहां एक गुफा में रहते थे, और राम जन्मभूमि तथा रामकोट की रक्षा करते थे। इसी कारण इसका नाम हनुमानगढ़ या हनुमान कोट पड़ा। यही से श्रीराम भक्त हनुमान रामकोट पर नजर रखते हैं। 

      आपको बता दें कि, रामजन्म भूमि अयोध्या में सबसे पवित्र जगहों में से एक है। रामजन्म भूमि वह जगह है, जहां पर भगवान श्री राम का जन्म हुआ था, और एक मंदिर भी बना था। हनुमानजी हनुमानगढ़ी से राम जन्मभूमि पर नजर रखते हैं। दूसरी ओर वे रामकोट पर भी नजर रखते हैं। अयोध्या के रामकोट अर्थात अयोध्या नगरी का परकोटा। हनुमान टीले से संपूर्ण अयोध्या को देखा जा सकता है। शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थित रामकोट अयोध्या में पूजा का प्रमुख स्थान है। यहां भारत और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का साल भर आना जाना लगा रहता है। 

      रामकोट के प्राचीन गढ़ की जगह है, जो शहर के पश्चिमी भाग में एक ऊंची भूमि पर स्थित है। यह जगह भगवान राम के किले की एक जगह है, जो प्राचीनकल में अस्तित्व में थी। यह वही स्थान है, जहां भगवान राम को कोशल के राज्य और रिश्तेदारी से सम्मानित किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि, शहर को जैनियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, यहां के कुछ महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में हनुमान गढ़ी, कनक भवन, रामकोट गढ़, स्वर्ग द्वार, मनी पर्वत और सुर्गीव पार्वत, नागेश्वरनाथ मंदिर आदि शामिल हैं। अयोध्या में स्मारक अच्छी तरह से बनाए गए हैं, और अच्छे पर्यटन स्थलों के लिए माना जाता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ