सिपाही की तबाही किताब पढ़ कर्मचारी क्रांति के पथ पर अग्रसर।। Raebareli news ।।

 


सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे पेरियार ललई सिंह यादव-मुकेश रस्तोगी

संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया पेरियार का 110वां जन्म दिवस

सिपाही की तबाही किताब पढ़ कर्मचारी क्रांति के पथ पर अग्रसर

29 मार्च 1947 को ललई यादव को बनाया गया राजबन्दी

सामाजिक विषमता का मूल वर्ण व्यवस्था व धार्मिक ग्रन्थों से पोषित

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: पेरियार ललई सिंह यादव का 110वां जन्म दिवस जिले के विभिन्न संगठनों द्वारा संकल्प दिवस के रूप में कोतवाली रोड पर मनाया गया।  इस अवसर पर ललई सिंह यादव के चित्रपर माला व पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धाँजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।  

   आपको बता दें कि, समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष एवं प्रान्तीय व्यापारी नेता मुकेश रस्तोगी ने कहा कि, पेरियार ललई सिंह यादव सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे।  पेरियार ललई सिंह यादव द्वारा लिखी गई किताब सिपाही की तबाही पढ़कर सिपाही क्रांति के पथ पर अग्रसर हुए।     ए.बी.डी.एम. के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश चैधरी ने कहा कहा कि, ललई सिंह यादव ग्वालियर राज्य की आजादी के लिए जनता तथा सरकारी मुल्जिमान को संगठित करके पुलिस और फौज में हड़ताल कराई। पूर्व डीजीसी ओ.पी. यादव ने कहा कि, ललई यादव को पुलिस व आर्मी में हड़ताल कराने के आरोप में धारा-131 भा.द.वि. सैनिक विद्राह के अन्तर्गत साथियों के साथ 27 मार्च 1947 को राजबन्दी बनाया गया, एवं 16 नवम्बर 1947 को पांच साल की सजा हुई।  राष्ट्रीय पासी सेना के अध्यक्ष संजय कुमार पासी ने कहा कि, ललई सिंह यादव का मानना था कि, सामाजिक विषमता का मूल वर्ण व्यवस्था, जाति व्यवस्था, श्रुति, स्मृति, पुराण आदि ग्रंथों से ही पोषित है। सामाजिक विषमता का विनाश सामाजिक सुधार से नहीं अपितु इस व्यवस्था से अलगाव में ही समाहित है।    

     बाराबंकी जनपद के वरिष्ठ व्यवसायी भगवत सिंह सोनी ने कहा कि, पेरियार ललई सिंह यादव का जन्म 1 सितम्बर 1911 को गांव कठारा जिला कानपुर देहात के एक समाज सुधारक सामान्य कृषक परिवार में हुआ था। 1928 में उर्दू के साथ हिन्दी में मिडिल पास किया। 1929 से 1931 तक फारेस्ट गार्ड रहे। 1946 में पुलिस एन्ड आर्मी संघ ग्वालियर कायम करके उसके अध्यक्ष चुने गये।  

     इस अवसर पर शिव किशोर दीक्षित उर्फ झब्बू, धर्मेन्द्र यादव दरियाबादी, आशीष दीक्षित, पूर्व प्रधान अशोक मिश्रा, संतोष कुमार जायसवाल, फैसल भांव, मो0 इमरान खान, देशराज पासी, संदीप यादव, राकेश चैधरी, आशीष पासी, राजेश सोनी, कृष्ण कुमार अग्रवाल, संगम गुप्ता, विजय पासी आदि लोगों ने ललई सिंह यादव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।

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