रात भर गस्त की नौटंकी करती रही पुलिस, गैस एजेंसी का ताला तोड़कर पौने दो लाख रुपए लेकर चोर हुए फरार।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: तहसील क्षेत्र के बछरावां कस्बे के अंदर रात्रि गश्त के लिए लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी व होमगार्ड ड्यूटी पर लगाए जाते हैं। जिनमें अधिकांश अपना जमावड़ा चौराहे पर ही लगाए रहते हैं। क्योंकि रात में कमाई वाली गाड़ियां निकलती हैं। गस्त के नाम पर जिन होमगार्डों की ड्यूटी बाजार के अंदर लगाई जाती है, वह एक स्थान  पर बैठकर अपनी ड्यूटी को अंजाम देते हैं। परंतु उनके बैठे रहने से भी एक दहशत का माहौल बना रहता है।

     आपको बता दें कि, रात्रि के लगभग 12 और एक बजे के मध्य में सायरन लगी एकाध मोटरसाइकिल जरूर दौड़ती है। परंतु यह गस्त इसलिए बेमानी हो जाती है, क्योंकि हुटर की आवाज सुनकर ही अराजक तत्व सावधान हो जाते हैं, इस प्रकार की गस्त का फायदा उठाते हुए विगत रात्रि कुछ चोरों द्वारा पप्पन गैस सर्विस का ताला तोड़कर एजेंसी के अंदर रखें, 1 लाख 54 हजार रुपए इनवर्टर व लैपटॉप आदि गायब कर दिए गए, इस चोरी का पता तब लगा, जब एजेंसी का कर्मचारी सुबह ताला खोलने आया, तो उसने ताला टूटा हुआ पाया। तत्काल पुलिस को खबर दी गई।

     ज्ञात हो कि, यह गैस एजेंसी नेशनल हाईवे के किनारे तथा रायबरेली के बछरावां थाने से मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर है। इस चोरी ने पुलिसकर्मियों से लेकर गैस एजेंसी पर कई प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए है। यह सही है कि, मौजूदा थाना अध्यक्ष एक मेहनती व ईमानदार अधिकारी के रूप में मशहूर हो चुके हैं। थाने को दलाल मुक्त करना उनका  ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। परंतु थाने का अन्य स्टाफ उनकी तरह ईमानदारी बरतते हुऎ भरपूर मेहनत करेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। जिसका नतीजा यह है कि, नेशनल हाईवे के किनारे चोरों द्वारा बेखौफ इस  घटना को अंजाम दिया गया। इससे पूर्व भी तीन घटनाएं ऐसी हुई थी, जिनमें कुछ उचक्को द्वारा  बछरावां के दो व्यापारियों तथा एक दूध वाले के साथ छीना झपटी की जा चुकी है।

      चुंकि यह छीना झपटी 2/4 हजार की थी, अत: एक आध भुक्तभोगी के द्वारा थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया, बाकी लोगों ने झमेले में पढ़ना उचित नहीं समझा था, इस घटना ने पुलिस  द्वारा की जा रही गस्त के  तौर तरीके के साथ-साथ गैस एजेंसी पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वह यह कि, एजेंसी द्वारा  जहां एक साथ अच्छी खासी रकम रखी जाती हो, और जरूरी अभिलेख रखे जाते हो वहां किसी चौकीदार की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। अमूमन इस तरह की एजेंसियों पर रात्रि सुरक्षा के लिए चौकीदारों की नियुक्ति होनी चाहिए। घटना होना एक आम बात है, परंतु सबसे महत्वपूर्ण है, उन अराजक तत्वों की गिरफ्तारी जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है। मौजूदा थानाध्यक्ष के समक्ष यह एक बड़ी चुनौती है। जिसे उन्हें स्वीकार करते हुए चोरी का खुलासा अति शीघ्र करना होगा।

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