महराजगंज/रायबरेली:आरक्षण सूची के महराजगंज ब्लॉकों में चस्पा होने के साथ ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। वैसे तो जिला पंचायत क्षेत्र पंचायत का चुनाव बड़ा है, लेकिन ग्राम पंचायत प्रधानी पद का चुनाव छोटा होते हुए भी बहुत ही अनोखा होता है। सूची के जारी होते ही ग्राम प्रधान प्रत्याशी व उनके समर्थकों की दौड़ गांव की हर गली व हर घरों में शुरू हो गई है।
आपको बता दें कि, विकासखंड की ग्राम सभाओं में सुबह से लेकर शाम तक ग्राम प्रधान के संभावित प्रत्याशी व उनके समर्थक घर-घर पहुंच कर लोगों के पैर छू रहे हैं। उन्हें कॉलोनी, पेंशन, और रोजगार देने की बात कर रहे हैं। इतना ही नहीं प्रधान प्रत्याशी व उनके समर्थकों का प्रचार केवल घरों के मुखिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि घरों के अंदर भी जा जाकर घरों की महिलाओं तक से किया जा रहा है। उनके भी पैर छू कर के प्रत्याशी व समर्थक उन्हें प्रलोभन देने में जुट गए हैं। आरक्षण सूची ने बहुत से पूर्व प्रधानों व सामान्य प्रत्याशियों को विकलांग बनाकर घर पर रहने के लिए बाध्य तो कर दिया है, लेकिन वह भी इस चुनावी समर में कूदने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब हम नहीं तो हमारे की तर्ज पर पूर्व प्रधान व सामान्य प्रत्याशी कार्य करना शुरू कर दिए हैं। कोई अपने मजदूर को तो कोई अपने मित्र को प्रधान बनाने की जोड़-तोड़ में जुट गया है। कुछ भी हो लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सूची चस्पा होने के बाद से प्रधान पद प्रत्याशियों की धमाचौकड़ी काफी बढ़ गई है।
दूसरी तरफ स्वयं प्रत्याशी पद से वंचित किए गए पुराने लोग आरक्षण का कड़वा घूंट पीकर अब किसी को प्रधान, तो किसी को क्षेत्र पंचायत सदस्य, तो किसी को जिला पंचायत सदस्य बनाने का भी आश्वासन देते नजर आ रहे हैं। गांव में चुनाव के साथ ही पैलगी प्रणाम की बयार भी चल पड़ी है। जो कभी किसी के पैर नहीं छूता था, अब वह भी काका-काकी, दादा-दादी, भैया-भाभी व अम्मा आदि कहते हुए पैर छूते व पायलागी कहते हुए देखे व सुने जा रहे हैं। जबकि अभी क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार तेजी से नहीं शुरू हुए हैं।

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