◆सोमवार को महराजगंज कस्बे में दिन भर चला लुका छुपी का खेल एसडीएम और कोतवाल के निकलते ही फिर से खुल जाते थे शटर।
महराजगंज/रायबरेली: प्रशासन और पुलिस द्वारा कोरोना कर्फ्यू को लागू कराने में इस बार पसीने छूट रहे हैं। सोमवार को दिन भर व्यापारियों और पुलिस प्रशासन के बीच लुकाछिपी का खेल होता रहा। इस दौरान सरकार की कोशिशों को पूरा आयाम नहीं मिल रहा है। पुलिस के आते ही धड़ाधड़ शटर गिर जाते हैं, और जैसे ही एक रोड से दूसरे रोड को मुड़ती है, तो दुकानों के शटर तत्काल उठ जाते हैं, और आसपास छुपे ग्राहक सामान के लेनदेन में सक्रिय हो जाते हैं।
गलियोंं मे भ्रमण कर लॉक डाउन का जायजा लेते पुलिसकर्मीखास बात यह है कि, एक मोहल्ले के व्यापारी प्रशासन की टुकड़ी के भ्रमण पर निकलने की सूचना मोबाइल से दूसरे मोहल्ले के दुकानदारों को दे देते, जिससे व्यापारी चौकाने हो जाते और शटर गिराकर स्वयं अंदर रहकर मोबाइलों के जरिए पता लगाते कि, अब प्रशासनिक काफिला किस क्षेत्र में है। सहालक के इस मौसम में ग्राहक भी कम चतुराई नहीं दिखा रहे हैं, वह भी बाजार की गलियों में छिपकर पुलिस प्रशासन की नजर बचाकर खरीदारी करने में जुट जाते थे, इस बात की जानकारी भी कोतवाल रेखा सिंह को हुई, तो उन्होंने उप निरीक्षक जमुना प्रसाद त्रिपाठी को निर्देश दिया कि, दो-तीन सचल पुलिस टीमें हमेशा मूवमेंट में रखी जाएं, और जहां कहीं लोग लॉक डाउन का उल्लंघन करते दिखे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।
पुलिस दल के मोबाइल होने के बावजूद छुटपुट दुकानों के खुलने का सिलसिला जारी रहा। यह दृश्य देखकर जागरूक लोगों का कहना है कि, इतनी बड़ी तादाद में पुलिस बल तो है नहीं, की हर मोहल्ले में लोग तैनात किए जाएं। जब लोग स्वयं ही इस मौजूदा स्थित की भयावहता देखकर सबक नहीं ले रहे हैं, तो शासन प्रशासन ही क्या करें।
आपको यह भी बता दें कि, बीते 15 दिनों में अकेले महराजगंज कस्बे में 20 से अधिक लोग अपनी जान गवा चुके हैं। कई को तो कोरोना के लक्षण की पुष्टि हुई थी, बाकी कोरोना के लक्षण के चलते मौत के गाल में समा गए। फिर भी लोग समझने को तैयार नहीं।





0 टिप्पणियाँ