◆पंचायत चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित प्रधानों ने गिनाई प्राथमिकता।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: पंचायत चुनाव के बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को अगले 5 साल गांव के विकास पर ध्यान देना होगा। लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। जिस विश्वास के साथ मतदाताओं ने प्रधान को जिताया है। उस विश्वास को मजबूत बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। जिन्हें पहली बार प्रधानी की कुर्सी मिली है, उनके लिए अब इम्तिहान की घड़ी शुरू हो गई है। दूसरी या तीसरी बार प्रधान बने दावेदारों की राह भी आसान नहीं है। उन्हें भी चुनाव में किए गए वादे पूरे करने होंगे।
रायबरेली जिले के महराजगंज विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मऊ में भेलई मौर्य ने बनाया जीत का रिकॉर्ड।
मऊ गांव से प्रधान बने भेलई मौर्य ने सबसे अधिक वोट से जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया है। उन्हें 2129 वोट मिले, और निकटतम प्रतिद्वंदी वासुदेव यादव को 1194 मतों से के अंतर से पराजित किया। सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गई। यह कहते हैं, अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
हरिकरन उर्फ गुड्डू सिंह और बृजलाल ने लगाई जीत की हैट्रिक।
इसी तरह कक्केपुर से हरीकरन उर्फ गुड्डू सिंह और ग्राम पंचायत चंदापुर से बृजलाल ने जीत की हैट्रिक लगाई है। यानी कि, यह दोनों तीसरी बार प्रधान बने हैं। हरकरन प्रगतिशील किसान भी है। जिन्होंने प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रखा है। वहीं बृजलाल ने अपने चंदापुर को सोलर गांव बनाया था, इन दोनों के कार्यो की बदौलत ही जनता ने उन्हें फिर से प्रधान की कुर्सी पर बैठाया है। अब उन्हें इस दायित्व को निभाते हुए जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।
किसी की पत्नी तो किसी के ससुर व बाबा रह चुके प्रधान।
महराजगंज विकासखंड क्षेत्र की कुछ ग्राम पंचायतें ऐसी है, जहां नवनिर्वाचित प्रधानों के परिवार में ही प्रधानी थी। ग्राम पंचायत ज्योना से प्रधान निर्वाचित हुए उमेश कुमार गांव के विकास को लेकर खाका तैयार कर चुके हैं। बस काम शुरू करने की देरी है। यहां पर इससे पहले उनकी पत्नी प्रधान थी। इसलिए उन्हें हर समस्या की जानकारी है। गांव वालों की उम्मीदें भी पता है। दूसरी तरफ ग्राम पंचायत कोटवा मदनिया से आरती लोधी चुनाव जीती हैं। जिनके ससुर सत्रोहन वर्मा प्रधान रह चुके हैं। इसलिए आरती को अपनी जिम्मेदारी बखूबी पता है। वह कहती हैं कि, गांव का विकास कराना ही उनकी प्राथमिकता है। इसी तरह ग्राम पंचायत ओथी से प्रधान बने सुनील मौर्य ने भी अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि, गांव में विकास कार्य कराना है। उनके बाबा महादेव भी प्रधान रह चुके हैं।
पहली बार प्रधान बनने वालों के लिए चुनौती भरा होगा कार्यकाल, चुनाव जीतने के बाद उत्साहित हैं प्रधान, विकास कराने का किया वादा, प्रधान बोले मुश्किलों का करेंगे सामना, नहीं टूटने देंगे किसी की उम्मीद।
महराजगंज विकासखंड क्षेत्र की अलग-अलग ग्राम पंचायतों में पहली बार प्रधान बनने वाले लोग गांव के विकास का सपना संजोए हैं। ग्राम पंचायत सिकंदरपुर से प्रधान चुनी गई संध्या सिंह कहती हैं कि, वह विकास कार्य को प्राथमिकता देंगी। उन्हीं के परिवार में काफी लंबे समय तक प्रधान की जिम्मेदारी रही है। जबकि अटरा ग्राम पंचायत से चुनाव जीतने वाले सुखनंदन कहते हैं कि, भ्रष्टाचार मुक्त गांव बनाना उनका मकसद है। इसी तरह ग्राम पंचायत हरदोई से चुनाव जीते प्रधान मैकूलाल भी सपना संजोए हैं।





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