रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: कल की भांति आज भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जनपद में कार्यरत संविदा आयुष चिकित्सकों द्वारा काली पट्टी बांधकर सरकार के विरोध में अपना कार्य संपादित किया गया।
आपको बता दें कि, आयुष डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉक्टर अनिल गुप्ता द्वारा बताया गया कि, कोविड 19 जैसे महामारी में उत्तर प्रदेश में तैनात 5,000 संविदा आयुष चिकित्सक फ्रंट लाइन में अपनी सेवा दे रहे हैं। जैसे आरआरटी टीम, डीएम कंट्रोल रूम, सैंपलिंग, डोर टू डोर होम आइसोलेशन मरीज की जांच करना, एल-1, एल 2 कोविड हॉस्पिटलों में सेवा देना आदि कार्य शामिल है। आज 12 वर्षों से हम लोग की पीड़ा को सुनने वाला कोई नहीं है। जब भी जाओ आश्वाशन के शिवा कुछ नहीं मिलता, और इस महामारी में तो करीब 50 संविदा साथी शहीद हो चुके हैं।
शहीदों को मिलने वाली बीमा राशि में भी सरकार द्वारा हीला हवाली की जा रही है। आज दूसरे दिन भी सरकार से हमारी आवाज सुनने के लिए कोई नहीं आया, अगर यूं ही चलता रहा तो, हम सभी प्रदेश के संविदा आयुष चिकित्सक कुछ बड़ा कदम उठाने को मजबूर हो जाएंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। आज भी विरोध प्रदर्शन में शामिल डॉ सुफैल अंसारी सीएससी जगतपुर, डॉ जीके चौरसिया सीएससी खजूर गांव, डॉ आभा शुक्ला सीएससी डलमऊ, डॉ महेंद्र मौर्य सीएससी बेला भेला, डॉ फहीम, डॉ पूनम गुप्ता, डॉ अशोक सरोज, डॉ मीना गुप्ता, डॉ हीरालाल वर्मा सीएससी हरचंदपुर और डॉ शशांक शुक्ला सीएससी सरेनी शामिल रहे।


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