रायबरेली पुलिस के संरक्षण में वन माफियां बने हरियाली के दुश्मन।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

हरचंदपुर/रायबरेली: थाना क्षेत्र के दर्जनों गांव में कोरोना महामारी की आपदा को अवसर समझ बैठे वन माफियाओं का तांडव देखा जा सकता है। बैठकों में पर्यावरण संरक्षण व पौधरोपण का ढिंढोरा पीटने वाला विभाग और इनके संरक्षण का ढोंग करने वाले अधिकारी व कर्मचारीयों का असली मकसद तो अपनी जेबें भरना लगता है। जिसका लकड़ी माफिया पूरा लाभ ले भी रहे है। वन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि, दिनदहाड़े फलदार हरे आम के पेड़ों पर आरा चल रहा है। संबंधित विभागीय अधिकारी सब देखकर भी मौन बने रहते है। पुलिस, वन विभाग व लकड़ी ठेकेदारों की सांठ गांठ से हरे पेड़ों पर धड़ल्ले से आरा चलाया जा रहा है।

    आपको बता दें कि, हरचंदपुर थाना क्षेत्र के दर्जनों गांव में अवैध कटान चरम सीमा पर है वन माफिया क्षेत्र में प्रतिबंधित आम महुआ नीम शीशम आदि वृक्षों पर आरा चलाने से बिल्कुल भी नहीं घबरा रहे, वह लगातार क्षेत्र में हरियाली उजाड़ने पर तुले हुए हैं। स्थानीय पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से वन माफियाओं के हौसले बुलंद है। वन माफिया खुलेआम दिन और रात लगातार क्षेत्र में प्रतिबंधित वृक्षों को नेस्तनाबूद करते जा रहे हैं।


   हल्का दरोगाओ की मिलीभगत से क्षेत्र में लगातार वन माफियाओं का तांडव बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां कोरोना महामारी में पूरे देश में ऑक्सीजन की भारी किल्लत देखने को मिल रही है, तो वहीं रायबरेली के हरचंदपुर में वन माफियाओं के द्वारा ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों को नेस्तनाबूत किया जा रहा है। हरचंदपुर चौराहे से जैसे ही प्रतिबंधित लकड़ियों से लदी ट्रैक्टर ट्राली और पिकअप गाड़ियां गुजरती है, वैसे ही यहां खड़े दरोगा और पुलिसकर्मी पीछे लग जाते हैं, तथा आगे जाकर वन माफियाओं से पैसे वसूलते हैं, और अपनी जेब गर्म कर वापस लौट आते। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, हरचंदपुर पुलिस का यह कारनामा सालों से देखा जा रहा है। प्रदेश की योगी सरकार पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए तरह-तरह की व्यवस्थाएं कर रही है, इसके बावजूद हरचंदपुर थाने में तैनात दरोगा और सिपाही सरकार के मंसूबे पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं।


   यहां के लोगों का कहना है कि, जल्द ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग नहीं जागा, तो वन माफिया क्षेत्र को हरियाली मुक्त कर देंगे। स्थानीय लोगों का तो यहां तक कहना है कि, क्षेत्र में अवैध कटान अवैध खनन और अवैध शराब का कारोबार दर्जनों गांव में पुलिस की जानकारी और संरक्षण में फल फूल रहा है। यहां विभागीय उदासीनता के चलते पेड़ लगाने के स्लोगन को धता बताते हुए, हरे भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। वन माफियाओं द्वारा उजाड़ी जा रही हरियाली के बाद यह जरूर सिद्ध होता है, कि किस कदर क्षेत्र में हरे पेड़ों पर वन विभाग, पुलिस व लकड़ी के ठेकेदारों की आपसी सांठगांठ के साथ आरा चलाया जा रहा है। हरे-भरे बागों उजाड़ने में वन माफिया कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं।

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