प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों से करेंगी सवाल, "बताओ जिम्मेदार कौन"


रिपोर्ट अनिल शुक्ला

नई दिल्ली: कोरोना से जंग में कहां कैसी चूक हुई है, इसको लेकर विपक्षी नेता केंद्र सरकार पर कई तरह के आरोप लगा रहे हैं। खासतौर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने तो सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों पर सवालों की बौछार कर दी है। मौजूदा समय में वैक्सीन से लेकर भविष्य में कोरोना से जंग की क्या तैयारियां हैं, अब दरोगा के अंदाज में लोगों की तरफ से प्रियंका गांधी ऐसे कई सवालों का जवाब प्रधानमंत्री मोदी से लेना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने फेसबुक को माध्यम बनाया है।

    आपको बता दें कि, प्रियंका गांधी ने विगत मंगलवार को कहा कि, वे फेसबुक पर अपनी पोस्ट डालती रहेंगी। अपनी हर पोस्ट में प्रियंका गांधी 'प्रधानमंत्री' मोदी से सवाल करेंगी, बताओ जिम्मेदार कौन। उन्होंने कहा, कोरोनाकाल में अनगिनत जानें सरकारी लापरवाही के चलते गई हैं, ऐसे में सरकार से सवाल पूछे जाने जरूरी हैं। कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने दो तीन दिन पहले भी अपनी फेसबुक पर एक कहानी पोस्ट की थी। इस कहानी को पढ़ने के बाद यह अहसास हो जाता है कि, कहानी का ईशारा किस ओर है। जहाज का तूफान में फंसना, सब मालूम होते हुए कैप्टन का गायब हो जाना, अपनी सुरक्षा से जुड़ी कई आवश्यक चीजें दूसरे जहाजों को दे देना, और यात्रियों ने जब बहुत कुछ खोकर स्थितियां संभाली तो एकाएक कैप्टन का जहाज पर प्रकट हो जाना। प्रियंका गांधी की यह कहानी 'कोरोनाकाल' के अहम किरदारों से बहुत अधिक मेल खाती हुई दिखाई दे रही थीं। 

     प्रियंका गांधी ने कहा है कि, ‘बताओ जिम्मेदार कौन’ इसके तहत फेसबुक पर लगातार पोस्ट डालती रहेंगी। उन्होंने लिखा, जब कोरोना की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचानी शुरू की और देश के नागरिक बेड, ऑक्सीजन, वैक्सीन और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय देश की सरकार से लोगों को उम्मीद थी कि, वह इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए पहले की तैयारियों एवं देश में उपलब्ध संसाधनों का पूरा इस्तेमाल कर लोगों की जान बचाने की खातिर कुछ करेगी। यहां स्थिति कुछ और ही दिखाई पड़ी। 

    उन्होंने कहा कि, सरकार पूरी तरह से मूकदर्शक बन गई है। पूरे देश में एक पीड़ादायी स्थिति पैदा हुई। देश की सरकार के पास तैयारी के नाम पर केवल लापरवाही की तस्वीर थी।   वैक्सीनों का निर्यात करना, ऑक्सीजन के निर्यात को 2020 में दुगना करना, दूसरे देशों की तुलना में जनसंख्या के अनुपात से बहुत कम वैक्सीन होना, बहुत देर से ऑर्डर जारी करना आदि जैसे कई बिंदु हैं, जिस पर सरकार का व्यवहार एकदम गैर-ज़िम्मेदाराना रहा है। फेसबुक पर प्रियंका ने लिखा, दूसरी लहर के दौरान मौतों के आंकड़े बताते हैं कि, इसका कहर कितना घातक था। देशभर में नागरिकों की कई सारी दर्दनाक तस्वीरें आईं। पूरे देश ने वे दिन बेहद पीड़ा के साथ काटे हैं। कितनों का कोई प्यारा गुजर गया। आज जब प्राकृतिक रूप से यह लहर थोड़ी थम रही है, तब अचानक सरकार अपनी मीडिया और मशीनरी के द्वारा फिर से दिखने लगी है। फिर से हमारे प्रधानमंत्री और उनके मंत्री आगे आकर बयान देने लगे हैं। हम यहां पहुंचे कैसे, जबकि दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादकों में से हम एक हैं।   ऑक्सीजन उत्पादक में से भी हम एक हैं। जिस देश के डॉक्टर विश्वभर में मशहूर हैं, आज हम इस मुक़ाम पर कैसे पहुंचे कि, ऑक्सीजन, बेड्स और वैक्सीन की कमी से हमारे देशवासी अपनी जान दे रहे हैं। हर एक भारतीय नागरिक की जान कीमती है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है। जिन लोगों ने अपने परिजन खोए हैं, उनके प्रति जवाबदेह है, ऐसे में सरकार से हर एक मुद्दे पर बेबाक सवाल पूछे जाने जरूरी हैं। 

    प्रियंका के अनुसार, अनगिनत जानें सरकारी लापरवाही के चलते गई हैं, इसलिए सवाल पूछे जाने जरूरी हैं। सवाल पूछना इसलिए भी जरूरी है, ताकि आगे की तैयारियों को लेकर सरकार देश के नागरिकों के सामने पारदर्शिता के साथ पूरा खाका रखे। कुर्सी पर बैठे हुए लोगों को इस देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी और अपनी जवाबदेही समझ में आए, इसलिए ये पूछना पड़ेगा कि, ज़िम्मेदार कौन है। आने वाले कुछ दिनों तक मैं 'ज़िम्मेदार कौन' के तहत आप सबके सामने कुछ तथ्य रखूंगी, जिससे मौजूदा दयनीय स्थिति की वजह को आप समझ सकेंगे। आपकी तरफ से मैं केंद्र सरकार से कुछ सवाल पूछूंगी जिनका जवाब देना आपके प्रति उनका कर्तव्य है। प्रियंका ने लिखा, आपके सहयोग और सुझावों का स्वागत है।

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