CM व DM के कार्यो की रायबरेली स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन ने की प्रशंसा।। Raebareli news ।।

माँगे पूरी होने पर जिलाधिकारी सहित मुख्यमन्त्री को किया धन्यवाद ज्ञापित
स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन देकर मान्यता नियमावली में संशोधन की मांग की थी
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल मान्यता नियमावली में संशोधन कर जारी की गई नई मान्यता नीति की रायबरेली में स्कूल्स मैनेजर्स एसोसिएशन द्वारा एक स्वर से सराहना की गई। 
      आपको बता दें कि, एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि, निजी विद्यालय संगठन की मांग पर मान्यता नीति में बदलाव किया गया है। जूनियर हाईस्कूल तक मान्यता के लिए विद्यालय के पक्ष में भवन की रजिस्ट्री अनिवार्य किये जाने की व्यवस्था को नई नियमावली में समाप्त किया गया है, जिससे विद्यालय संचालकों में खुशी की लहर है।
      नई नियमावली के तहत अब जूनियर हाईस्कूल तक की मान्यता लीज या रजिस्टर्ड किरायेनामे के भवन पर दी जा सकेगी। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक अरविन्द श्रीवास्तव एडवोकेट ने कहा कि, अनएडेड मान्यता प्राप्त विद्यालय आरटीआई के तहत पच्चीस प्रतिशत निर्धन बच्चों को शासन की मंशा के अनुसार सहर्ष शिक्षा प्रदान करने हेतु कृत संकल्पित है, किन्तु शासन से मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति की धनराशि बढ़ाकर रूपये बीस हजार वार्षिक प्रति बच्चे के अनुसार की जाए। 
     वहीं संरक्षक अनिमेष श्रीवास्तव एवं शिवेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि, निजी विद्यालयों की आधारिक संरचना, आधुनिक व्यवस्था एवं डिजिटल स्मार्ट क्लास आदि नई तकनीक के होती हैं, जिनकी व्यवस्था देने में अत्यधिक व्यय होती है, किन्तु आर.टी.आई. के तहत भेजे गये बच्चों की फीस बहुत कम होती है, जिससे निजी विद्यालयों के संचालन में अनेकों प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नेताद्वय ने जिलाधिकारी रायबरेली को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि, उन्होनें प्रबन्धकों और संचालकों की मुश्किल को समझते हुए अपनी संस्तुति शासन को की, जिसके लिए सभी विद्यालय परिवार उनके आभारी हैं। जिलाधिकारी एक कार्यकुशल और दक्ष अधिकारी है, पूर्व में विधान सभा चुनावों में अमरोहा माडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाना, शाहजहाँपुर, हरदोई, आगरा का इनका कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है। 
      कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में बने एैप और कार्यप्रणाली की चहुओर प्रशंसा हो रही है और अब छोटे-छोटे स्कूल परिवारों को मान्यता नियमावली में संशोधन की संस्तुति निश्चित रूप से अविस्मरणीय रहेगी।

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