◆ओरीदास बाबा मंदिर पर पूजा में लीन पति को चकमा देकर भागी दुल्हन।
◆ना हाथ की मेहंदी छूटी ना पैर का महावर।
शिवाकांत अवस्थीमहराजगंज/रायबरेली: उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले के महराजगंज में ससुराल पहुंची नई नवेली दुल्हन ने शादी के बाद पति के साथ सुहागरात नहीं मनाई। पति सुहागरात के लिए कहता रहा लेकिन नई नवेली दुल्हन ने बहाना बताकर टाल दिया, ना हाथ की मेहंदी छूटी और न पैर का महावर, 72 घंटे के भीतर ही राहें जुदा हो गई।
आपको बता दें कि, वह बड़े अरमान के साथ आंखों में तमाम सपने संजोए धूमधाम से बारात लेकर पहुंचा। धूम-धड़ाके के साथ बारात का स्वागत हुआ, दोस्तों और रिश्तेदारों ने जमकर डांस किया, सारी रस्में अदा की गई। जीवन भर साथ निभाने के लिए कसमें खाते हुए पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे भी लग गए। दूल्हा दुल्हन को विदा कराकर घर भी ले आया, रात बीत गई, कहते हैं दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई। अगले दिन सुबह क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिर में वर वधू दर्शन करने पहुंचे। पति पूजा में लीन हुआ, तो पत्नी वहां से बगैर कुछ बताएं भाग खड़ी हुई। पत्नी की तलाश में पति और रिश्तेदार जुट गए। काफी मशक्कत के बाद लाल लिबास में लिपटी पत्नी मिल तो गई, लेकिन उसने बतौर अपने घर जाने से इनकार कर दिया। बवाल खड़ा हो गया। आनन फानन पत्नी के मां-बाप और रिश्तेदारों को खबर की गई। मामला पुलिस की चौखट पर भी पहुंचा, लेकिन पत्नी ने विवाह को जबरन थोपी गई बात कहते हुए अपने प्रेमी का हवाला देते हुए उसके साथ किए गए वादों को निभाने की जिद पर अढ़ गई। अंततोगत्वा दोनों पक्षों ने उसके आगे हथियार डाल दिए और आपस में बैठकर 72 घंटे पहले हुई शादी को रद्द करते हुए अलग अलग रहने का लिखित फैसला स्वीकार कर लिया। आपको यह भी बता दें कि, यह पंक्तियां किसी उपन्यास या कहानी का अंश नहीं। यह वास्तव में घटी एक घटना है, उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले के महराजगंज कस्बे से विगत 30 तारीख को एक युवक की बारात माखन का पुरवा मजरे भाव थाना जगतपुर गई हुई थी, जहां शादी की सारी रस्में निभाई गई। गोले तमाशे दगे, अगवानी के साथ-साथ द्वारचार और विवाह की रस्म पूरी की गई। इसके उपरांत दूल्हा दुल्हन को लेकर 31 मई 2021 को घर वापस आ गया। सब कुछ सामान्य था। बकौल परिवारीजनों ने रस्मो रिवाज के साथ पति और पत्नी को एक कमरे में बंद भी किया गया। लेकिन पति ने दावा किया कि, पत्नी ने उस रात वैवाहिक संबंध बनाने से मना करते हुए अगले दिन मंदिर में साथ-साथ दर्शन करने की इच्छा जताई। 1 जून 2021 की सुबह पति पत्नी और कुछ नजदीकी रिश्तेदारों को लेकर क्षेत्र के मोन गांव स्थित प्रसिद्ध धर्म स्थली बाबा ओरीदास जी के मंदिर पहुंच गए। पति और पत्नी पारंपरिक वैवाहिक वेशभूषा में सजे हुए थे, पति पूजा में संलग्न हो गया। मौका पाकर पत्नी चुपचाप वहां से भाग निकली, और सड़क पर आकर आने जाने वाले वाहनों को रुकने का इशारा करने लगी। अंत में एक स्कूटी सवार युवती ने स्कूटी की गति जैसे ही धीमी की नवविवाहिता स्कूटी पर बैठ गई इतने में दर्शन करने साथ गए रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए, और विवाहिता को जबरन स्कूटी से उतार लिया। इस दौरान विवाहिता ने शोर मचाया तो, आसपास के लोग दौड़े, किंतु रिश्तेदारों द्वारा वाकिया बताने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने शांत हुई नवविवाहिता को महराजगंज लेकर आए। समझाने बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुई। आखिरकार विवाहिता के पिता चाचा आदि समेत दोनों पक्ष थाने पहुंचे, किंतु पुलिस वालों ने यह मामला घरेलू होने की बात कहते हुए आपस में सुलझाने की सलाह दी। घंटों चली पंचायत के बाद विवाहिता ने अपने प्रेम प्रसंग का खुलकर हवाला देते हुए कहा कि, उसकी शादी मां बाप ने उसकी इच्छा के बगैर जबरन कर दिया है। वह इस रिश्ते को नहीं मानती है, और किसी भी कीमत पर अपने प्रेमी के अलावा अन्य पुरुष को नहीं स्वीकार करेगी। विवाहिता के जिद पर अड़े रहने की वजह से दोनों पक्षों के अभिभावकों ने हथियार डाल दिए, और लिखित रूप में वर पक्ष को लिखकर दे दिया कि, यह शादी सामाजिक और कानूनी तौर पर मान्य ना की जाए, अपनी शिक्षा से लड़की अपने साथ वह ले जा रहे हैं। इसके बाद विवाहिता अपने पिता और चाचा आदि के साथ चली गई। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।






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