रायबरेली: प्रियंका गांधी शनिवार को सबसे पहले सिविल लाइंस स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर पहुंच कर उनका पुष्पार्चन और प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। महान स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के दो बार अध्यक्ष रहे सुभाषचंद्र बोस अपनी धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी नीतियों के लिए विख्यात हैं। अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ उनकी आज़ाद हिंद फ़ौज की लड़ाई और क़ुर्बानी आज भी लाखों भारतीयों को प्रेरणा देती है। उनकी प्रेरणा हम भारतीयों के लिए अनुकरणीय है l
आपको बता दें कि, इसके बाद प्रियंका ने गोल चौराहा स्थित झलकारी बाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। 1857 क्रांति की महान योद्धा झलकारी बाई, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की नियमित महिला सेना 'दुर्गा दल’ की सेनापति थीं। रानी झाँसी की हमशक्ल कही जाने वाली झलकारी बाई ने अंग्रेज़ों को रानी के वेश में लड़ते हुए रोका था जिससे रानी लक्ष्मीबाई झाँसी के क़िले से निकलने में सफल रहीं। झलकारी बाई अंग्रेज़ों से लड़ते हुए शहीद हो गयी थीं l उनकी शहादत नें इस देश की नींव बनाई l
गोल चौराहे से निकलकर प्रियंका ने नेहरू नगर स्थित अवध के महान योद्धा राणा बेनी माधव बख्श सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन किया। शंकरपुर के राणा बेनीमाधव 1857 की क्रांति के नायक कहे जाते हैं। राणा बेनी माधव सत्तावनी क्रांति का संचालन कर रहीं अवध की बेग़म हज़रत महल के साथ मिलकर लगातार लड़ते रहे और कभी अंग्रेज़ों की गिरफ़्त में नहीं आये। अवध की लोकस्मृति में आज भी ‘अवध में राणा भयो मर्दाना’ जैसे गीत गूँज रहे हैं।
रायबरेली शहर की सिद्धपीठ कहे जाने वाले मनसा देवी मंदिर में दर्शन करने भी प्रियंका गांधी पहुँचीं। मनसा देवी मंदिर रायबरेली का सबसे प्राचीन और लोकमान्य स्वयंभू मंदिर है। पुराणों के अनुसार शिव और पार्वती की पुत्री मानी जाने वाले मनसा देवी ऋषि आस्तीक की माँ हैं जिन्होंने जनमेजय के यज्ञ से नागों की रक्षा की थी। क्षेत्र के लोग मुंडन-छेदन से लेकर तमाम मंगलिक कार्य मनसा देवी मंदिर के परिसर में सम्पन्न कराते हैं। यहाँ पहुंच कर प्रियंका जी मातारानी का आशीर्वाद लेकर देश में सौहार्द की मंगलकामना की l
प्रियंका ने उसके बाद गुरुनानक नगर स्थिति गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा में भी मत्था टेका। यहाँ के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगरूप सिंह ने लोकसभा चुनाव में राहुल गाँधी की सफलता के लिए अरदास की और सरोपा भेंट किया।
अपनी रायबरेली प्रवास के दौरान प्रियंका गांंधी ने जहाँ रायबरेली और अमेठी वासियों के साथ अपने परिवार का पुराना रिश्ता प्रगाढ़ करने में सफलता हासिल की वहीं दशकों पहले उनकी दादी और पिता के सहयोगी रहे लोगों से भावुक मुलाकातें भी की। इसी कड़ी में प्रियंका गांधी ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, कांग्रेस के पूर्व विधायक और ज़िला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष स्व.कमलनयन वर्मा के बेटे चौधरी कमलाकर वर्मा के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने उनके गाँव रसूलपुर कुंडा पहुँचीं। कमलाकर वर्मा काफ़ी दिनों से अस्वस्थ हैं। कमलाकर वर्मा कैंसर की बीमारी से ग्रस्त है,और इस वक्त उनकी कीमोथेरेपी चल रही है। कमलाकर वर्मा के पिता स्व कमल नयन वर्मा 1959 से 1985 तक सताव के ब्लाक प्रमुख रहे, इसके बाद 1985 से 1951 तक सताव वर्तमान में हरचंदपुर विधानसभा के विधायक रहे। उन्होंने 15 साल तक रायबरेली जिलाध्यक्ष के रूप में पार्टी की सेवा की। प्रियंका जी ने उनसे मिलकर शीघ्र स्वस्थ होने के लिए उन्हें शुभकामना दी।

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