रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: सोमवार को महराजगंज क्षेत्र समेत जिले भर में जन्माष्टमी पर्व की धूूम रही। मंदिरों और घरों पर झांकियां सजाई गईं। इनमें बच्चों ने राधा और कृृष्ण की वेशभूषा धारण कर लोगों को आकर्षित किया। पूजन-अर्चन के साथ ही आरती करके प्रसाद बांटा गया। भजनों पर भक्त झूमते नजर आए।
आपको बता दें कि, कोतवाली महराजगंज स्थित मंदिर में धूूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाई गई। राधा-कृष्ण की झांकियों ने सबका मन मोह लिया। कोतवाल बालेंदु गौतम ने पूजन अर्चना किया। भगवान का जन्म होने के बाद प्रसाद वितरण हुआ। युवा पत्रकार पवन कुमार ने कीर्तन कार्यक्रम में ऐसा समां बांधा कि, सभी भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में झूमने लगे।
इसके अलावा मऊ स्थित बाजार चंद्रमूलगंज में जमोनिया ग्राम प्रधान अंजनी कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान पर सजाई गईं झांकियों ने सबका मन मोह लिया। प्रधान अंजनी गुप्ता, उनके छोटे भाई पवन गुप्ता समेत परिवार के लोगों ने पूजा अर्चना किया और प्रसाद वितरण किया गया। भक्तिमय कार्यक्रम रात भर चलता रहा जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इसी क्रम में बछरावां थाने में थानेदार ओमप्रकाश तिवारी की अगुवाई में जन्माष्टमी मनाई गई। इसके अलावा कस्बे के विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी मनाई गई। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेने पर प्रसाद वितरण किया गया। बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में नजर आकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
शिवगढ़ थाने में थानेदार श्याम कुमार पाल की अगवाई में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कोतवाल श्याम कुमार पाल ने पूजा-पाठ के बाद भक्तों में प्रसाद वितरण किया। इस दौरान भक्ति गीतों पर नृत्य हुआ।
जन्माष्टमी के मौके पर जमुरावां गांव में भी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान और उनके प्रतिनिधि मोनू त्रिपाठी के संयोजकत्व में बांके बिहारी गोवर्धन गिरधारी का अवतरण दिवस "श्री कृष्ण जन्माष्टमी" पर झांकी सजाई गई।
महराजगंज ब्लॉक के कोटवा मोहम्मदाबाद ग्राम सभा में भी ग्राम प्रधान अरुण कुमार सिंह उर्फ दद्दू की अगुवाई में जन्माष्टमी मनाई गई।
इसके अलावा क्षेत्र के मुरैनी, ताजुद्दीनपुर, ज्योना, चंदापुर, अशरफाबाद, सिकंदरपुर, माझगांव, हलोर, पुरासी, जमुरवां, कुबना, कैर, ओथी आदि गांवों में भी जन्माष्टमी के मौके पर भजन कीर्तन हुए। बालकृष्ण की विविध लीलाओं पर गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति करके ग्रामीण अंचल के बच्चों ने सबको ओतप्रोत कर दिया। बच्चों द्वारा कंस कारागार, माखन लीला का भी चित्रण किया।



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