विनय कुमार गुप्ता
रुद्रपुर/देवरिया: स्थानीय रामजी सहाय पी0जी0 कॉलेज के सुमित्रा सहाय सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में एनएसएस का स्थापना दिवस मनाया गया, जिसमें स्वयं सेवकों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस के लक्ष्य गीत द्वारा हुई, कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष, प्रो.संतोष कुमार यादव ने की।
आपको बता दें कि, मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षा शास्त्र विभाग के असि. प्रोफेसर डॉ. शरद वर्मा ने कहा कि, स्वामी विवेकानंद का कहना था कि, युवाओं में छात्रों की स्थिति दूध में मक्खन की तरह है और स्वयंसेवक इसका एक आदर्श रूप, भारत दुनिया में सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश है, युवा ही देश की दिशा और दशा तय करता है राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना ही इसी उद्देश्य से की गई है कि, युवाओं की ऊर्जा को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाए ताकि उनकी ऊर्जा और क्षमता जाया न हों। युवा का उल्टा वायु होता है, जिस तरह तेज वायु में परिवर्तन की क्षमता होती है उसी तरह युवाओं में भी।
विशिष्ट वक्ता डॉ. आनंद मोहन ने कहा कि, किसी भी देश की तरक्की में युवाओं की महती भूमिका होती है, स्वयं सेवकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। विशिष्ट वक्ता डॉ. अजय कुमार पांडेय ने एनएसएस की स्थापना और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। अनुशासित स्वयंसेवक ही देश की प्रगति में और लोगों की सेवा में तत्पर हो सकता है।
अपने अध्यक्षीय उदबोधन में प्रो.संतोष कुमार यादव ने कहा कि, किसी भी कार्यक्रम की सफलता तभी होती है जब उसके उद्देश्य की प्राप्ति हो जाए, एनएसएस की स्थापना भी इसी उद्देश्य से की गई है, आज पूरे देश में एनएसएस के स्वयं सेवकों ने अपनी सेवा भावना से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने एनएसएस की स्थापना से जुड़े कई संस्मरण भी सांझा किए।
कार्यक्रम में डॉ गौरव पांडेय, नितेश, इरफान अंसारी साधना निषाद, आंचल गौड़, प्रिया साहनी, संजना पांडेय ने भी विचार व्यक्त किया। साहिन अख्तर और अर्चिता पांडेय ने राधा _कृष्ण पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुधीर कुमार दीक्षित तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ देवेंद्र कुमार चौहान ने किया।

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