रायबरेली में एक ही घर में 40 से 42 बार रहस्यमय ढंग से आग लगने की घटना बनी चर्चा का विषय, जांच में जुटी पुलिस

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में घर के अंदर 40 से 42 बार अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। तीन दिन से अचानक आग लगने से पीड़ित परिवार व ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना पर पहुंची महाराजगंज एसडीएम रश्मि लता क्षेत्राधिकारी यादवेंद्र बहादुर पाल, कोतवाल बलेन्दु गौतम ने भी आज बुधवार को गांव पहुंचे और घर की छानबीन कर घटना के कारणों का पता लगाने में जुटे हुए है। किंतु आग लगने के असली करणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि, मामला अंधविश्वास से प्रेरित है।

    आपको बता दें कि, कोतवाली क्षेत्र के सिकंदर पुर गांव निवासी सूर्यभान सिंह बकौल घर में सोमवार सुबह से बुधवार तक लगभग 40 से 42 बार अचानक आग लगने की घटना हो चुकी है। जिससे उनका पूरा परिवार दहशत में है। बताते हैं कि, तीन दिन पहले ही वो गुजरात के पाटन जिला में स्थित सिद्धपुरा स्थान से मां का श्राद्ध करके वापस लौटे हैं। उसके बाद से ही उनके घर में आग लगने का रहस्यमय सिलसिला जारी है। 

     बार बार आग लगने से घर के  पर्दे, कपड़े, अनाज, भूसा समेत कीमती सामान आदि जलकर खाक हो गए हैं। उनका परिवार डर व दहशत के कारण दो दिन से परेशान है। 

      सिकंदर पुर ग्राम प्रधान डब्बू सिंह ने बताया कि, वह चश्मदीद है उनके सामने भी दो बार देखते ही देखते बेड पर रखी साड़ी और टांड के ऊपर लगा पर्दा में आग लगी और जल गया। बार बार आग लगने की घटना होने के डर से उनके घर का बिजली कनेक्शन भी कटवा दिया गया है। फिर रहस्यमय तरीके से घर में अलग-अलग जगहों पर आग लगने का सिलसिला नही थम रहा है, यहां तक की अलमारी के अंदर भी रहस्यमय तरीके से रखे सामान में स्वत: आग लग जाती है।

      उधर सूर्यभान सिंह के बेटे अंकित सिंह का कहना है कि, उन्होंने कभी अंधविश्वास पर भरोसा नहीं किया है, फिर भी उनके घर में बार-बार अचानक किसी भी स्थान पर, किसी भी सामान में कही भी आग लगने से भयभीत हैं। वह बताते हैं कि, घर में रखे सूटकेस एवं अलमारियों के अंदर रखे कपड़ों में अचानक धुंआ उठता है फिर जलने लगते है। इसके अलावा गाड़ियों की चाभियां टेढ़ी हो जाती है, और इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने आप टूट जा रहे हैं। लैपटॉप के बटन गायब हो गए हैं। जिसके भय से  उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर है।  

      बीते मंगलवार को सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे कोतवाल बालेंदु गौतम ने भी जले पड़े सामान व घर का जायजा लिया। कोतवाल बालेंदु गौतम ने बताया कि, घटना अंधविश्वास से प्रेरित है, फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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