⭕ आजादी के पूर्व के भू-राजस्व अभिलेखों 1290, 1324, 1345, 1356, 1359 फसली में स्पष्ट रूप से अंकित गोंड।
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बलिया: विशेष सचिव उ0प्र0 समाज कल्याण अनुभाग-3, शासनादेश 2 दिसम्बर 2024 द्वारा प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुभाग-3 शासनादेश 3 नवम्बर 2021 द्वारा दिये गये दिशा दिर्नेश का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है का अनुपालन कराने की मांग को लेकर ऑल गोंडवाना स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन (आगसा) के नेतृत्व में आदिवासी जनजाति गोंड समुदाय के छात्र नौजवानों का जाति प्रमाण-पत्र निर्गत होने तक अनिश्चितकालीन धरना 18 फरवरी 2025 को 23वें दिन बलिया सदर तहसील पर जारी रहा।
आपको बता दें कि, समर्थन करते जनजाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मूंनजी गोंड ने कहा कि, अंग्रेजी सरकार में बलिया जिले में निवास करने वाली गोंड जाति की जनगणना ट्राइब में की गयी है उस समय के थानों पर स्थित जन्म-मृत्यु रजिस्टर फौती में भी गोंड ही अंकित है। आजादी के पूर्व के भू- राजस्व अभिलेखों यथा 1290, 1324, 1345, 1356, 1359 फसली में स्पष्ट रूप से गोंड अंकित है इसके बावजूद भी भारत के राजपत्र संविधान शासनादेश की घोर अवमानना करते हुये, मनगढ़ंत गलत आख्या लगाकर आदिवासी जनजाति गोंड की जाति बदलने का षडयंत्र कर रहे हैं लेखपाल व तहसीलदार जिन पर संविधान द्रोह भारत के राजपत्र का द्रोह, एससी/ एसटी उत्पीड़न एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जानी चाहिए।
आगे कहा कि, 1942 अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बैरिया थाने पर अमर शहीद रामजन्म गोंड जी के स्वतंत्रता संग्राम गाथा से प्रेरणा लेकर गोंड समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखा जाएगा।
धरना में प्रमुख रूप से मंनजी गोंड, लल्लन गोंड, संजय गोंड, मनोज शाह, बच्चालाल गोंड, विक्रम गोंड, अविनाश गोंड, सूरज गोंड, कृष्णा गोंड, सुरेश शाह, गंगा सागर गोंड, शिव कुमार गोंड, श्रीपति गोंड, अरविंद गोडवाना रहे


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