प्रसव पीड़ा में तड़पती रही महिला नही खुला अस्पताल का गेट।। Kannauj news ।।

आलम कुरेशी
यूपी के कन्नौज जिले के  छिबरामऊ में सरकारी राजकीय महिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की संवेदनहीनता की सारी हदें पार करने का ताजा मामला सामने आया है। यहां पर रात करीब 2:00 बजे से एक महिला प्रसव के लिए अस्पताल के बाहर गेट पर तड़पती रही लेकिन, अस्पताल प्रशासन ने महिला के लिए गेट तक नहीं खोला। परिजनों ने डॉक्टरों से गिड़गिड़ाकर महिला को भर्ती करने की गुहार लगाई लेकिन, इन डॉक्टरों ने महिला को अस्पताल के अंदर दाखिल तक नहीं किया। अंततोगत्वा सुबह तक महिला जमीन पर पड़ी दर्द से तड़पती रही।
       आपको बता दें कि, पीड़ित परिजनों ने बताया कि, वे लोग रात करीब 2:00 बजे से अस्पताल में आए हुए हैं। लेकिन अस्पताल के किसी भी कर्मचारी या डॉक्टर ने अस्पताल का गेट तक नहीं खोला। गरीब तबके के लोग सरकारी अस्पतालों में मजबूरी बस जाते हैं लेकिन अस्पताल में तैनात इस तरह के डॉक्टर और कर्मचारी सरकारी दावों की पोल खोलते रहते हैं। वहीं महिला की जमीन पर तड़पता हुआ देख लोगों ने जब अस्पताल प्रशासन से बात करनी चाही तो, उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
        पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर ने महिला को अस्पताल में भर्ती जरूर कर लिया लेकिन, बड़ा सवाल खड़ा होता है कि, रात 2:00 बजे से सुबह तक महिला तड़पती रही। इस बीच महिला के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो जाती तो, फिर उसका जिम्मेदार कौन होता है। महिला और उसके बच्चे की जान से बढ़कर क्या अस्पताल प्रशासन की नींद जरूरी थी। 
     वहीं डॉक्टर राहुल मिश्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से जब बात की तो, उन्होंने कहा कि, इस तरह का मेरे संज्ञान में मामला नहीं है अगर इस तरह का मामला आया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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