माहताब खान
रायबरेली: एदारा-ए-शरैया उ0प्र0 खिन्नी तल्ला रायबरेली के संयोजन में जारी जश्ने आमदे मुस्तफा का पांचवा जलसा सैयद नगर में अमीरे शरीयत उ0प्र0 हजरत अल्लामा अलहाज पीर अब्दुल वदूद फकीह संस्थापक जुलूसे मोहम्मदी की सरपरस्ती में आयोजित हुआ। जलसे का आगाज हाफिज नूर मोहम्मद ने कुरान पाक की तिलावत से किया। मोलवी साकिब रजा व आफताब अहमद ने नात शरीफ पेश की।
आपको बता दें कि, जलसे के मुख्य वक्ता मौलाना आबिद रजा मिस्बाही ने अपने बयान तालीम की अहमियत पर रोशनी डालते हुए लोगों से दीनी और दुनियावी तालीम अपने बच्चों को हर हाल में दिलाने की नसीहत की। जलसे की अध्यक्षता मौलाना अरबी उल अषरफ नाजिमे आला एदारा-ए-शरैया उ0प्र0 ने की एवं संचालन मुफ्ती कमालुद्दीन मिस्बाही ने किया।
जलसे को कामयाब बनाने में मुख्य रूप से मुमताज खान, वसील खान, सईद अहमद, एजाज अहमद, मो0इजहार, अजमी, मास्टर आलम भाई, शकील , मास्टर तमीजुद्दीन एवं हम सब फाउण्डेशन का सराहनीय योगदान रहा।
उधर मरकज़े अहले सुन्नत दारूल उलूम हबीबिया गुलशने रज़ा जगपाल ताल, रायबरेली की तरफ से जश्ने आमदे रसूल का पांचवा कार्यक्रम तिलियाकोट, रायबरेली में आयोजित हुआ। जिसकी सरपरस्ती हज़रत मौलाना सैय्यद मो0 अहमद अशरफ जीलानी, अध्यक्षता हाफिज़ अनीस अहमद कुरैशी प्रबंधक मदरसा व संचालन अलहाज हाफिज़ सुहैल अख़्तर रज़ा खान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुम्ताज़ चिश्ती साहब ने कुरआन पाक की तिलावत से किया। हाफिज़ गुलफाम फैज़ाबादी ने नात पाक पेश किया। जलसे को सम्बोधित करते हुए हज़रत मौलाना मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी मुरादाबाद ने अपने बयान में ईद मीलादुन्नबी की अहमियत बयान की। सलातो सलाम और सैयद मो०अहमद अशरफी की दुआ पर जलसे का समापन हुआ।
इस मौके पर अनवर बाबा, अकबर भाई, मुन्ना भाई, गुलाम गौस, जौहर, हाजी मो0 सरवर, हसीन भाई, आसिफ भाई के साथ-साथ शहर के सैकड़ों लोगों ने जलसे में शिरकत की।
रायबरेली: एदारा-ए-शरैया उ0प्र0 खिन्नी तल्ला रायबरेली के संयोजन में जारी जश्ने आमदे मुस्तफा का पांचवा जलसा सैयद नगर में अमीरे शरीयत उ0प्र0 हजरत अल्लामा अलहाज पीर अब्दुल वदूद फकीह संस्थापक जुलूसे मोहम्मदी की सरपरस्ती में आयोजित हुआ। जलसे का आगाज हाफिज नूर मोहम्मद ने कुरान पाक की तिलावत से किया। मोलवी साकिब रजा व आफताब अहमद ने नात शरीफ पेश की।
आपको बता दें कि, जलसे के मुख्य वक्ता मौलाना आबिद रजा मिस्बाही ने अपने बयान तालीम की अहमियत पर रोशनी डालते हुए लोगों से दीनी और दुनियावी तालीम अपने बच्चों को हर हाल में दिलाने की नसीहत की। जलसे की अध्यक्षता मौलाना अरबी उल अषरफ नाजिमे आला एदारा-ए-शरैया उ0प्र0 ने की एवं संचालन मुफ्ती कमालुद्दीन मिस्बाही ने किया।
जलसे को कामयाब बनाने में मुख्य रूप से मुमताज खान, वसील खान, सईद अहमद, एजाज अहमद, मो0इजहार, अजमी, मास्टर आलम भाई, शकील , मास्टर तमीजुद्दीन एवं हम सब फाउण्डेशन का सराहनीय योगदान रहा।
उधर मरकज़े अहले सुन्नत दारूल उलूम हबीबिया गुलशने रज़ा जगपाल ताल, रायबरेली की तरफ से जश्ने आमदे रसूल का पांचवा कार्यक्रम तिलियाकोट, रायबरेली में आयोजित हुआ। जिसकी सरपरस्ती हज़रत मौलाना सैय्यद मो0 अहमद अशरफ जीलानी, अध्यक्षता हाफिज़ अनीस अहमद कुरैशी प्रबंधक मदरसा व संचालन अलहाज हाफिज़ सुहैल अख़्तर रज़ा खान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुम्ताज़ चिश्ती साहब ने कुरआन पाक की तिलावत से किया। हाफिज़ गुलफाम फैज़ाबादी ने नात पाक पेश किया। जलसे को सम्बोधित करते हुए हज़रत मौलाना मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी मुरादाबाद ने अपने बयान में ईद मीलादुन्नबी की अहमियत बयान की। सलातो सलाम और सैयद मो०अहमद अशरफी की दुआ पर जलसे का समापन हुआ।
इस मौके पर अनवर बाबा, अकबर भाई, मुन्ना भाई, गुलाम गौस, जौहर, हाजी मो0 सरवर, हसीन भाई, आसिफ भाई के साथ-साथ शहर के सैकड़ों लोगों ने जलसे में शिरकत की।

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