रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: समाजवादी अधिवक्ता सभा रायबरेली की ओर से उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। जिलाधिकारी की ओर से ज्ञापन वरिष्ठ प्रशाासनिक अधिकारी को सौंपा गया।
आपको बता दें कि, इस अवसर पर सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रान्तीय सपा नेता ओ0पी0 यादव ने कहा कि, भाजपा सरकार ने नागरिकता संशोधन बिल लाकर देश व समाज को बांटने की साजिश रची है। इस अवसर पर अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष शशि कुमार यादव, महामन्त्री जयहिन्द पाल, अरविन्द यादव, बृजेश कुमार यादव आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
महामहिम राज्यपाल को भेजे गये 12 सूत्रीय ज्ञापन में लिखा गया कि, गन्ना मूल्य 450/- रूपये प्रति कुन्टल किया जाए। गन्ना किसानों का गत पिछले वर्षो का लगभग 500 करोड़ रूपया गन्ना मूल्य बकाया है, जो मिल मालिकों द्वारा भुगतान नहीं किया गया, जिसका तत्काल भुगतान कराया जाए। बन्द चीनी मिलों को तत्काल चालू कराया जाए।
वहीं पुआल/पराली जलाने के नाम पर किसानों पर फर्जी मुकदमें दर्ज किये गये हैं, उनका उत्पीड़न रोका जाए और ऐसे मुकदमें वापस किये जायें तथा लगाया गया फर्जी जुर्माना समाप्त किया जाए। आलू उत्पादकों को आलू की लागत के अनुसार समर्थन मूल्य दिया जाए तथा उपज की खरीद की व्यवस्था की जाए।
नागरिकता संशोधन विधेयक वापस लिया जाए। बालिकाओं/महिलाओं के साथ दुष्कर्म एवं हत्याओं की प्रदेश में बाढ़ सी आ गयी है, जिस पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाया जाए। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गयी है। प्रदेश में जंगलराज माफियाराज आ गया है। प्रदेश में बढ़ रही गुंडागर्दी पर रोक लगाई जाए।
डीजल-पेट्रोल एवं रसोई गैस के दामों में लगातार बेतहाशा वृद्धि से जनता परेशान है, जिनके दामों को घटाया जाए।
अल्पसंख्यकों को फर्जी मुकदमों में फँसाया जा रहा है तथा इनकाउन्टर भी किए जा रहे हैं, जिन्हें रोका जाए। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगायी जाए और उत्तर प्रदेश शासन/जिला प्रशासन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं/नेताओं के साथ बदले की भावना से कार्य करना बन्द करे।
उल्लेखनीय है कि, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर उपरोक्त माँगों के समर्थन में पार्टी द्वारा घोषित कार्यक्रम शहीद चैक में धरना था। समाजवादी पार्टी द्वारा अन्याय के खिलाफ उठाई जाने वाली आवाज को दबाने के लिए सपा नेताओं को सुबह से ही गिरफ्तार करना शुरू कर दिया, जिससे कि, वह इस गूँगी-बहरी सरकार के विरूद्ध धरना न दे सकें। गिरफ्तार किये जाने वालों में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष राम बहादुर यादव, पूर्व विधायक रामलाल अकेला, आशा किशोर, रामसेवक वर्मा, ई0 वीरेन्द्र यादव, चन्द्रराज पटेल, राजेश चन्द्रा, शमशाद, विनोद यादव, सुरेश पटेल, जितेन्द्र मौर्या, रंजीत यादव, आशीष चैधरी, अखिलेश माही, पिन्टू यादव, विक्रान्त अकेला, पारूल बाजपेयी, मो0 साहिल सहित सैकड़ों पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रायबरेली: समाजवादी अधिवक्ता सभा रायबरेली की ओर से उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। जिलाधिकारी की ओर से ज्ञापन वरिष्ठ प्रशाासनिक अधिकारी को सौंपा गया।
आपको बता दें कि, इस अवसर पर सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रान्तीय सपा नेता ओ0पी0 यादव ने कहा कि, भाजपा सरकार ने नागरिकता संशोधन बिल लाकर देश व समाज को बांटने की साजिश रची है। इस अवसर पर अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष शशि कुमार यादव, महामन्त्री जयहिन्द पाल, अरविन्द यादव, बृजेश कुमार यादव आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
महामहिम राज्यपाल को भेजे गये 12 सूत्रीय ज्ञापन में लिखा गया कि, गन्ना मूल्य 450/- रूपये प्रति कुन्टल किया जाए। गन्ना किसानों का गत पिछले वर्षो का लगभग 500 करोड़ रूपया गन्ना मूल्य बकाया है, जो मिल मालिकों द्वारा भुगतान नहीं किया गया, जिसका तत्काल भुगतान कराया जाए। बन्द चीनी मिलों को तत्काल चालू कराया जाए।
वहीं पुआल/पराली जलाने के नाम पर किसानों पर फर्जी मुकदमें दर्ज किये गये हैं, उनका उत्पीड़न रोका जाए और ऐसे मुकदमें वापस किये जायें तथा लगाया गया फर्जी जुर्माना समाप्त किया जाए। आलू उत्पादकों को आलू की लागत के अनुसार समर्थन मूल्य दिया जाए तथा उपज की खरीद की व्यवस्था की जाए।
नागरिकता संशोधन विधेयक वापस लिया जाए। बालिकाओं/महिलाओं के साथ दुष्कर्म एवं हत्याओं की प्रदेश में बाढ़ सी आ गयी है, जिस पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाया जाए। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गयी है। प्रदेश में जंगलराज माफियाराज आ गया है। प्रदेश में बढ़ रही गुंडागर्दी पर रोक लगाई जाए।
डीजल-पेट्रोल एवं रसोई गैस के दामों में लगातार बेतहाशा वृद्धि से जनता परेशान है, जिनके दामों को घटाया जाए।
अल्पसंख्यकों को फर्जी मुकदमों में फँसाया जा रहा है तथा इनकाउन्टर भी किए जा रहे हैं, जिन्हें रोका जाए। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगायी जाए और उत्तर प्रदेश शासन/जिला प्रशासन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं/नेताओं के साथ बदले की भावना से कार्य करना बन्द करे।
उल्लेखनीय है कि, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर उपरोक्त माँगों के समर्थन में पार्टी द्वारा घोषित कार्यक्रम शहीद चैक में धरना था। समाजवादी पार्टी द्वारा अन्याय के खिलाफ उठाई जाने वाली आवाज को दबाने के लिए सपा नेताओं को सुबह से ही गिरफ्तार करना शुरू कर दिया, जिससे कि, वह इस गूँगी-बहरी सरकार के विरूद्ध धरना न दे सकें। गिरफ्तार किये जाने वालों में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष राम बहादुर यादव, पूर्व विधायक रामलाल अकेला, आशा किशोर, रामसेवक वर्मा, ई0 वीरेन्द्र यादव, चन्द्रराज पटेल, राजेश चन्द्रा, शमशाद, विनोद यादव, सुरेश पटेल, जितेन्द्र मौर्या, रंजीत यादव, आशीष चैधरी, अखिलेश माही, पिन्टू यादव, विक्रान्त अकेला, पारूल बाजपेयी, मो0 साहिल सहित सैकड़ों पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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