रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: जहां एक ओर प्रदेश की योगी सरकार गरीबों को आवास व भरण पोषण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का भरसक प्रयास कर रही है तो वहीं क्षेत्र में दबंग भू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि, विगत 14 वर्ष पूर्व आवंटन में मिली जमीन पर अभी तक आवंटनकारी को कब्जा नहीं मिल पाया है। जबकि, आवंटनकारी ने तहसीलदार, उपजिलाधिकारी व जिलाधिकारी की चौखट पर कई बार न्याय की गुहार लगा चुका है।
मामले में अब देखना यह है कि, आवंटन में मिली भूमि दबंग प्रतिपक्षी गण से खाली करवा कर पात्र आवंटनकारी को मिल पाती है या नहीं।
आपको बता दें कि, मामला महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के सेनपुर मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला का है। उक्त गांव निवासी राम सुमिल पुत्र शिवरतन जोकि, दलित बिरादरी के हैं इनको ग्राम सभा की खुली बैठक में पात्रता तय कर 2005 में आवंटन के द्वारा कृषि हेतु जमीन पट्टा में दी गई थी। जिस पर गांव के ही राम बहादुर पुत्र गुरु प्रसाद यादव ने जबरन कब्जा कर रखा है।
आवंटन कारी द्वारा शिकायती पत्र देकर कब्जा दिलाए जाने की बात कई बार उच्चाधिकारियों से कही गई है। लेकिन दबंग प्रति पक्षी गणों द्वारा जमीन ना खाली करने व जान से मारने की धमकी आए दिन दी जा रही है जिससे आहत होकर शिकायतकर्ता राम सुमिल पुत्र शिवरतन ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है कि, 14 वर्ष पूर्व मिले आवंटन पर परिवार के भरण पोषण के लिए राजस्व प्रशासन द्वारा उन्हें कब्जा दिलाया जाए। पीड़ित ने यह भी बताया है कि, उनके कोई संतान नहीं है वह पति-पत्नी किसी तरह मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं आवंटन में मिली यह जमीन ही उनकी गुढ़ापी का सहारा है।
महराजगंज/रायबरेली: जहां एक ओर प्रदेश की योगी सरकार गरीबों को आवास व भरण पोषण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का भरसक प्रयास कर रही है तो वहीं क्षेत्र में दबंग भू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि, विगत 14 वर्ष पूर्व आवंटन में मिली जमीन पर अभी तक आवंटनकारी को कब्जा नहीं मिल पाया है। जबकि, आवंटनकारी ने तहसीलदार, उपजिलाधिकारी व जिलाधिकारी की चौखट पर कई बार न्याय की गुहार लगा चुका है।
मामले में अब देखना यह है कि, आवंटन में मिली भूमि दबंग प्रतिपक्षी गण से खाली करवा कर पात्र आवंटनकारी को मिल पाती है या नहीं।
आवंटन कारी द्वारा शिकायती पत्र देकर कब्जा दिलाए जाने की बात कई बार उच्चाधिकारियों से कही गई है। लेकिन दबंग प्रति पक्षी गणों द्वारा जमीन ना खाली करने व जान से मारने की धमकी आए दिन दी जा रही है जिससे आहत होकर शिकायतकर्ता राम सुमिल पुत्र शिवरतन ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है कि, 14 वर्ष पूर्व मिले आवंटन पर परिवार के भरण पोषण के लिए राजस्व प्रशासन द्वारा उन्हें कब्जा दिलाया जाए। पीड़ित ने यह भी बताया है कि, उनके कोई संतान नहीं है वह पति-पत्नी किसी तरह मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं आवंटन में मिली यह जमीन ही उनकी गुढ़ापी का सहारा है।

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