शीतलहर से ठिठुरता ग्रामीण अंचल फिर भी नहीं जले अलाव, जिम्मेदार अधिकारी बने हुए उदासीन।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
 महराजगंज/रायबरेली: बीते एक पखवाड़े से प्रदेश एवं जिले के साथ-साथ पूरा ग्रामीण अंचल ठंड एवं शीतलहर की चपेट में है। अचानक आए तापमान में गिरावट से आम जनजीवन पूर्ण रूप से अस्त-व्यस्त हो गया है। शीतलहर के कारण गांव से लेकर कस्बे के लोग दिन ढलते ही हाफने-कांपने लगते हैं। ठंड का प्रभाव इतना ज्यादा है कि, सुबह के समय खेतों में ओस के रूप में मानो बर्फ की चादर पड़ी हो। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते विकासखंड क्षेत्र महराजगंज में 53 ग्राम सभाओं में से लगभग 10 फ़ीसदी ही ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधानों द्वारा अलाव की व्यवस्था कराई गई है बाकी की  90 फ़ीसदी ग्राम सभाओं में सार्वजनिक स्थानों पर रह रहे लोगों को ठंड से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
     आपको बता दें कि, बढ़ी ठंड को देखते हुए सरकार द्वारा नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर में अलाव जलाने की व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते विकासखंड की 53 ग्राम पंचायतों में से मात्र  10 फ़ीसदी ग्राम प्रधानों द्वारा ही ग्राम पंचायतों में अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। बाकी की बची 90% ग्राम सभाओं में अलाव जलाने के नाम पर सिफर ही है। यहां ठंड से कांपते हुए लोगों को देखा जा सकता है।
     अगर आप मऊ से महराजगंज मोटरसाइकिल या साइकिल अथवा पैदल आ रहे हैं तो रास्ते में जितनी भी ग्राम सभाएं मिलती हैं किसी भी ग्राम सभा के चौराहे पर आपको शासन द्वारा या ग्राम पंचायत द्वारा जलवाया गया अलाव देखने को नहीं मिलेगा। शुरू में मऊ चौराहे पर या फिर लास्ट में महराजगंज कस्बे में ही अलाव जलता हुआ  दिखाई देगा। फिर चाहे आप महराजगंज हैदरगढ़ मार्ग से होकर गुजर रहे हो, या महराजगंज हरदोई मार्ग पर और चाहे आप महराजगंज से शिवगढ़ जा रहे हो रास्ते में किसी भी चौराहे पर आपको शासन या ग्राम प्रधान द्वारा जलवाया गया अलाव जलता हुआ देखने को नहीं मिलेगा।
      इस हाड़ कपाती ठंड को देखते हुए जब हमारे संवाददाता ने अलाव जलाने के शासनादेश की हकीकत जानने के लिए 1 दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं में जाकर  देखा तो कहीं भी अलाव जलते दिखाई नहीं दिए। उन ग्राम सभाओं के लोगों ने बताया कि, उनके यहां शासन द्वारा अलाव नहीं जलवाए गए हैं वे लोग स्वयं कहीं से प्रबंध करके अपने अपने घरों के सामने या सार्वजनिक स्थान पर लकड़ियां या कागज, कार्टून जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते देखे गए हैं। जबकि ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
इनसैट:
 प्राकृतिक रूप से पिछले सालों की अपेक्षा इस साल ज्यादा ठंड पड़ेगी ऐसा जानकारी में आ रहा है। विकासखंड क्षेत्र महराजगंज के लोगों द्वारा यह बताया जा रहा है कि, यह पूरा क्षेत्र तालाबी तथा चारों तरफ नहरों से घिरा होने के कारण प्राकृतिक रूप से यहां ज्यादा ठंड पड़ती है। चुंकी यह अवध क्षेत्र भी है इस कारण यहां मंदिर धर्मशालाएं आदि के होने से लोग कपकपाती ठंड में खुले आसमान के नीचे निवास करते भी देखे जा रहे हैं।

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