रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: मोदी ने संसद में अनेक बिल पास किए कई राज्यसभा में अटके भी लेकिन अपने राजनीतिक कौशल से देश और समाज में पास करके वाह-वाही लूटी। उसका कारण विचार, परिवार में मंथन करके अधिनियम पटल पर लाए गए। लेकिन अति उत्साह में नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 बिना मंथन के समाज में जागरूकता के अभाव के कारण अन्य राजनैतिक दल भ्रम फैलाकर देश में अशांति लाने का असफल प्रयास करने लगे तो पार्टी घर घर संपर्क अभियान शुरू करने के तहत ब्लाक मुख्यालय पर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक आहुति की। जिसमें जिला मंत्री मारुति मिश्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम क्या है मुसलमान को इससे बाहर क्यों रखा गया है ? पूर्वोत्तर के राज्यों में इसकी स्थिति क्या होगी ? नागरिकता कानून 1955 के अनुसार अवैध प्रवासी कौन है ? इसके खिलाफ प्रदर्शन क्यों हो रहा है ? विशेष रूप से इसकी व्याख्या की तथा कांग्रेस का वामपंथियों का देश के साथ किस प्रकार का व्यवहार हमेशा से रहा है इसकी भी चर्चा की।
आपको बता दें कि, श्री मिश्रा ने बताया कि, इस अधिनियम के द्वारा पूर्वोत्तर के राज्य किस प्रकार से सुरक्षित रह सकते हैं जो अधिनियम के छठे भाग में दर्शाए गए हैं। विपक्ष छुद्र राजनीत कर रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में इस अधिनियम को महात्मा गांधी की सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान में धार्मिक विदवेश के कारण अमान्विय यात्नाओं की पीड़ा झेल रहे हिंदुओं, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी की समस्याओं के समाधान के लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति अटूट प्रतिबद्धता पूर्ण समर्पण राष्ट्र सर्वोपरि अतिरिक्त राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर लिया गया निर्णय बताया है।
उन्होंने बताया कि, महात्मा गांधी ने 26 सितंबर 1947 को प्रार्थना सभा में इस विषय को उठाया था और इसी के तहत नेहरू लियाकत समझौता भी हुआ था लेकिन देश के 70 वर्ष आजाद होने के बाद भी देश से दूर गए अल्पसंख्यकों को न्याय नहीं मिल सका। जो मोदी सरकार ने करके दिखाया है।
इस बैठक को दिलीप चौधरी जिला अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा, जिला उपाध्यक्ष जनमेजय सिंह, जिला मंत्री महिला मोर्चा सुधा अवस्थी ने भी संबोधित किया। बैठक में सूर्य प्रकाश वर्मा, सरदार फत्ते सिंह सहित मंडल एवम् विधान सभा के पधाअधिकारी मौजूद रहे।
महराजगंज/रायबरेली: मोदी ने संसद में अनेक बिल पास किए कई राज्यसभा में अटके भी लेकिन अपने राजनीतिक कौशल से देश और समाज में पास करके वाह-वाही लूटी। उसका कारण विचार, परिवार में मंथन करके अधिनियम पटल पर लाए गए। लेकिन अति उत्साह में नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 बिना मंथन के समाज में जागरूकता के अभाव के कारण अन्य राजनैतिक दल भ्रम फैलाकर देश में अशांति लाने का असफल प्रयास करने लगे तो पार्टी घर घर संपर्क अभियान शुरू करने के तहत ब्लाक मुख्यालय पर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक आहुति की। जिसमें जिला मंत्री मारुति मिश्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम क्या है मुसलमान को इससे बाहर क्यों रखा गया है ? पूर्वोत्तर के राज्यों में इसकी स्थिति क्या होगी ? नागरिकता कानून 1955 के अनुसार अवैध प्रवासी कौन है ? इसके खिलाफ प्रदर्शन क्यों हो रहा है ? विशेष रूप से इसकी व्याख्या की तथा कांग्रेस का वामपंथियों का देश के साथ किस प्रकार का व्यवहार हमेशा से रहा है इसकी भी चर्चा की।
आपको बता दें कि, श्री मिश्रा ने बताया कि, इस अधिनियम के द्वारा पूर्वोत्तर के राज्य किस प्रकार से सुरक्षित रह सकते हैं जो अधिनियम के छठे भाग में दर्शाए गए हैं। विपक्ष छुद्र राजनीत कर रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में इस अधिनियम को महात्मा गांधी की सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान में धार्मिक विदवेश के कारण अमान्विय यात्नाओं की पीड़ा झेल रहे हिंदुओं, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी की समस्याओं के समाधान के लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति अटूट प्रतिबद्धता पूर्ण समर्पण राष्ट्र सर्वोपरि अतिरिक्त राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर लिया गया निर्णय बताया है।
उन्होंने बताया कि, महात्मा गांधी ने 26 सितंबर 1947 को प्रार्थना सभा में इस विषय को उठाया था और इसी के तहत नेहरू लियाकत समझौता भी हुआ था लेकिन देश के 70 वर्ष आजाद होने के बाद भी देश से दूर गए अल्पसंख्यकों को न्याय नहीं मिल सका। जो मोदी सरकार ने करके दिखाया है।
इस बैठक को दिलीप चौधरी जिला अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा, जिला उपाध्यक्ष जनमेजय सिंह, जिला मंत्री महिला मोर्चा सुधा अवस्थी ने भी संबोधित किया। बैठक में सूर्य प्रकाश वर्मा, सरदार फत्ते सिंह सहित मंडल एवम् विधान सभा के पधाअधिकारी मौजूद रहे।

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