रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के गांवों में मेला जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ही गांव व क्षेत्र में आपसी भाईचारा व मनोरंजन का एक माध्यम मेला ही है और ऐसे आयोजनों व कार्यक्रमों के होने से एकता व भाईचारा की बढ़ोतरी होती है। यह उद्गार आज महराजगंज क्षेत्र के सलेथू गांव स्थित सूरदास बाबा की कुटी पर आयोजित मेले का उद्घाटन करते हुए रायबरेली जिले के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह व्यक्त कर रहे थे।
आपको बता दें कि, तहसील क्षेत्र के सलेथू स्थित सूरदास कूटी पर हर वर्ष लगने वाले मेला का उद्घाटन एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया।लोगों को सम्बोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि, भारतीय संस्कृति हमेशा से मेला प्रधान रही है। जहां लोगो को मनोरंजन के साथ-साथ व्यापारियों को व्यापार एवं ज्ञानार्थियो को ज्ञान की प्राप्ति होती है। परस्पर आवागमन से भाईचारा भी कायम रहता है।
उन्होंने कहा कि, ऐसे आयोजनों से संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, मेले की प्राचीन परंपराओं को जीवंत रखने के लिए आधुनिक युग में जागरूकता जरूरी है। एमएलसी ने लोगो को विश्वास दिलाते हुए कहा कि, जिस प्रकार आप सभी ने अपना प्रेम और आशीर्वाद देकर जनपद की सेवा का अवसर दिया है। आपका सेवक पूरी निष्ठा के साथ आप सभी के सुख दुख में भागीदार बनने का प्रयास करेगा।
एमएलसी ने मंदिर परिसर के समीप ही बारादरी व टीन शेड का निर्माण जल्द शुरू करवाने की भी घोषणा की है।
इस मौके पर एमएलसी प्रतिनिधि शिवम तिवारी, ग्राम प्रधान जयप्रकाश साहू, शिवाकांत तिवारी, संतोष तिवारी, राम प्रकाश गौतम, साधु शरन आदि लोग मौजूद रहे।
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के गांवों में मेला जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ही गांव व क्षेत्र में आपसी भाईचारा व मनोरंजन का एक माध्यम मेला ही है और ऐसे आयोजनों व कार्यक्रमों के होने से एकता व भाईचारा की बढ़ोतरी होती है। यह उद्गार आज महराजगंज क्षेत्र के सलेथू गांव स्थित सूरदास बाबा की कुटी पर आयोजित मेले का उद्घाटन करते हुए रायबरेली जिले के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह व्यक्त कर रहे थे।
आपको बता दें कि, तहसील क्षेत्र के सलेथू स्थित सूरदास कूटी पर हर वर्ष लगने वाले मेला का उद्घाटन एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया।लोगों को सम्बोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि, भारतीय संस्कृति हमेशा से मेला प्रधान रही है। जहां लोगो को मनोरंजन के साथ-साथ व्यापारियों को व्यापार एवं ज्ञानार्थियो को ज्ञान की प्राप्ति होती है। परस्पर आवागमन से भाईचारा भी कायम रहता है।
उन्होंने कहा कि, ऐसे आयोजनों से संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, मेले की प्राचीन परंपराओं को जीवंत रखने के लिए आधुनिक युग में जागरूकता जरूरी है। एमएलसी ने लोगो को विश्वास दिलाते हुए कहा कि, जिस प्रकार आप सभी ने अपना प्रेम और आशीर्वाद देकर जनपद की सेवा का अवसर दिया है। आपका सेवक पूरी निष्ठा के साथ आप सभी के सुख दुख में भागीदार बनने का प्रयास करेगा।
एमएलसी ने मंदिर परिसर के समीप ही बारादरी व टीन शेड का निर्माण जल्द शुरू करवाने की भी घोषणा की है।
इस मौके पर एमएलसी प्रतिनिधि शिवम तिवारी, ग्राम प्रधान जयप्रकाश साहू, शिवाकांत तिवारी, संतोष तिवारी, राम प्रकाश गौतम, साधु शरन आदि लोग मौजूद रहे।

0 टिप्पणियाँ