छल पूर्वक एक राजा ने पड़ोसी राजा को बंदी बनाकर फांसी दी तो मृत्यु पूर्वी पड़ोसी राजा ने अपने पुत्र को नसीहत दी ।
1-न अधिक देखना, न थोड़ा देखना ।
2-हिंसा कभी प्रतिहिंसा द्वारा पराजित नहीं होती ।
3- लड़ाई को लड़ाई द्वारा नहीं जीता जा सकता ।
4-जवाबी शत्रुता से शत्रुता मिट नहीं सकती ।
5-हिंसा, लड़ाई और शत्रुता को प्रेम ही जीत सकता है ।
अर्थ-1-'अधिक न देखना' का अर्थ यह है कि हिंसा को अधिक दिनों तक अपने मन में नहीं रखना चाहिए और 'न थोड़ा देखना' का मतलब अपने बन्धु-बांधव, मित्र का जरा भी दोष देखकर उससे सहज ही संबन्ध नहीं तोड़ना चाहिए । दूर तक के परिणामों पर विचार करना चाहिए ।
2-हिंसा को प्रतिहिंसा से जीतने की कोशिश सफल नहीं होती । कोई न कोई बदला लेने वाला पैदा हो जाता है ।
3-लड़ाई को लड़ाई से जीतने के चलते मामला और भी खतरनाक हो सकता है ।
4-जवाबी शत्रुता से शांति खो जाती है ।
5-प्रेम का मार्ग एक ऐसा मार्ग जिससे सारी जटिलताओं को दूर किया जा सकता है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
1-न अधिक देखना, न थोड़ा देखना ।
2-हिंसा कभी प्रतिहिंसा द्वारा पराजित नहीं होती ।
3- लड़ाई को लड़ाई द्वारा नहीं जीता जा सकता ।
4-जवाबी शत्रुता से शत्रुता मिट नहीं सकती ।
5-हिंसा, लड़ाई और शत्रुता को प्रेम ही जीत सकता है ।
अर्थ-1-'अधिक न देखना' का अर्थ यह है कि हिंसा को अधिक दिनों तक अपने मन में नहीं रखना चाहिए और 'न थोड़ा देखना' का मतलब अपने बन्धु-बांधव, मित्र का जरा भी दोष देखकर उससे सहज ही संबन्ध नहीं तोड़ना चाहिए । दूर तक के परिणामों पर विचार करना चाहिए ।
2-हिंसा को प्रतिहिंसा से जीतने की कोशिश सफल नहीं होती । कोई न कोई बदला लेने वाला पैदा हो जाता है ।
3-लड़ाई को लड़ाई से जीतने के चलते मामला और भी खतरनाक हो सकता है ।
4-जवाबी शत्रुता से शांति खो जाती है ।
5-प्रेम का मार्ग एक ऐसा मार्ग जिससे सारी जटिलताओं को दूर किया जा सकता है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।

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