मिर्जापुर। प्रतापगढ़ जिले से प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जाकर 'जनहित जागरण' साप्ताहिक समाचार पत्र एवं मासिक पत्रिका का प्रकाशन शुरू करने वाले श्री के के सिंह के यश का प्रताप दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है । स्वभाव से सौम्य तथा मृदुल और लेखनी से सशक्त होने के कारण श्री सिंह के व्यक्तित्व में चुम्बकीय आकर्षण है । यही कारण है कि समाज का कोई भी क्षेत्र क्यों न हो, हर जगह बड़े आदर के साथ श्री सिंह का नाम लिया जाता है ।
कहां कहां नहीं विद्यमान है श्री सिंह--
पत्रकारिता ही नहीं, राजनीति का क्षेत्र हो, अध्यात्म का क्षेत्र हो, कला-संस्कृति का क्षेत्र हो, चिकित्सा, व्यापार या शिक्षा का, सबके लिए निरन्तर उन्नति और प्रगति के लिए सोचते है श्री के के सिंह । यही वजह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर अन्य कैबिनेट एवं राज्यस्तरीय मंत्री तक श्री सिंह के प्रति स्नेह और अपनत्व का भाव रखते हैं ।
श्री सिंह के जन्म दिवस 27 फरवरी को अवतरण दिवस के रूप में मनाते हुए उनके यशस्वी और दीर्घ जीवन के लिए ब्रह्मांड की राजधानी सिद्धपीठाधीश्वरी मां विन्ध्यवासिनी के धाम में विशेष पूजा अर्चना की गई । इसके साथ मां के श्रीचरणों में दीप प्रज्वलित कर कामना की गई कि उन पर निरन्तर मां विन्ध्यवासिनी की कृपा दृष्टि रहे ताकि वे अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के प्रकाश से पत्रकारिता के साथ अन्य क्षेत्रों को भी प्रतापयुक्त बनाते रहे ।
अनुकरणीय जीवन---
अपने प्रेस परिवार के साथ विभिन्न जिलों में वट-वृक्ष की तरह फैली शाखाओं जैसे संवाददाताओं को वे घर के सदस्य के रूप में ही मानते हैं । मिर्जापुर का दायित्व मेरे कंधों पर देते हुए उन्होंने आत्मबल का जो बीजारोपण मुझमें किया, उसके प्रति कृतज्ञता कायम करना अपना फर्ज समझता हूं।
जीवेत्वर्ष शतं साग्रम्...---
'विद्यावन्तं यशस्वतं लक्ष्मीवतं जनं कुरु, रूपं देहि जयं यशो देहि द्विषोSजहि' के साथ उनके लिए 'जीवेत् वर्ष शतं साग्रम्...' की भी कामना की जाती है कि वे सौ वर्ष से आगे भी यश-कीर्ति का पताका फहराने में सक्षम रहें ।
-साकेत पांडेय, मिर्जापुर ।
कहां कहां नहीं विद्यमान है श्री सिंह--
पत्रकारिता ही नहीं, राजनीति का क्षेत्र हो, अध्यात्म का क्षेत्र हो, कला-संस्कृति का क्षेत्र हो, चिकित्सा, व्यापार या शिक्षा का, सबके लिए निरन्तर उन्नति और प्रगति के लिए सोचते है श्री के के सिंह । यही वजह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर अन्य कैबिनेट एवं राज्यस्तरीय मंत्री तक श्री सिंह के प्रति स्नेह और अपनत्व का भाव रखते हैं ।
श्री सिंह के जन्म दिवस 27 फरवरी को अवतरण दिवस के रूप में मनाते हुए उनके यशस्वी और दीर्घ जीवन के लिए ब्रह्मांड की राजधानी सिद्धपीठाधीश्वरी मां विन्ध्यवासिनी के धाम में विशेष पूजा अर्चना की गई । इसके साथ मां के श्रीचरणों में दीप प्रज्वलित कर कामना की गई कि उन पर निरन्तर मां विन्ध्यवासिनी की कृपा दृष्टि रहे ताकि वे अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के प्रकाश से पत्रकारिता के साथ अन्य क्षेत्रों को भी प्रतापयुक्त बनाते रहे ।
अनुकरणीय जीवन---
अपने प्रेस परिवार के साथ विभिन्न जिलों में वट-वृक्ष की तरह फैली शाखाओं जैसे संवाददाताओं को वे घर के सदस्य के रूप में ही मानते हैं । मिर्जापुर का दायित्व मेरे कंधों पर देते हुए उन्होंने आत्मबल का जो बीजारोपण मुझमें किया, उसके प्रति कृतज्ञता कायम करना अपना फर्ज समझता हूं।
जीवेत्वर्ष शतं साग्रम्...---
'विद्यावन्तं यशस्वतं लक्ष्मीवतं जनं कुरु, रूपं देहि जयं यशो देहि द्विषोSजहि' के साथ उनके लिए 'जीवेत् वर्ष शतं साग्रम्...' की भी कामना की जाती है कि वे सौ वर्ष से आगे भी यश-कीर्ति का पताका फहराने में सक्षम रहें ।
-साकेत पांडेय, मिर्जापुर ।

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