-पीपल पेड़ के नीचे दीपक जलाने का प्रथम ध्येय 'प्रकृति की ओर उन्मुख' होना है । पीपल का पेड़ अवसाद खत्म कर देने वाला टैबलेट (अल्प्राजोलम) है । इसका स्पर्श और इसके नीचे बैठना मानसिक दुःख, शोक एवं तनाव को दूर करता है । शनिवार को भगवान शनि को प्रसन्न करने के बहाने पीपल के सम्पर्क में आने का अवसर मिलता है । बेहतर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य अपने आप शनि भगवान की कृपा से ही संभव है ।
पीपल का पेड़ महिला डॉक्टर भी है ।---
पीपल का वृक्ष पुरुषों के अलावा महिलाओं का भी डॉक्टर है । अनेक महिला रोगों से बचाव के अलावा एनिमिक (रक्ताल्पता) से बचाव करता है । गर्भ में शिशु रहने तक रक्ताल्पता की स्थिति आ सकती है, उससे बचाव करता है ।
शनि भगवान कब प्रसन्न और कब रुष्ट होते हैं ।---
शनि को देवमण्डल का न्यायाधीश कहा गया है । जैसे न्यायाधीश भी विधिक कार्यों से प्रसन्न होते हैं और ग़ैरविधिक कार्यों पर दंड देते हैं । शनि भगवान को प्रसन्न होने के लिए लुक-छिप कर कोई कार्य करना पड़े तो उससे परहेज करना चाहिए । क्योंकि लुक-छिप कर गलत कार्य ही करने पड़ते हैं ।
सबसे महत्त्वपूर्ण शनि की प्रसन्नता के लिए---
अपने से कमजोर व्यक्ति को नहीं सताना चाहिए । यथा संभव उसे सम्मान और सहयोग देना चाहिए । छल-झूठ से भौतिक सम्पन्नता की कोशिश नहीं करनी चाहिए । परिश्रम के धन के दीपक जलाने से शनि भगवान प्रसन्न होंगे न कि किसी की विवशता और ज्यादा चालाक बन कर धन कमाने की कोशिश से । धनाढ्य होना जरूरी नहीं बल्कि चरित्रवान होना जरूरी है शनि की कृपा पाने के लिए । ग़ैरविधिक तरीके से धन कमा रहे हैं तो शनि का कोपभाजन बनना ही पड़ेगा आज नहीं तो कल । हमें नहीं तो हमारी अगली पीढ़ी को ।
दिन भर तीन-तिकड़म के बाद दीपक जलाना और भी अनिष्टकारी---
घर में बड़े हैं तो छोटों की समस्या से मुख मोड़ना, छोटे हैं तो बड़ों को अपमानित करना, लोगों को ठगना, नौकरी में है तो जनता का उत्पीड़न करना, व्यापार में हैं तो ग्राहकों को बलि का बकरा समझ हलाल करना, सेवक हैं तो मालिक के साथ विश्वासघात करना शनि भगवान के कोप-परिधि में आता है, यह सब करते दीपक जलाना और भी अनिष्टकारी है ।
व्यवहारिक बनिए और धर्म को विज्ञान समझें---
अंध विश्वास नहीं बल्कि विज्ञानयुक्त विश्वास ही ऋषियों का उद्देश्य था । इस तरह धर्म के एक एक उपाय लाभप्रद होंगे ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
©मूल लेखक का नाम हटाकर पूरा या कोई अंश बिना लिखित अनुमति के करना कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन और दंडनीय है ।
पीपल का पेड़ महिला डॉक्टर भी है ।---
पीपल का वृक्ष पुरुषों के अलावा महिलाओं का भी डॉक्टर है । अनेक महिला रोगों से बचाव के अलावा एनिमिक (रक्ताल्पता) से बचाव करता है । गर्भ में शिशु रहने तक रक्ताल्पता की स्थिति आ सकती है, उससे बचाव करता है ।
शनि भगवान कब प्रसन्न और कब रुष्ट होते हैं ।---
शनि को देवमण्डल का न्यायाधीश कहा गया है । जैसे न्यायाधीश भी विधिक कार्यों से प्रसन्न होते हैं और ग़ैरविधिक कार्यों पर दंड देते हैं । शनि भगवान को प्रसन्न होने के लिए लुक-छिप कर कोई कार्य करना पड़े तो उससे परहेज करना चाहिए । क्योंकि लुक-छिप कर गलत कार्य ही करने पड़ते हैं ।
सबसे महत्त्वपूर्ण शनि की प्रसन्नता के लिए---
अपने से कमजोर व्यक्ति को नहीं सताना चाहिए । यथा संभव उसे सम्मान और सहयोग देना चाहिए । छल-झूठ से भौतिक सम्पन्नता की कोशिश नहीं करनी चाहिए । परिश्रम के धन के दीपक जलाने से शनि भगवान प्रसन्न होंगे न कि किसी की विवशता और ज्यादा चालाक बन कर धन कमाने की कोशिश से । धनाढ्य होना जरूरी नहीं बल्कि चरित्रवान होना जरूरी है शनि की कृपा पाने के लिए । ग़ैरविधिक तरीके से धन कमा रहे हैं तो शनि का कोपभाजन बनना ही पड़ेगा आज नहीं तो कल । हमें नहीं तो हमारी अगली पीढ़ी को ।
दिन भर तीन-तिकड़म के बाद दीपक जलाना और भी अनिष्टकारी---
घर में बड़े हैं तो छोटों की समस्या से मुख मोड़ना, छोटे हैं तो बड़ों को अपमानित करना, लोगों को ठगना, नौकरी में है तो जनता का उत्पीड़न करना, व्यापार में हैं तो ग्राहकों को बलि का बकरा समझ हलाल करना, सेवक हैं तो मालिक के साथ विश्वासघात करना शनि भगवान के कोप-परिधि में आता है, यह सब करते दीपक जलाना और भी अनिष्टकारी है ।
व्यवहारिक बनिए और धर्म को विज्ञान समझें---
अंध विश्वास नहीं बल्कि विज्ञानयुक्त विश्वास ही ऋषियों का उद्देश्य था । इस तरह धर्म के एक एक उपाय लाभप्रद होंगे ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
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