रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली/शिवगढ़: क्षेत्र के भवानीगढ़-बहुदा सम्पर्क मार्ग पर पिण्डौली ड्रेन की क्षतिग्रस्त पुलिया मौत को दावत दे रही है। जिसकी खबर एसके इन्डिया न्यूज वेब पोर्टल द्वारा लगातार प्रकाशित किए जाने के बाद हरकत में आए विभाग ने पुलिया के निर्माण के लिए बाईपास तो बनाना शुरू कर दिया है। किंतु विभाग की उदासीनता के चलते कार्यदाई संस्था कच्छप गति से रुक-रुककर बाईपास बनाने का कार्य कर रही है। जिसने महज रस्म अदायगी के लिए एक सप्ताह पूर्व होम पाईप और कुछ ट्राली मिट्टी डलवा कर बाईपास निर्माण कार्य ठप कर दिया है।
आपको बता दें कि, बाईपास के ना बनने से जहां बड़े वाहनों का आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है तो वहीं छोटे वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर पुल से गुजरते हैं। पुलिया के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। लगता है, विभाग और कार्यदाई संस्था किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है।
विदित हो कि, भवानीगढ़ -बहुदा संपर्क मार्ग सीधे राजधानी लखनऊ व बाराबंकी मुख्यालय को जाता है। जिसके चलते भवानीगढ़-बहुदा सम्पर्क मार्ग पर प्रतिदिन करीब 20 हजार राहगीरों का आवागमन रहता है। पिछले 2 माह पूर्व पुलिया की आधी छत ढह चुकी है। जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है। वहीं छोटे वाहन चालक 24 घंटे अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिया के ऊपर से गुजरते हैं।
वाहन चालकों की छोटी सी भूल उन्हें मौत के मुंह में धकेल सकती है। किंतु विडंबना है कि, विभाग कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। विभागीय उदासीनता एवं पुलिया का निर्माण करने वाली कार्यदाई संस्था की कच्छप गति से करवाए जा रहे काम को लेकर क्षेत्र के लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। जल्द ही बाईपास का निर्माण ना होने पर क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस बाबत जब खण्ड विकास अधिकारी अजय कुमार सिंह से बात की गई तो, उन्होंने बताया कि, जल्द से जल्द बाईपास बनाकर आवागमन बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है। यदि बाईपास के निर्माण में कार्यदाई संस्था लापरवाही बरत रही है तो कार्यदाई संस्था और विभाग दोनों के खिलाफ कार्यवाई की जाएगी।
रायबरेली/शिवगढ़: क्षेत्र के भवानीगढ़-बहुदा सम्पर्क मार्ग पर पिण्डौली ड्रेन की क्षतिग्रस्त पुलिया मौत को दावत दे रही है। जिसकी खबर एसके इन्डिया न्यूज वेब पोर्टल द्वारा लगातार प्रकाशित किए जाने के बाद हरकत में आए विभाग ने पुलिया के निर्माण के लिए बाईपास तो बनाना शुरू कर दिया है। किंतु विभाग की उदासीनता के चलते कार्यदाई संस्था कच्छप गति से रुक-रुककर बाईपास बनाने का कार्य कर रही है। जिसने महज रस्म अदायगी के लिए एक सप्ताह पूर्व होम पाईप और कुछ ट्राली मिट्टी डलवा कर बाईपास निर्माण कार्य ठप कर दिया है।
आपको बता दें कि, बाईपास के ना बनने से जहां बड़े वाहनों का आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है तो वहीं छोटे वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर पुल से गुजरते हैं। पुलिया के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। लगता है, विभाग और कार्यदाई संस्था किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है।
विदित हो कि, भवानीगढ़ -बहुदा संपर्क मार्ग सीधे राजधानी लखनऊ व बाराबंकी मुख्यालय को जाता है। जिसके चलते भवानीगढ़-बहुदा सम्पर्क मार्ग पर प्रतिदिन करीब 20 हजार राहगीरों का आवागमन रहता है। पिछले 2 माह पूर्व पुलिया की आधी छत ढह चुकी है। जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है। वहीं छोटे वाहन चालक 24 घंटे अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिया के ऊपर से गुजरते हैं।
वाहन चालकों की छोटी सी भूल उन्हें मौत के मुंह में धकेल सकती है। किंतु विडंबना है कि, विभाग कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। विभागीय उदासीनता एवं पुलिया का निर्माण करने वाली कार्यदाई संस्था की कच्छप गति से करवाए जा रहे काम को लेकर क्षेत्र के लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। जल्द ही बाईपास का निर्माण ना होने पर क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस बाबत जब खण्ड विकास अधिकारी अजय कुमार सिंह से बात की गई तो, उन्होंने बताया कि, जल्द से जल्द बाईपास बनाकर आवागमन बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है। यदि बाईपास के निर्माण में कार्यदाई संस्था लापरवाही बरत रही है तो कार्यदाई संस्था और विभाग दोनों के खिलाफ कार्यवाई की जाएगी।



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