डीआर सर्जिकल नर्सिंग होम में हुई मौत का मामला पकड़ रहा है तूल।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महाराजगंज/रायबरेली: स्थानीय डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल में अप्रशिक्षित कर्मचारी द्वारा इंजेक्शन लगाने से हुई राम दुलारे की मौत का मामला तूल पकड़े हुए हैं आज तीसरे दिन पुलिस अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर जहां पीड़ित परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में घटनास्थल का जायजा लिया और नक्शा तैयार किया तो वहीं पीड़ितों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में गलत इंजेक्शन लगाने का बयान दर्ज कराया और कहा कि, अस्पताल संचालकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। 
       आपको बता दें कि, विगत शुक्रवार की सुबह  महरिजगंज मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला का रहने वाला राम दुलारे 55 जो डीआर हॉस्पिटल के पास ही चाय पकौड़े की दुकान चलाता था। सुबह 7:00 बजे लगभग अचानक पेट दर्द होने के कारण दवा लेने डीआर हॉस्पिटल गया था।  बताते हैं कि, वहां अप्रशिक्षित कर्मचारी ने उसे गलत इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर बाद तड़प कर उसकी मौत हो गई थी। मृतक के पुत्र राहुल ने पुलिस को बताया इंजेक्शन लगाने के 5 मिनट बाद ही जब उसके पिता के मुंह से झाग निकलने लगा तो, अस्पताल वालों ने उसे सीएचसी ले जाने की सलाह दी।
     उसे जब सीएचसी लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस पर परिजनों ने शव को वापस लाकर डीआर हॉस्पिटल में ही रखकर जमकर हंगामा किया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल संचालक डॉ राकेश यादव के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया था और अस्पताल को सील कर दिया गया था।
        अस्पताल में मौजूद सभी कर्मचारी और डॉक्टर भाग खड़े हुए थे तब से अस्पताल बीरान पड़ा है। मामले में सीएमओ रायबरेली द्वारा टीम गठित करके जांच कराने का निर्देश भी दिया गया था। लेकिन पता चला है कि, आज तीसरे दिन भी समाचार लिखे जाने तक मेडिकल टीम  जांच करने यहां नहीं पहुंची। हालांकि डीआर हास्पिटल बावन बुजुर्ग बल्ला गांव में पड़ता है और यह गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमावा के हिस्से में आता है।
       हालांकि महराजगंज सीएचसी के अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन ने घटना के दिन ही डा0 भावेश कुमार यादव के नेतृत्व में 3 सदस्यीय टीम को हॉस्पिटल भेज कर मामले कीजांच करा ली थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जहां लगातार संचालक डॉ0 राकेश यादव की तलाश में जुटी है। उनका अता पता नहीं चल पाया है। दूसरी ओर कोतवाल अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर मामले की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक जमुना प्रसाद त्रिपाठी ने आज मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना करते हुए घटनास्थल का नक्शा बनाया तथा पीड़ित परिवार के सदस्यों और उनके रिश्तेदारों के बयान भी लिए है।
       हालांकि शव का पोस्टमार्टम हो चुका है लेकिन पोस्टमार्टम का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। पुलिस ने पीड़ित परिजनों को भरोसा दिलाया कि, मामले की गहराई से विवेचना करके दोषियों के विरुद्ध कानूनन सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह भी पता चला है कि, पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में भी है, जिसने बगैर डिग्री डिप्लोमा के मृतक को इंजेक्शन लगाया था।

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