PM और मुख्यमंत्री को ट्वीट किया---
मिर्जापुर । गांव-गरीब नेटवर्क की ओर से संयोजक सलिल पांडेय ने PM श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री आदित्य योगीनाथ को ट्वीट कर मांग की है कि कोरोना वायरस से मची आपाधापी के चलते विकास-कार्यों पर बुरा असर पड़ा है । हर क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की समस्या उत्पन्न हो गई है। लिहाजा वित्तीय सत्र 31 मार्च की अवधि को इस बार 31 मई तक बढ़ाया जाना चाहिए ।
अंतिम त्रैमासिक में होते हैं तेज काम--
नेटवर्क का कहना है कि 1 अप्रैल से 31 मार्च के 12 महीनों में प्रथम त्रैमासिक जून तक ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकारी विभागों में उथल पुथल रहता है, इसके बाद दूसरी तिमाही जुलाई से सितंबर तक वर्षा में सड़क, बांध, नहर, विद्युत लाइनों का विस्तार आदि प्रभावित रहता है । तीसरी तिमाही से विधिवत काम शुरू होकर चौथी तिमाही में जी-जान लगाकर कार्यदाई संस्थाएं लक्ष्य पूरा करती हैं लेकिन इस चौथी तिमाही में जानलेवा कोरोना से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं । अतः जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक वित्तीय सत्र की समाप्ति नहीं होनी चाहिए । नेटवर्क का कहना है कि न्यायालय, स्कूल, मंदिर, मेले, परीक्षाएं आदि में अभूतपूर्व निर्णय जिस प्रकार लिए गए हैं, उसी तरह वित्तीय सत्र के मामले में भी निर्णय लिया जाना चाहिए ।
त्रुटियाँ नहीं होंगी--
नेटवर्क का मानना है कि यदि वित्तीय सत्र 31 मार्च ही रहा तो आनन फानन में कार्य होंगे क्योंकि फंड लैप्स से बचने के लिए उसका उपयोग भी जरूरी होता है । ऐसी स्थिति में कार्यों में गुणवत्ता पर असर पड़ेगा । नेटवर्क का मानना है कि विकास के मामले में सजग रहने वाली सरकार इस ओर जरूर ध्यान देगी ।
-सलिल पांडेय, गांव-गरीब नेटवर्क, मिर्जापुर ।
मिर्जापुर । गांव-गरीब नेटवर्क की ओर से संयोजक सलिल पांडेय ने PM श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री आदित्य योगीनाथ को ट्वीट कर मांग की है कि कोरोना वायरस से मची आपाधापी के चलते विकास-कार्यों पर बुरा असर पड़ा है । हर क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की समस्या उत्पन्न हो गई है। लिहाजा वित्तीय सत्र 31 मार्च की अवधि को इस बार 31 मई तक बढ़ाया जाना चाहिए ।
अंतिम त्रैमासिक में होते हैं तेज काम--
नेटवर्क का कहना है कि 1 अप्रैल से 31 मार्च के 12 महीनों में प्रथम त्रैमासिक जून तक ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकारी विभागों में उथल पुथल रहता है, इसके बाद दूसरी तिमाही जुलाई से सितंबर तक वर्षा में सड़क, बांध, नहर, विद्युत लाइनों का विस्तार आदि प्रभावित रहता है । तीसरी तिमाही से विधिवत काम शुरू होकर चौथी तिमाही में जी-जान लगाकर कार्यदाई संस्थाएं लक्ष्य पूरा करती हैं लेकिन इस चौथी तिमाही में जानलेवा कोरोना से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं । अतः जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक वित्तीय सत्र की समाप्ति नहीं होनी चाहिए । नेटवर्क का कहना है कि न्यायालय, स्कूल, मंदिर, मेले, परीक्षाएं आदि में अभूतपूर्व निर्णय जिस प्रकार लिए गए हैं, उसी तरह वित्तीय सत्र के मामले में भी निर्णय लिया जाना चाहिए ।
त्रुटियाँ नहीं होंगी--
नेटवर्क का मानना है कि यदि वित्तीय सत्र 31 मार्च ही रहा तो आनन फानन में कार्य होंगे क्योंकि फंड लैप्स से बचने के लिए उसका उपयोग भी जरूरी होता है । ऐसी स्थिति में कार्यों में गुणवत्ता पर असर पड़ेगा । नेटवर्क का मानना है कि विकास के मामले में सजग रहने वाली सरकार इस ओर जरूर ध्यान देगी ।
-सलिल पांडेय, गांव-गरीब नेटवर्क, मिर्जापुर ।


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