रजनीकांत अवस्थी
बछरावां/रायबरेली: कानून से हटकर काम करने में महारत रखने वाली योगी सरकार की पुलिस इससे पहले लखनऊ के दंगा करने वाले आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाने के मामले में हाईकोर्ट इलाहाबाद द्वारा फटकार सुन चुकी है। जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया है। किंतु उस मामले से कोई सबक न लेते हुए जनपद रायबरेली की बछरावां पुलिस ने लखनऊ पुलिस से एक कदम आगे बढ़कर पोस्टर पकड़ा कर फोटो खींचने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला है।
लाक डाउन के नाम पर पुलिस का पुलिसियापन यहां बछंरावा में देखने को मिला। जब दिल्ली से कोरोना वायरस के डर से जान बचाकर बाल बच्चों के पास वापस लौट रहे 5 पुरुष और 2 महिलाओं के साथ बछरावां पुलिस ने एक नयाब तरीका अपनाते हुए सभी से, मैं देश का दुश्मन हूं, मैं बिना काम के बाहर घूमूगा। कंप्यूटर से पहले से ही तैयार पंपलेट हाथों में थंभा कर फोटो खींचे। इसके बाद भी उनका जी नहीं भरा तो डंडे पटक कर भगा दिया और जिस वाहन से वह दिल्ली से यहां तक चल कर आए थे। उस वाहन का चालान कर दिया। पुलिसिया कार्यवाही देखने के लिए लॉक डाउन होने के बावजूद दर्जनों लोग मौके पर आ जुटे।
इस मामले को देखते हुए यहां पर यह लागू होता है कि, "थोरा कहैं भवानी, ज्यादा करें पंडवा", यह उक्ति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बछरावां पुलिस पर चरितार्थ होती है। जबकि बीती रात राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के प्रति निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान करते हुए 21 दिनों का लाक डाउन करने का ऐलान किया था और यही संकेत दिए थे कि, इसके अनुपालन में थोड़ा सा कड़ाई भी बरती जा सकती है। मोदी के इन अल्फाजों का बछंरावा पुलिस ने कुछ नया ही अर्थ निकाल लिया और तरह-तरह के पोस्टर कंप्यूटर से छपवा कर अपने अधीनस्थों को सौंप दिया हैं। पोस्टरों में से एक प्रकार के पोस्टरों का बछंरावा पुलिस ने आज ही बखूबी इस्तेमाल भी किया।
आपको बता दें कि, घटना आज 25 मार्च 2020 दिन बुधवार की दोपहर 12:00 बजे की है। बछरावां कस्बे में कोतवाली से चंद कदम पहले पुलिस की टीम आने जाने वालों की निगरानी कर रही थी, तभी पुलिस वालों को लखनऊ की ओर से आती एक टैक्सी जिस पर दिल्ली का नंबर पड़ा हुआ था दिखी, पुलिस वालों ने बैरिकेडिंग करके वाहन को रोक लिया। उस पर सवार चालक समेत पांच पुरुष और 2 महिलाओं को नीचे उतार लिया। पूछताछ करने के पहले ही पुलिस जनों ने पहले तो पांचों पुरुषों को जमकर फटकार लगाई। महिलाएं डर के कारण हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी। उसके बाद पुलिस ने अपने पास रखें पोस्टर जो कंप्यूटर द्वारा निकाले गए थे, जिन पर लिखा था मैं समाज का दुश्मन हूं, मैं बिना काम के बाहर घूमूंगा। पांचों पुरुषों के हाथों में पंपलेट थंभा कर उनकी वीडियोग्राफी और फोटो खिंचवाए। इसके बाद सबको जमकर पुलिसिया भाषा में गालियां भी दी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके बाद पुलिस वालों ने वाहन का चालान करके इन सब को आगे भगा दिया। पुलिस की इस ड्रामेबाजी को देखने के लिए आसपास के दुकानदार व रहने वाले घरों से निकलकर बाहर आ गए तथा पुलिस वाले ठहाका लगाकर हंस हंसते दिखे।
घटनास्थल पर पहुंच चुके संवाददाताओं ने वाहन पर सवार लोगों से जब बातचीत की तो उसमें से एक ने अपना नाम जितेंद्र कुमार यादव पुत्र रतीपाल निवासी गजनीपुर जनपद रायबरेली बताया है, जबकि दूसरे ने अपना नाम जुबेर पुत्र मोहर्रम निवासी अहोरवा भवानी थाना शिवरतन गंज जनपद अमेठी, तीसरे ने दिनेश कुमार पुत्र रामधन निवासी दादूपुर थाना गौरीगंज जनपद अमेठी, इन्हीं के साथ इन्हीं के गांव के समरजीत यादव पुत्र चंद्रपाल यादव के अलावा राजेश पुत्र राम तिलक निवासी शुक्लन का पुरवा जनपद अमेठी बताया है।
विदित हो कि, इन्हीं लोगों में एक व्यक्ति दिल्ली में रहकर किराए पर टैक्सी लेकर चलाता था। कोरोना वायरस के हड़कंप मचने के बाद वह अपने परिवार व साथियों को लेकर अपने घर वापस जा रहे थे कि, तभी पुलिस ने बछरावां पहुंचने पर इन्हें दबोच लिया।
बछरावां/रायबरेली: कानून से हटकर काम करने में महारत रखने वाली योगी सरकार की पुलिस इससे पहले लखनऊ के दंगा करने वाले आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाने के मामले में हाईकोर्ट इलाहाबाद द्वारा फटकार सुन चुकी है। जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया है। किंतु उस मामले से कोई सबक न लेते हुए जनपद रायबरेली की बछरावां पुलिस ने लखनऊ पुलिस से एक कदम आगे बढ़कर पोस्टर पकड़ा कर फोटो खींचने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला है।
लाक डाउन के नाम पर पुलिस का पुलिसियापन यहां बछंरावा में देखने को मिला। जब दिल्ली से कोरोना वायरस के डर से जान बचाकर बाल बच्चों के पास वापस लौट रहे 5 पुरुष और 2 महिलाओं के साथ बछरावां पुलिस ने एक नयाब तरीका अपनाते हुए सभी से, मैं देश का दुश्मन हूं, मैं बिना काम के बाहर घूमूगा। कंप्यूटर से पहले से ही तैयार पंपलेट हाथों में थंभा कर फोटो खींचे। इसके बाद भी उनका जी नहीं भरा तो डंडे पटक कर भगा दिया और जिस वाहन से वह दिल्ली से यहां तक चल कर आए थे। उस वाहन का चालान कर दिया। पुलिसिया कार्यवाही देखने के लिए लॉक डाउन होने के बावजूद दर्जनों लोग मौके पर आ जुटे।
इस मामले को देखते हुए यहां पर यह लागू होता है कि, "थोरा कहैं भवानी, ज्यादा करें पंडवा", यह उक्ति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बछरावां पुलिस पर चरितार्थ होती है। जबकि बीती रात राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के प्रति निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान करते हुए 21 दिनों का लाक डाउन करने का ऐलान किया था और यही संकेत दिए थे कि, इसके अनुपालन में थोड़ा सा कड़ाई भी बरती जा सकती है। मोदी के इन अल्फाजों का बछंरावा पुलिस ने कुछ नया ही अर्थ निकाल लिया और तरह-तरह के पोस्टर कंप्यूटर से छपवा कर अपने अधीनस्थों को सौंप दिया हैं। पोस्टरों में से एक प्रकार के पोस्टरों का बछंरावा पुलिस ने आज ही बखूबी इस्तेमाल भी किया।
आपको बता दें कि, घटना आज 25 मार्च 2020 दिन बुधवार की दोपहर 12:00 बजे की है। बछरावां कस्बे में कोतवाली से चंद कदम पहले पुलिस की टीम आने जाने वालों की निगरानी कर रही थी, तभी पुलिस वालों को लखनऊ की ओर से आती एक टैक्सी जिस पर दिल्ली का नंबर पड़ा हुआ था दिखी, पुलिस वालों ने बैरिकेडिंग करके वाहन को रोक लिया। उस पर सवार चालक समेत पांच पुरुष और 2 महिलाओं को नीचे उतार लिया। पूछताछ करने के पहले ही पुलिस जनों ने पहले तो पांचों पुरुषों को जमकर फटकार लगाई। महिलाएं डर के कारण हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी। उसके बाद पुलिस ने अपने पास रखें पोस्टर जो कंप्यूटर द्वारा निकाले गए थे, जिन पर लिखा था मैं समाज का दुश्मन हूं, मैं बिना काम के बाहर घूमूंगा। पांचों पुरुषों के हाथों में पंपलेट थंभा कर उनकी वीडियोग्राफी और फोटो खिंचवाए। इसके बाद सबको जमकर पुलिसिया भाषा में गालियां भी दी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके बाद पुलिस वालों ने वाहन का चालान करके इन सब को आगे भगा दिया। पुलिस की इस ड्रामेबाजी को देखने के लिए आसपास के दुकानदार व रहने वाले घरों से निकलकर बाहर आ गए तथा पुलिस वाले ठहाका लगाकर हंस हंसते दिखे।
घटनास्थल पर पहुंच चुके संवाददाताओं ने वाहन पर सवार लोगों से जब बातचीत की तो उसमें से एक ने अपना नाम जितेंद्र कुमार यादव पुत्र रतीपाल निवासी गजनीपुर जनपद रायबरेली बताया है, जबकि दूसरे ने अपना नाम जुबेर पुत्र मोहर्रम निवासी अहोरवा भवानी थाना शिवरतन गंज जनपद अमेठी, तीसरे ने दिनेश कुमार पुत्र रामधन निवासी दादूपुर थाना गौरीगंज जनपद अमेठी, इन्हीं के साथ इन्हीं के गांव के समरजीत यादव पुत्र चंद्रपाल यादव के अलावा राजेश पुत्र राम तिलक निवासी शुक्लन का पुरवा जनपद अमेठी बताया है।
विदित हो कि, इन्हीं लोगों में एक व्यक्ति दिल्ली में रहकर किराए पर टैक्सी लेकर चलाता था। कोरोना वायरस के हड़कंप मचने के बाद वह अपने परिवार व साथियों को लेकर अपने घर वापस जा रहे थे कि, तभी पुलिस ने बछरावां पहुंचने पर इन्हें दबोच लिया।





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