आंधी और तूफान ने ध्वस्त की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: बीती रात आई जबरदस्त आंधी और तूफान के बाद हुई बरसात ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के झोंकों से क्षेत्र भर में 38 विद्युत पोल टूट कर गिर गए। जिससे क्षेत्र भर में विद्युत आपूर्ति ध्वस्त हो गई। जगह-जगह पेड़ टूट कर गिर गए। आम की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। वहीं खेतों में कटने के लिए बोझ बंधे गेहूं की फसल भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा बची खुची खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी नष्ट हो गई है। गनीमत यह रही कि, कोई जनहानि की सूचना नहीं मिली।
     आपको बता दें कि, बीते रविवार को शाम 8:00 बजे के करीब तेज आंधी आई, सारे इलाके में विद्युत गुल हो गई। आंधी का सिलसिला लगभग 45 मिनट तक इतना घनघोर रहा कि, जिसे जहां जगह मिली, वही वह दुबक कर बैठ गया। ऐसा प्रतीत होता था कि, पेड़ जड़ से उखड़ जाएंगे, सैकड़ों जगह छप्पर और टीने उड़कर दूर जा गिरे। आसमान में बिजली की कड़ कड़ाहट से लोग काफी भयभीत भी थे।
    विद्युत विभाग के अवर अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि, महराजगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सभी 5 फीडरों डेपार मऊ, हलोर, चंदापुर, हरदोई, पाराकला पर विद्युत पोल गिरने से तारों के जगह-जगह टूटने से आपूर्ति बंद करनी पड़ी। सुबह जब सर्वे कराया गया तो 38 खंभे टूटे पाए गए। जिनमें सर्वाधिक 7 खंभे चंदापुर फीडर पर टूटे हुए मिले। लेकिन उन्होने टीम वर्क के साथ जगह-जगह टीमें भेजकर फिलहाल 12 घंटे बाद ही विद्युत आपूर्ति शुरू करा दी है। फिलहाल खंभों के बदलने का सिलसिला चल रहा है।
    वहीं कस्बे में मात्र 3 घंटे बाद ही विद्युत आपूर्ति शुरू करा दी गई थी। इसके अलावा मऊ हलोर चन्दापुर हरदोई पारा कला क्षेत्रों में बड़ी तादाद में पेड़ की डालियां टूट गई है। कहीं-कहीं पेड़ भी धराशाई हो गए है।
     इसके अलावा गेहूं की कटी फसलों के बोझ उड़कर सौ-सौ मीटर दूर जा गिरे। वैसे इस बार आम की फसल काफी कमजोर थी। आंधी के कारण बड़ी तादात में अंबिया टूट कर जमीन पर आ गिरी। जिससे आम के किसानों को काफी क्षति पहुंची है। 
     वहीं खेतों में पड़ा भूसा भी उड़ गया। सबसे ज्यादा नुकसान उन फसलों को हुआ जो पककर अभी भी खेतों में खड़ी थी। इसके बाद बरसात ने बचा खुचा काम पूरा कर दिया। तेज बरसात को देखकर यह लगा कि, अप्रैल नहीं जुलाई और अगस्त का महीना चल रहा है। इस दरमियान आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली के तड़पकर गिरने से लोग भयाक्रांत हो उठे। गनीमत यह रही कि, किसी हादसे की खबर नहीं मिली है। बे मौसम बरसात से आम जनमानस सहमा सा दिखा।

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