रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: करोना महामारी का खौफ इस कदर आम जनमानस पर हावी है कि, आज शाम 4 बजे जिला अस्पताल से भागे एक 45 वर्षीय शख्स को नवोदय चौराहे के पास घूमते दिखाई पड़ने पर लोगों ने दौड़ा लिया और 1 किलोमीटर पीछा करने के बाद बल्लागांव के पास उसे चारों ओर से घेरकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे सुरक्षित बचा लिया, तथा स्वास्थ्य कर्मियों को इसकी सूचना दे दी। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी टीम पहुंच गई।
आपको बता दें कि, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा छानबीन में पता चला कि, यह तो वही शख्स है, जिसे कल रात राघवपुर गांव से एंबुलेंस के द्वारा जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। इलाज के दौरान वह किसी तरह से वहां से भागकर यहां आ पहुंचा था। उधर डॉक्टरों का कहना है कि, यह शख्स सुनने में असमर्थ है, वहीं दिमागी संतुलन भी सही नहीं प्रतीत होता है।
घटना आज साम लगभग 5 बजे की है। नवोदय चौराहे के पास एक 45 वर्षीय दाढ़ी रखे हाथ में इंजेक्शन के बीवो लगाए घूमता देख लोगों ने उसे अस्पताल से भागा क्वॉरेंटाइन समझ कर उसका पीछा कर लिया। दर्जनों लोगों को लाठी-डंडे लेकर पीछा करते देखा तो वह भागते-भागते बल्ला गांव जा पहुंचा। वहां मुस्लिम आबादी के निकट एक प्राइमरी स्कूल में लोगों ने घेर कर उसे बैठा दिया।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किसी ने उसे छूने की हिम्मत नहीं की, इसके बाद ग्राम प्रधान बल्ला रामफूल मोर्या ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। मौके पर एएसआई प्रमोद कुमार साथ ही सीएचसी महराजगंज से डा0 भावेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर डॉक्टर व मेडिकल टीम ने देखा कि, यह वही व्यक्ति है जिसे कल राघवपुर गांव से सूचना मिलने पर उसे एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया गया था।
मामले में अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन के मुताबिक वहां फिजीशियन डॉ बीरबल ने उसका चेकअप करके अस्पताल में उसके शरीर में आई चोटों के इलाज के सिलसिले में भर्ती कर लिया था। लेकिन आज वह अस्पताल से चुपके से भागकर यहां पहुंचा था। डॉक्टर राधाकृष्णन के मुताबिक इस शख्स की श्रवण शक्ति क्षीण हो चुकी है। मानसिक रूप से भी यह अवसाद ग्रस्त प्रतीत होता है। फिलहाल उसकी पहचान मोहम्मद इरशाद पुत्र मोहम्मद इलियास निवासी थुलेहडी थाना बछरावां के रूप मे हुई है। उसको अस्पताल लाने के लिए सीएचसी सेे एंबुलेंस मौके पर भेजी गई है।
महराजगंज/रायबरेली: करोना महामारी का खौफ इस कदर आम जनमानस पर हावी है कि, आज शाम 4 बजे जिला अस्पताल से भागे एक 45 वर्षीय शख्स को नवोदय चौराहे के पास घूमते दिखाई पड़ने पर लोगों ने दौड़ा लिया और 1 किलोमीटर पीछा करने के बाद बल्लागांव के पास उसे चारों ओर से घेरकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे सुरक्षित बचा लिया, तथा स्वास्थ्य कर्मियों को इसकी सूचना दे दी। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी टीम पहुंच गई।
आपको बता दें कि, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा छानबीन में पता चला कि, यह तो वही शख्स है, जिसे कल रात राघवपुर गांव से एंबुलेंस के द्वारा जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। इलाज के दौरान वह किसी तरह से वहां से भागकर यहां आ पहुंचा था। उधर डॉक्टरों का कहना है कि, यह शख्स सुनने में असमर्थ है, वहीं दिमागी संतुलन भी सही नहीं प्रतीत होता है।
घटना आज साम लगभग 5 बजे की है। नवोदय चौराहे के पास एक 45 वर्षीय दाढ़ी रखे हाथ में इंजेक्शन के बीवो लगाए घूमता देख लोगों ने उसे अस्पताल से भागा क्वॉरेंटाइन समझ कर उसका पीछा कर लिया। दर्जनों लोगों को लाठी-डंडे लेकर पीछा करते देखा तो वह भागते-भागते बल्ला गांव जा पहुंचा। वहां मुस्लिम आबादी के निकट एक प्राइमरी स्कूल में लोगों ने घेर कर उसे बैठा दिया।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किसी ने उसे छूने की हिम्मत नहीं की, इसके बाद ग्राम प्रधान बल्ला रामफूल मोर्या ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। मौके पर एएसआई प्रमोद कुमार साथ ही सीएचसी महराजगंज से डा0 भावेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर डॉक्टर व मेडिकल टीम ने देखा कि, यह वही व्यक्ति है जिसे कल राघवपुर गांव से सूचना मिलने पर उसे एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया गया था।
मामले में अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन के मुताबिक वहां फिजीशियन डॉ बीरबल ने उसका चेकअप करके अस्पताल में उसके शरीर में आई चोटों के इलाज के सिलसिले में भर्ती कर लिया था। लेकिन आज वह अस्पताल से चुपके से भागकर यहां पहुंचा था। डॉक्टर राधाकृष्णन के मुताबिक इस शख्स की श्रवण शक्ति क्षीण हो चुकी है। मानसिक रूप से भी यह अवसाद ग्रस्त प्रतीत होता है। फिलहाल उसकी पहचान मोहम्मद इरशाद पुत्र मोहम्मद इलियास निवासी थुलेहडी थाना बछरावां के रूप मे हुई है। उसको अस्पताल लाने के लिए सीएचसी सेे एंबुलेंस मौके पर भेजी गई है।


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