◆जीवन में मस्त रहें,
विरोधी पस्त रहें,परिचित सब स्वस्थ रहें,
बात मेरे मन की ।
◆तुम सब पढ़ो आगे बढ़ो,
लक्ष्य को लेकर चलो,
सुंदर इंसान बनो,
बात मेरे मन की ।
◆शिक्षित समाज बने,
अंधियारा दूर हो,
बैर भाव खत्म हो,
बात मेरे मन की ।
◆बहुत ऊँचे जाना है,
लक्ष्य जो ठाना है,
अक्षि ही निशाना है,
बात मेरे मन की ।
◆जीवन में गति हो,
उत्तम सी मति हो,
नशा मुक्त जीवन हो,
बात मेरे मन की ।
◆प्रति व्यक्ति आय बढ़े,
महँगाई दूर हो,
स्वच्छ हो भारत,
बात मेरे मन की ।
◆अहिल्या न पत्थर बने,
नारी सम्मान हो,
बहू - बेटी सम मानो,
बात मेरे मन की ।
◆शिक्षक हो समद्रष्टा,
शिष्य सम्मान करें,
अंगूठा न माँगा जाए,
बात मेरे मन की ।
◆भाई हो भरत जैसा,
सखा जैसे कर्ण,
राजा हो राम जैसा,
बात मेरे मन की ।
◆माँ हो हम सबकी जैसी,
पिता जैसे शंकर,
धाय हो पन्ना जैसी,
बात मेरे मन की ।
◆सखा जैसे नंद लला,
सखी जैसे राधा,
सेवक हनुमान जैसे,
बात मेरे मन की ।
◆प्यार जैसे हीर राँझा,
वीर जैसे राणा,
सत्य व्रती हरिश्चन्द्र,
बात मेरे मन की ।
◆भिन्न - भिन्न जाति बोली,
अलग - अलग मौसम,
सुंदर सा देश अपना,
बात मेरे मन की ।
◆खुशियों की सौगात रहे,
अपनों का साथ रहे,
जीवन में उल्लास रहे,
बात मेरे मन की ।
◆Written by~कमल बाजपेई

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