∆दवा कड़वी होतो फायदे की होती है,
बात कड़वी में सत्यता ज़रूर होती है,
लाख विष समेटे हों फन में विषधर अपने,
दो मुहें साँप की पूजा यहाँ नहीं होती ।
∆हवाओं की तासीर शरीर भाँप लेता है,
जो पड़ोस में होता है पड़ोसी को पता होता है,
मित्र के दिल की बात यारो को पता होती है,
प्यार की गुफ़्तगू जन - जन में आम होती है ।
∆चर्चाओं का असर हम भी समझते हैं,
जो घट रहा है महसूस किया करते हैं,
हम छोटे ज़रूर हैं पर मूढ़ नहीं हैं,
समस्यायें गूढ़ हों पर लिखते ज़रूर हैं ।
∆आइए आज कुछ नया करते हैं,
अपने उद्गार बयाँ करते हैं,
ज़िन्दगी जिसकी ठहर यदि गई हो,
आइए आज उसको भी रवां करते हैं ।
∆युद्धों से मसले हल नहीं होते,
इसके परिणाम भी इतने सरल नहीं होते,
फिर भी झुकने की एक सीमा है,
उसके आगे फिर ढेरों कफ़न होते ।
∆आइए उगाएं हथेली पर सरसों,
लगता कल ही घटी पर हुए बरसों,
त्रासदी देश के विभाजन की,
हमें चिंता है आज जन - मन की ।
∆घर के जयचंदों को साफ करो,
मामला साफ हो ऐसा इंसाफ करो,
सबको शिक्षा, रोज़गार, दवा और पानी,
आशायें पूर्ण हों न चले मनमानी ।
∆अपना महके ऐ चमनो सुखन,
सबको नसीब हो चैनो अमन,
कोई भी न घोपे खूनी खंजर,
बरकरार रहे खुशनुमा मंजर ।
∆Written by ~ कमल बाजपेई
बात कड़वी में सत्यता ज़रूर होती है,
लाख विष समेटे हों फन में विषधर अपने,
दो मुहें साँप की पूजा यहाँ नहीं होती ।
∆हवाओं की तासीर शरीर भाँप लेता है,
जो पड़ोस में होता है पड़ोसी को पता होता है,
मित्र के दिल की बात यारो को पता होती है,
प्यार की गुफ़्तगू जन - जन में आम होती है ।
∆चर्चाओं का असर हम भी समझते हैं,
जो घट रहा है महसूस किया करते हैं,
हम छोटे ज़रूर हैं पर मूढ़ नहीं हैं,
समस्यायें गूढ़ हों पर लिखते ज़रूर हैं ।
∆आइए आज कुछ नया करते हैं,
अपने उद्गार बयाँ करते हैं,
ज़िन्दगी जिसकी ठहर यदि गई हो,
आइए आज उसको भी रवां करते हैं ।
∆युद्धों से मसले हल नहीं होते,
इसके परिणाम भी इतने सरल नहीं होते,
फिर भी झुकने की एक सीमा है,
उसके आगे फिर ढेरों कफ़न होते ।
∆आइए उगाएं हथेली पर सरसों,
लगता कल ही घटी पर हुए बरसों,
त्रासदी देश के विभाजन की,
हमें चिंता है आज जन - मन की ।
∆घर के जयचंदों को साफ करो,
मामला साफ हो ऐसा इंसाफ करो,
सबको शिक्षा, रोज़गार, दवा और पानी,
आशायें पूर्ण हों न चले मनमानी ।
∆अपना महके ऐ चमनो सुखन,
सबको नसीब हो चैनो अमन,
कोई भी न घोपे खूनी खंजर,
बरकरार रहे खुशनुमा मंजर ।
∆Written by ~ कमल बाजपेई

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