पुलिस ऑफिसरों को बधाई देते रहे शहर के लोग
मिर्जापुर । अखिल ब्रह्मांड में मां विंध्यवासिनी के धाम को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है । सारे धर्मशास्त्रों के प्रणेता धर्मवीर ऋषि-मुनि इसकी महिमा अकारण नहीं गाते हैं । मनुष्य के जीवन में मेडिकल साइंस से लेकर सोशल साइंस हो या साहित्य का क्षेत्र हो, सभी जन्म देने वाली मां की महत्ता की गाथा जितना भी लिखते हैं, कम पड़ जाता है । इसी तरह सृष्टि की जननी आद्याशक्ति की महिमा अपरंपार है । गायक माई तीनों लोकवा में डंका बजाई दिहलू लोकगीत में इस विशिष्टता का वर्णन करते हैं ।
क्योंकि यह जिला मां के श्रीचरणों में स्थित है - धर्मशास्त्रों के अनुसार काशी महादेव के त्रिशूल पर, अयोध्या विष्णुजी के सुदर्शन चक्र पर तो मथुरा श्री कृष्ण की कनिष्ठिका उंगली पर स्थित है । इसमें कम्पन की संभवना है लेकिन माँ के चरण में जितनी सुरक्षा है, उतनी अन्यत्र नहीं ।
धर्मवीर-आरती-रमेश और गुनगुन- मां विंध्यवासिनी धाम में पुरुषार्थ चतुष्टय के चार चरणों की तरह चार सीढियां है। चार सीढ़ियों पर जो चढ़ेगा उसे जीवन की उत्कृष्टता स्वतः मिलने लगती हैं । इतना ही नहीं दैवी-शक्तियां मिलने लगेगी । इन चार सीढ़ियों का संयोग ज्येष्ठ माह की अष्टमी तिथि, 15 मई को देखने को मिला । अष्टमी तिथि पर माँ विंध्यवासिनी धाम में बड़ी श्रद्धा से लोग पूजन-अर्चन करते हैं ।
कैसे बना संयोग- कभी मगध के रूप में उत्तर प्रदेश की भी राजधानी रहे पटना से इस धाम की आरती होने लगी । मेडिकल की एक छात्रा आरती सिंह ने धर्मनगरी के प्रथम रक्षक SP डॉ धर्मवीर को कबूतर (ट्विटर) के जरिए सन्देश दिया कि वह लॉकडाउन से आ नहीं पा रही है । उसका 2 वर्षीय बेटा कटरा कोतवाली के सबरी मुहल्ले में है । उसका आज जन्म दिन है। अगर केक मिल जाए तो बच्चे के साथ उसे बड़ा संतोष मिलेगा ।
10 साल तक के बच्चे देवता ही है- धर्मशास्त्रों के अनुसार 10 साल तक के बच्चे देव-स्वरूप होते हैं । कोई पूजा-पाठ न कर सके और किसी के बच्चे को एक टॉफी दे दे तो वह स्वयं नारायण को प्राप्त होता है । इस महत्ता को समझ SP डॉ धर्मवीर सिंह ने कटरा कोतवाली प्रभारी से कहा कि वे तत्काल बच्चे के जन्मदिवस को भव्य बनाएं । अपने उच्च अधिकारी का हुक्म पाते रामचरितमानस में श्रीराम की सेवा में लगी सबरी के नाम के मुहल्ले में कटरा कोतवाली प्रभारी रमेश यादव केक, खिलौने लेकर पहुंच गए। फिर तो पूरा घर गुनगुना गया गुनगुन के दूसरे जन्म दिवस पर ।
नगर के लोग एसपी एवं प्रभारी के लिए बधाई के ढेरों शब्द बोलते दिन भर दिखे ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
मिर्जापुर । अखिल ब्रह्मांड में मां विंध्यवासिनी के धाम को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है । सारे धर्मशास्त्रों के प्रणेता धर्मवीर ऋषि-मुनि इसकी महिमा अकारण नहीं गाते हैं । मनुष्य के जीवन में मेडिकल साइंस से लेकर सोशल साइंस हो या साहित्य का क्षेत्र हो, सभी जन्म देने वाली मां की महत्ता की गाथा जितना भी लिखते हैं, कम पड़ जाता है । इसी तरह सृष्टि की जननी आद्याशक्ति की महिमा अपरंपार है । गायक माई तीनों लोकवा में डंका बजाई दिहलू लोकगीत में इस विशिष्टता का वर्णन करते हैं ।
क्योंकि यह जिला मां के श्रीचरणों में स्थित है - धर्मशास्त्रों के अनुसार काशी महादेव के त्रिशूल पर, अयोध्या विष्णुजी के सुदर्शन चक्र पर तो मथुरा श्री कृष्ण की कनिष्ठिका उंगली पर स्थित है । इसमें कम्पन की संभवना है लेकिन माँ के चरण में जितनी सुरक्षा है, उतनी अन्यत्र नहीं ।
धर्मवीर-आरती-रमेश और गुनगुन- मां विंध्यवासिनी धाम में पुरुषार्थ चतुष्टय के चार चरणों की तरह चार सीढियां है। चार सीढ़ियों पर जो चढ़ेगा उसे जीवन की उत्कृष्टता स्वतः मिलने लगती हैं । इतना ही नहीं दैवी-शक्तियां मिलने लगेगी । इन चार सीढ़ियों का संयोग ज्येष्ठ माह की अष्टमी तिथि, 15 मई को देखने को मिला । अष्टमी तिथि पर माँ विंध्यवासिनी धाम में बड़ी श्रद्धा से लोग पूजन-अर्चन करते हैं ।
कैसे बना संयोग- कभी मगध के रूप में उत्तर प्रदेश की भी राजधानी रहे पटना से इस धाम की आरती होने लगी । मेडिकल की एक छात्रा आरती सिंह ने धर्मनगरी के प्रथम रक्षक SP डॉ धर्मवीर को कबूतर (ट्विटर) के जरिए सन्देश दिया कि वह लॉकडाउन से आ नहीं पा रही है । उसका 2 वर्षीय बेटा कटरा कोतवाली के सबरी मुहल्ले में है । उसका आज जन्म दिन है। अगर केक मिल जाए तो बच्चे के साथ उसे बड़ा संतोष मिलेगा ।
10 साल तक के बच्चे देवता ही है- धर्मशास्त्रों के अनुसार 10 साल तक के बच्चे देव-स्वरूप होते हैं । कोई पूजा-पाठ न कर सके और किसी के बच्चे को एक टॉफी दे दे तो वह स्वयं नारायण को प्राप्त होता है । इस महत्ता को समझ SP डॉ धर्मवीर सिंह ने कटरा कोतवाली प्रभारी से कहा कि वे तत्काल बच्चे के जन्मदिवस को भव्य बनाएं । अपने उच्च अधिकारी का हुक्म पाते रामचरितमानस में श्रीराम की सेवा में लगी सबरी के नाम के मुहल्ले में कटरा कोतवाली प्रभारी रमेश यादव केक, खिलौने लेकर पहुंच गए। फिर तो पूरा घर गुनगुना गया गुनगुन के दूसरे जन्म दिवस पर ।
नगर के लोग एसपी एवं प्रभारी के लिए बधाई के ढेरों शब्द बोलते दिन भर दिखे ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।


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