शासनका आदेश 'नौ दिन चले अढ़ाई कोस को भी झुठला रहा

हनुमानजी की कृपा से सब काम हो रहा है
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धोबियापाट दांव का रिहर्सल
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मिर्जापुर । 'नौ दिन चले अढ़ाई कोस' कहावत भी यदि लागू होती तो श्री गणेशाय नमः के साथ शुरू कोरोना के लिए लॉकडाउन के प्रथम चरण रखते मंडलीय असप्तालको L-3 लेविल में चमकाने का आदेश प्रदेश की राजधानी से अबतक आ गया होता लेकिन 65 दिनों में आया तो सिर्फ 10 वेंटिलेटर जबकि अभी बेड, 10-10 एनेस्थिस्ट डॉक्टर एवं फिजिशियन तथा विविध अन्य उपकरण का कुछ अता-पता नहीं है । इससे लगता है कि यहां 'दुनिया गोल है' मुहावरा फिट बैठता है।  आदेश लखनऊ से हुआ । यहां सब्जबाग दिखा कर आदेश 'पुनि जहाज के पंक्षी पुनि जहाज पर जाए' मुहावरा चरितार्थ करते फिर लखनऊ लौट गया ।
भूल गया सब कुछ, याद नहीं अब कुछ- यह सब तब की स्थिति है जबकि इन दिनों सारे वीआईपी दौरे, कार्यक्रम, उत्सव, जनसभा, विकास कार्य की मीटिंगें वगैरह सब बंद पड़ी हैं। जहां जाइए बस एक ही जवाब कि कोरोना है तब तक मत आइए बल्कि उसके बाद आइए । यह कोरोना कब तक मेहमान है, यह तो कोरोना जाने या सर्वज्ञाता भगवान ही । इसलिए सरकार के लेविल पर स्पष्ट कुछ न होने से आमजनता अब भगवान की ही शरण में देखी जा रही हैं।
नासै रोग हरे सब पीरा- कोरोना के पैशाचिक रूप से आक्रांत लोग मां विंध्याचल भगवती के धाम में दैवी शक्तियों के सहारे हो गए हैं । गायत्री परिवार का सदस्यों के घर-घर हवन, मां विंध्यवासिनी धाम में यज्ञ-अनुष्ठान के बीच नगर के गैवीघाट स्थित हनुमान जी मंदिर में अनिश्चित काल तक के लिए सन्दरकाण्ड सम्पुट दीनदयाल विरद सँभारी....मम संकट भारी के साथ गुरुवार को तीसरे दिन भी पाठ हुआ । यहां के पुजारी पं रामानुज दास ने मुहल्लेवासियों की मांग देखते हुए लॉकडाउन के प्रतिबन्धों के तहत 5 लोगों को दूर-दूर बैठाकर प्रतिदिन सायं 5 बजे पाठ शुरू कर दे रहे हैं । ऐसा 11 दिन होगा । 12वें दिन हवन के बाद फिर 11 दिनों तक पाठ का क्रम निरन्तर चलता रहेगा ।
मुहल्ला संक्रमित विहीन- हुआ यह की अत्यंत पिछड़े इस मुहल्ले की घनी बस्ती में बाहर से कई श्रमिक आए । मुहल्ला डर-सा गया था । मुहल्ले का लिहाज कर लोग गैर प्रदेशों से आने वालों को लाठी-डंडा लेकर दौड़ाए नहीं । इन सभी का टेस्ट निगेटिव आ गया तो मुहल्ले को लगा कि हनुमान जी की कृपा से सब सब काम हो रहा है । अब पूरे जिले तथा उससे भी उपर तक कोरोना से पिंड छुड़ाने की कामना के लिए मानस-पाठ शुरू हो गया है ।
सेहतमंदी के लिए दवा दी गई- लगभग 15 दिनों पूर्व सारे बड़े अधिकारियों एवं उनके कर्मचारियों को कोरोना से बचने के लिए जिला हौम्योपैथी चिकित्साधिकारी डॉ मार्कण्डे सिंह ने आर्सेनिक एलबम-30 दवा बांटी थी । 3 दिनों तक सुबह खाली पेट खाने से कोरोना से बचाव के इस उपाय की निगरानी DM एवं SP ने खुद की थी । इस अभियान की पब्लिसिटी होने पर बहुतेरों ने विभाग में जाकर यह दवा ली । इसी क्रम में 28 मई को जिला जेल में सात सौ को यह दवा दी गई ।
 इस प्रकार जिले में कोरोना को धोबियापाट लगाने की कोशिशें भी हो रही हैं ।
                   सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
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