मयखाना कब खुलेगा, इसका बेसब्री भरा इंतज़ार होता रहा---
प्रशासन ने कहा कि शासनादेश अभी नहीं आया--
मिर्जापुर । 'पीते तो जिंदा है, न पीते तो मर जाते' फिल्मी गीत गुनगुना रहे मद्यप्रेमी पल-पल टोह लेते रहे कि जिला प्रशासन उन पर मेहरबान हुआ या नहीं ? इसके लिए जीरो ग्राउंड तक चक्कर लगाने वालों का ऐसे सुधा-प्रेमी मोबाइल-परिक्रमा करते रहे लेकिन जैसे जैसे रात गुजरती गई, ऊंची उड़ान भर रहे उनके अरमानों पर सिर्फ पानी ही फिरता रहा, मुख्य रसायन से वास्ता न हो सका ।
उछल पड़े थे पीने-पिलाने वाले- रविवार को लखनऊ से चली गुलाबी-बयार से जिले के भी पीने-पिलाने वाले बादलों की उमड़ने-घुमड़ने लगे थे, झूम रहे थे कि 40 दिनों का उनका तौबा-अनुष्ठान अब पूरा हो रहा है । ऐसे लोग चाहते थे लॉकडाउन तृतीय चरण का स्वागत पूर्व संध्या रविवार को ही करें लेकिन जिला प्रशासन ने देर रात तक कोई निर्णय नहीं लिया था ।
शासनादेश के बाद ही निर्णय- मयखानों के पट खुलने के बाबत DM श्री सुशील कुमार पटेल ने स्पष्ट किया कि शराब की दुकानों के खोले जाने का कोई सरकारी आदेश अभी नहीं प्राप्त हुआ है। आदेश मिलने के बाद ही वे कोई निर्णय लेंगे ।
टेस्ट में हो रहा विलम्ब- वाराणसी में मॉइक्रोलाजी डिपार्टमेंट की महिला विशेषज्ञ के खुद कोरोना चपेट में आने से यहाँ का कोरोना स्वैब टेस्ट प्रयागराज में हो रहा है । यहां 7 जिलों का टेस्ट हो रहा है और एक ही PCR मशीन है जबकि वाराणसी में 13 जिलों के पीछे 3 मशीन थी । रविवार को बाहर से आए 15 श्रमिकों का सैम्पल भेजा गया । जबकि रिपोर्ट एक भी नहीं आई ।
मण्डल मुख्यालय पर नहीं लग सकी मशीन-लॉकडाउन की शुरुआत में ही मण्डल मुख्यालय पर टेस्टिंग मशीन लगाने की खबर थी लेकिन अभी तक नहीं लग सकी है । कारण यह बताया जा रहा है मशीन की दिक्कत कम बल्कि प्रशिक्षित स्टाफ की दिक्कतें ज्यादा है । इसके विशेषज्ञ पैथालाजिस्ट आदि की कमी है, इसलिए जांच 9 दिन चले अढ़ाई कोस की गति से हो पा रही है ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
प्रशासन ने कहा कि शासनादेश अभी नहीं आया--
मिर्जापुर । 'पीते तो जिंदा है, न पीते तो मर जाते' फिल्मी गीत गुनगुना रहे मद्यप्रेमी पल-पल टोह लेते रहे कि जिला प्रशासन उन पर मेहरबान हुआ या नहीं ? इसके लिए जीरो ग्राउंड तक चक्कर लगाने वालों का ऐसे सुधा-प्रेमी मोबाइल-परिक्रमा करते रहे लेकिन जैसे जैसे रात गुजरती गई, ऊंची उड़ान भर रहे उनके अरमानों पर सिर्फ पानी ही फिरता रहा, मुख्य रसायन से वास्ता न हो सका ।
उछल पड़े थे पीने-पिलाने वाले- रविवार को लखनऊ से चली गुलाबी-बयार से जिले के भी पीने-पिलाने वाले बादलों की उमड़ने-घुमड़ने लगे थे, झूम रहे थे कि 40 दिनों का उनका तौबा-अनुष्ठान अब पूरा हो रहा है । ऐसे लोग चाहते थे लॉकडाउन तृतीय चरण का स्वागत पूर्व संध्या रविवार को ही करें लेकिन जिला प्रशासन ने देर रात तक कोई निर्णय नहीं लिया था ।
शासनादेश के बाद ही निर्णय- मयखानों के पट खुलने के बाबत DM श्री सुशील कुमार पटेल ने स्पष्ट किया कि शराब की दुकानों के खोले जाने का कोई सरकारी आदेश अभी नहीं प्राप्त हुआ है। आदेश मिलने के बाद ही वे कोई निर्णय लेंगे ।
टेस्ट में हो रहा विलम्ब- वाराणसी में मॉइक्रोलाजी डिपार्टमेंट की महिला विशेषज्ञ के खुद कोरोना चपेट में आने से यहाँ का कोरोना स्वैब टेस्ट प्रयागराज में हो रहा है । यहां 7 जिलों का टेस्ट हो रहा है और एक ही PCR मशीन है जबकि वाराणसी में 13 जिलों के पीछे 3 मशीन थी । रविवार को बाहर से आए 15 श्रमिकों का सैम्पल भेजा गया । जबकि रिपोर्ट एक भी नहीं आई ।
मण्डल मुख्यालय पर नहीं लग सकी मशीन-लॉकडाउन की शुरुआत में ही मण्डल मुख्यालय पर टेस्टिंग मशीन लगाने की खबर थी लेकिन अभी तक नहीं लग सकी है । कारण यह बताया जा रहा है मशीन की दिक्कत कम बल्कि प्रशिक्षित स्टाफ की दिक्कतें ज्यादा है । इसके विशेषज्ञ पैथालाजिस्ट आदि की कमी है, इसलिए जांच 9 दिन चले अढ़ाई कोस की गति से हो पा रही है ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।


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