मिर्जापुर । जानलेवा कोरोना की तुलना राक्षस के रूप में तो लोग कर ही रहे थे कि अखिल ब्रह्मांड में प्रतिष्ठित और पूजित विंध्यधाम का एक दृश्य सत्ययुग के हिरण्यकश्यप, त्रेता के राक्षसराज रावण तथा द्वापर के कंस की कथा से बिल्कुल मेल खाता हुआ लग रहा है ।
भव-बंधन काटने वाली मां विंध्यवासिनी के दर्शन पर बंधन में जकड़ गए- धर्मशास्त्रों के अनुसार विंध्यपर्वत के महाप्रताप से अभिभूत देवी-शक्तियां यहां खुद-ब-खुद आई । यहां की महत्ता सुनकर 33 करोड़ देवी देवता तो आए ही, साथ में पिता सूर्य की उपेक्षा के शिकार यम ने भी यहां साधना की तो उन्हें धर्मराज की पदवी महादेव ने दी । सामान्य भक्त त्रिविध ताप काटने के लिए आराधना करते हैं और बंधन से मुक्त होते हैं लेकिन कोरोना राज में सब रावण-कन्स की तरह हो गया है । इनसब के राज्य में भगवान का जप करने वाला प्रताड़ित होता रहे
दर्शन किया तो बंधन में पड़ा- गत दिवस विंध्याचल में ही दवा तथा पैथालॉजी केंद्र के अकोढ़ी ग्राम निवासी नीरज त्रिपाठी मां विंध्यवासिनी के दर्शन से कष्टमुक्त न होकर कानून के चकरघिन्नी में फंस गए । गिरफ्तार हुए पर मुचलके पर रिहा हुए ।
मामला क्या था?- हुआ यह कि लाकडाउन में दर्शन पर रोक है । पंडा समाज के एक पदाधिकारी के साथ नीरज दर्शन करने मंदिर चले गए । सब कुछ सीसी कैमरे में आ गया । एक प्रमुख पंडा ने प्रयागराज में किसी जज को फोन कर दिया । उन्होंने इसे गम्भीरता से संज्ञान में लिया जिसके चलते यह कार्रवाई हुई । नीरज पीएम की जेनरिक दवा भी विंध्याचल में बेचते हैं ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर
भव-बंधन काटने वाली मां विंध्यवासिनी के दर्शन पर बंधन में जकड़ गए- धर्मशास्त्रों के अनुसार विंध्यपर्वत के महाप्रताप से अभिभूत देवी-शक्तियां यहां खुद-ब-खुद आई । यहां की महत्ता सुनकर 33 करोड़ देवी देवता तो आए ही, साथ में पिता सूर्य की उपेक्षा के शिकार यम ने भी यहां साधना की तो उन्हें धर्मराज की पदवी महादेव ने दी । सामान्य भक्त त्रिविध ताप काटने के लिए आराधना करते हैं और बंधन से मुक्त होते हैं लेकिन कोरोना राज में सब रावण-कन्स की तरह हो गया है । इनसब के राज्य में भगवान का जप करने वाला प्रताड़ित होता रहे
दर्शन किया तो बंधन में पड़ा- गत दिवस विंध्याचल में ही दवा तथा पैथालॉजी केंद्र के अकोढ़ी ग्राम निवासी नीरज त्रिपाठी मां विंध्यवासिनी के दर्शन से कष्टमुक्त न होकर कानून के चकरघिन्नी में फंस गए । गिरफ्तार हुए पर मुचलके पर रिहा हुए ।
मामला क्या था?- हुआ यह कि लाकडाउन में दर्शन पर रोक है । पंडा समाज के एक पदाधिकारी के साथ नीरज दर्शन करने मंदिर चले गए । सब कुछ सीसी कैमरे में आ गया । एक प्रमुख पंडा ने प्रयागराज में किसी जज को फोन कर दिया । उन्होंने इसे गम्भीरता से संज्ञान में लिया जिसके चलते यह कार्रवाई हुई । नीरज पीएम की जेनरिक दवा भी विंध्याचल में बेचते हैं ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर


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