रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कोरोना के इस दौर में लोग भूखे ना रहे, इसके लिए सरकार से लेकर नागरिक तक अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे है। कोई राशन दे रहा है, तो कोई मास्क तो वही कोई दवा बांट रहा है तो कोई भोजन की पैकेट बांट रहा है। प्रशासन की तरफ से श्रमिकों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। देश में 25 मार्च को तालाबंदी लागू होने के अगले ही दिन हजारों की संख्या में महानगरों से प्रवासी मजदूर अपने अपने गांव और कस्बों की ओर लौटने लगे हैं। कई दिहाड़ी मजदूर पैदल ही अपने गांव के लिए निकल पड़े हैं। भारत सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए लाकडाउन किया था, और दिहाड़ी मजदूरों के पास जब काम नहीं रहा, तो वह घर की ओर लौटने लगे हैं। जो मजदूर अपने गांव नहीं जा पाए उनके लिए प्रशासन ने रहने और खाने का इंतजाम किया है।
आपको बता दें कि, इसी क्रम में महराजगंज से गुजरने वाले प्रवासी मजदूरों को नगर पंचायत के सभासद विजय धीमान, अमित यज्ञ सोनी, सोनू यज्ञ सोनी तथा टीनू जायसवाल ने कस्बे के तिराहे पर पुलिस चौकी के पास बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को चना और केला तथा पानी की बोतल वितरित किया। साथ ही उन्हें सलाह दी कि, सीएचसी महराजगंज पहुंचकर अपना नाम पता नोट कराएं तथा अपने स्वास्थ्य का परीक्षण भी करवा ले। जैसा चिकित्सक सलाह दें आगे वैसा ही करें।
सभासद विजय धीमान ने सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और चेहरे को मास्क या अंगोछा से ढकने की सलाह भी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि, अनावश्यक रूप से किसी के बहकावे में ना आएं और घर पहुंच कर सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत गांव में मनरेगा काम में अपनी उपस्थिति दर्ज करावें।
उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपने देश के हर नागरिक के स्वास्थ्य और रोजगार की रक्षा करने के लिए तमाम अभियान चलाएं हैं। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश इस समय बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है इसलिए हम सब लोगों को बड़े ही धैर्य और संयम से काम लेना होगा।
उधर प्रवासी नागरिकों ने स्वादिष्ट चने, केला और शीतल जल का सेवन कर आयोजकों के प्रति आभार जताते हुए सीएचसी की ओर पहुंच रहे हैं।
महराजगंज/रायबरेली: कोरोना के इस दौर में लोग भूखे ना रहे, इसके लिए सरकार से लेकर नागरिक तक अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे है। कोई राशन दे रहा है, तो कोई मास्क तो वही कोई दवा बांट रहा है तो कोई भोजन की पैकेट बांट रहा है। प्रशासन की तरफ से श्रमिकों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। देश में 25 मार्च को तालाबंदी लागू होने के अगले ही दिन हजारों की संख्या में महानगरों से प्रवासी मजदूर अपने अपने गांव और कस्बों की ओर लौटने लगे हैं। कई दिहाड़ी मजदूर पैदल ही अपने गांव के लिए निकल पड़े हैं। भारत सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए लाकडाउन किया था, और दिहाड़ी मजदूरों के पास जब काम नहीं रहा, तो वह घर की ओर लौटने लगे हैं। जो मजदूर अपने गांव नहीं जा पाए उनके लिए प्रशासन ने रहने और खाने का इंतजाम किया है।
आपको बता दें कि, इसी क्रम में महराजगंज से गुजरने वाले प्रवासी मजदूरों को नगर पंचायत के सभासद विजय धीमान, अमित यज्ञ सोनी, सोनू यज्ञ सोनी तथा टीनू जायसवाल ने कस्बे के तिराहे पर पुलिस चौकी के पास बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को चना और केला तथा पानी की बोतल वितरित किया। साथ ही उन्हें सलाह दी कि, सीएचसी महराजगंज पहुंचकर अपना नाम पता नोट कराएं तथा अपने स्वास्थ्य का परीक्षण भी करवा ले। जैसा चिकित्सक सलाह दें आगे वैसा ही करें।
सभासद विजय धीमान ने सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और चेहरे को मास्क या अंगोछा से ढकने की सलाह भी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि, अनावश्यक रूप से किसी के बहकावे में ना आएं और घर पहुंच कर सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत गांव में मनरेगा काम में अपनी उपस्थिति दर्ज करावें।
उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपने देश के हर नागरिक के स्वास्थ्य और रोजगार की रक्षा करने के लिए तमाम अभियान चलाएं हैं। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश इस समय बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है इसलिए हम सब लोगों को बड़े ही धैर्य और संयम से काम लेना होगा।
उधर प्रवासी नागरिकों ने स्वादिष्ट चने, केला और शीतल जल का सेवन कर आयोजकों के प्रति आभार जताते हुए सीएचसी की ओर पहुंच रहे हैं।




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