सीएम हेल्पलाइन में काम करती थी युवती
डेढ़ दिन मऊ गांव स्थित अपने घर में रहकर गई थी युवती
रजनीकांत अवस्थी
महाराजगंज/रायबरेली: विगत 14 जून 2020 को लखनऊ सीएम हेल्पलाइन में काम करने वाली मऊ गांव की एक 23 वर्षीय लड़की को कोरोना पॉजिटिव होने से गांव सहित पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की पूरी टीम गांव में सक्रिय हो गई थी। क्योंकि कोरोना पॉजिटिव 23 वर्षीय लड़की मऊ गांव में आकर डेढ़ दिन रहकर गई थी। जानकारी मिलते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने मऊ गांव के घर में रह रहे 10 व्यक्तियों में से 7 को रायबरेली ले जाकर क्वारंटाइन कर दिया गया था, जिसमें से आज 5 लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने से पुनः गांव सहित पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
आपको बता देंं कि, रायबरेली में क्वारंटाइन किए गए, सीएम हेल्पलाइन में काम कर रही युवती के परिवारीजनों में से 7 लोगों के सैंपल भेजे गए थे। जिसमें से सैंपल की जांच बुधवार की सुबह आई। जांच रिपोर्ट में परिवार के पांच सदस्यों, युवती की बड़ी बहन (जो शादीशुदा है) भाई और भाई की पत्नी तथा दो बच्चों (2 वर्ष और 4 वर्ष) में कोरोना पॉजिटिव पाया गया।
रायबरेली के गांव मऊ में कोरोना वायरस का चौंकाने वाले केस सामने आए है। यहां एक ही परिवार में 5 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस परिवार की 23 वर्षीय युवती जो लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन में काम करती थी, सबसे पहले 14 जून 2020 को कोरोना हुआ था और फिर परिवार के बाकी 10 सदस्यों में से सात को रायबरेली स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमों ने भेज कर रतापुर स्थित फिरोज गांधी पॉलिटेक्निक में क्वारंटाइन किया गया था, घर में शेष बचे 98 वर्षीय दादी, 70 वर्षीय पिता और 65 वर्षीय माता को होम क्वॉरेंटाइन कराया गया था। जिनकी सैंपलिंग अभी होनी बाकी है।
मऊ गांव में अब पांच कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से जनपद में कुल कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा खबर लिखे जाने तक 19 पहुंच गया है।
रायबरेली में बुधवार की सुबह आई इस रिपोर्ट के बाद मऊ सहित पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। फिलहाल सभी पॉजिटिव लोगों को आइसोलेशन वॉर्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है। हालांकि होम क्वॉरेंटाइन किए गए युवती की दादी, पिता और मां की सैंपलिंग होना अभी बाकी है।
युवती का भी इलाज जारी
मऊ गांव की रहने वाली 23 वर्षीय युवती लखनऊ में रहकर सीएम हेल्पलाइन में काम करती थी। युवती की तबीयत खराब थी। जो डेढ़ दिन मऊ गांव में रहने के बाद पुनः लखनऊ वापस चली गई थी जहां कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसे क्वारंटाइन करके जांच के लिए सैंपल भेजा था। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आज बुधवार को युवती के परिवार की जांच रिपोर्ट आई जिसमें दो बच्चों सहित और तीन लोगों में कोरोना एक्टिव पाया गया।
इधर पाए गए सभी कोरोना पॉजिटिव को आइसोलेशन में रखकर उसका इलाज शुरू किया गया। वहीं अधीक्षक डॉक्टर राधाकृष्णन के मुताबिक उसके संपर्क में रहे परिवार के अन्य 3 लोगों का सैंपल, जांच के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल मऊ गांव में एक ही परिवार में पांच और कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए हैं आनन फानन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम गांव पहुंचकर पूरे गांव को सील करने का प्रबंध कर रही है।
सूचना के बाद मऊ पहुंचने वालों में ब्लाक प्रमुख सतेन्द्र प्रताप सिंह, स्वस्थ विभाग की टीमें, कोतवाल अरुण कुमार सिंह, एसआई विभाकर शुक्ला, रामखेलावन सिंह, गंभीर लेखपाल, अभिषेक कुमार, अंजलि यादव आदि ने मौके पर पहुंचकर गांव शील करने का प्रबंध कर रहे है।
डेढ़ दिन मऊ गांव स्थित अपने घर में रहकर गई थी युवती
रजनीकांत अवस्थी
महाराजगंज/रायबरेली: विगत 14 जून 2020 को लखनऊ सीएम हेल्पलाइन में काम करने वाली मऊ गांव की एक 23 वर्षीय लड़की को कोरोना पॉजिटिव होने से गांव सहित पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की पूरी टीम गांव में सक्रिय हो गई थी। क्योंकि कोरोना पॉजिटिव 23 वर्षीय लड़की मऊ गांव में आकर डेढ़ दिन रहकर गई थी। जानकारी मिलते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने मऊ गांव के घर में रह रहे 10 व्यक्तियों में से 7 को रायबरेली ले जाकर क्वारंटाइन कर दिया गया था, जिसमें से आज 5 लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने से पुनः गांव सहित पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
आपको बता देंं कि, रायबरेली में क्वारंटाइन किए गए, सीएम हेल्पलाइन में काम कर रही युवती के परिवारीजनों में से 7 लोगों के सैंपल भेजे गए थे। जिसमें से सैंपल की जांच बुधवार की सुबह आई। जांच रिपोर्ट में परिवार के पांच सदस्यों, युवती की बड़ी बहन (जो शादीशुदा है) भाई और भाई की पत्नी तथा दो बच्चों (2 वर्ष और 4 वर्ष) में कोरोना पॉजिटिव पाया गया।
रायबरेली के गांव मऊ में कोरोना वायरस का चौंकाने वाले केस सामने आए है। यहां एक ही परिवार में 5 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस परिवार की 23 वर्षीय युवती जो लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन में काम करती थी, सबसे पहले 14 जून 2020 को कोरोना हुआ था और फिर परिवार के बाकी 10 सदस्यों में से सात को रायबरेली स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमों ने भेज कर रतापुर स्थित फिरोज गांधी पॉलिटेक्निक में क्वारंटाइन किया गया था, घर में शेष बचे 98 वर्षीय दादी, 70 वर्षीय पिता और 65 वर्षीय माता को होम क्वॉरेंटाइन कराया गया था। जिनकी सैंपलिंग अभी होनी बाकी है।
मऊ गांव में अब पांच कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से जनपद में कुल कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा खबर लिखे जाने तक 19 पहुंच गया है।
रायबरेली में बुधवार की सुबह आई इस रिपोर्ट के बाद मऊ सहित पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। फिलहाल सभी पॉजिटिव लोगों को आइसोलेशन वॉर्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है। हालांकि होम क्वॉरेंटाइन किए गए युवती की दादी, पिता और मां की सैंपलिंग होना अभी बाकी है।
युवती का भी इलाज जारी
मऊ गांव की रहने वाली 23 वर्षीय युवती लखनऊ में रहकर सीएम हेल्पलाइन में काम करती थी। युवती की तबीयत खराब थी। जो डेढ़ दिन मऊ गांव में रहने के बाद पुनः लखनऊ वापस चली गई थी जहां कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसे क्वारंटाइन करके जांच के लिए सैंपल भेजा था। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आज बुधवार को युवती के परिवार की जांच रिपोर्ट आई जिसमें दो बच्चों सहित और तीन लोगों में कोरोना एक्टिव पाया गया।
इधर पाए गए सभी कोरोना पॉजिटिव को आइसोलेशन में रखकर उसका इलाज शुरू किया गया। वहीं अधीक्षक डॉक्टर राधाकृष्णन के मुताबिक उसके संपर्क में रहे परिवार के अन्य 3 लोगों का सैंपल, जांच के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल मऊ गांव में एक ही परिवार में पांच और कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए हैं आनन फानन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम गांव पहुंचकर पूरे गांव को सील करने का प्रबंध कर रही है।
सूचना के बाद मऊ पहुंचने वालों में ब्लाक प्रमुख सतेन्द्र प्रताप सिंह, स्वस्थ विभाग की टीमें, कोतवाल अरुण कुमार सिंह, एसआई विभाकर शुक्ला, रामखेलावन सिंह, गंभीर लेखपाल, अभिषेक कुमार, अंजलि यादव आदि ने मौके पर पहुंचकर गांव शील करने का प्रबंध कर रहे है।









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