रायबरेली के मऊ गांव को कोरोना संक्रमण का मिला झटका।। Raebareli news ।।

रजनीकान्त अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: 14 जून 2020 दिन रविवार को रायबरेली जनपद के थाना महराजगंज के गांव मऊ गर्बी में एक 23 वर्षीय युवती जोकि, लखनऊ के गोमती नगर में रहकर सीएम हेल्पलाइन में कार्यरत थी। जिसकी रविवार को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से पूरे गांव में अफरा तफरी का माहौल हो गया। क्योंकि मऊ गांव की रहने वाली 23 वर्षीय यह लड़की 2 दिन पहले ही गांव आई थी और लगभग डेढ़ दिन गांव में रहकर गई है। वहीं रविवार को ही शासन के दिशा निर्देशों को मानते हुए दो शादियां भी थी, जहां लोग खुशियां मना रहे थे। हर किसी को उम्मीद थी कि, अनलॉक-1 की समाप्ति के बाद मऊ गांव के लोगों को ग्रीन जोन में रखा जा सकता है। इन तमाम उम्मीदों और आकांक्षाओं को तगड़ा झटका लगा है। महराजगंज क्षेत्र के इस गांव में जहां दो परिवारों में बेटी की शादी की खुशियां मनाई जा रही थी, अचानक कोरोना पॉजिटिव की खबर आने से यह खुशियां फीकी पड़ गई। जिले के इस गांव में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला प्रकाश में आते ही ग्रामीणों के हाथ-पांव फूलने लगे। राहत की उम्मीद लगाए हुए लोगों के लिए एक बुरी खबर रविवार का दिन लेकर आया।
     आपको बता दें कि, थाना महराजगंज के गांव मऊ में कोरोना संक्रमित का पहला मामला सामने आने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब अलर्ट पर है। चिंता की बात यह भी है कि, संक्रमित मरीज 2 दिन पहले मऊ गांव अपने घर आई हुई थी तथा यहां आने के बाद वह गांव में अपनी सहेलियों से मिलने भी गई थी। ऐसे में संक्रमितों की संख्या यदि बढ़ भी जाए तो आश्चर्य का विषय नहीं होगा। चिंता तो उन लोगों के लिए भी है, जो लोग इसके संपर्क में आए हैं।
      स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो संक्रमित युवती में संक्रमण से संबंधित लक्षण पाए गए है। फिर भी लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग ने ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर युवती की स्क्रीनिंग करने के साथ ही उसे क्वॉरंटाइन कर सैंपल जांच के लिए भेजा था जो पॉजिटिव पाया गया।
      महराजगंज प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय है। अनलॉक-1 के समय अंतराल को गुजारते हुए मऊ गांव के लिए बुरी खबर सामने आई है। माना जा रहा है, महराजगंज कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह की सक्रियता से यहां पर संक्रमण का खतरा काफी कम रहा। महराजगंज क्षेत्र सहित मऊ गांव की सीमाओं में जांच अभियान को काफी बढ़ा दिया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
     चोरी-छुपे आने वाले व्यक्तियों को भी सूचना मिलने पर तुरंत क्वॉरंटाइन और जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। देखने वाली बात यह भी है कि, युवती संक्रमण की चपेट में आई कैसे। वह किन-किन लोगों से मिली थी। जिस वाहन में वह मऊ तक पहुंची और यहां से डेढ़ दिन रहने के बाद लखनऊ पुनः वापस गई, उस वाहन में और कौन-कौन लोग सवार थे।
     रविवार को जैसे ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इस युवती के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर मिली वैसे ही बिना एक पल का समय गवाएं युवती के गांव मऊ में स्वास्थ्य विभाग की 2 गाड़ियों सहित कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन की पूरी टीम के साथ रविवार की रात लगभग 9:00 बजे संक्रमित युवती के घर पहुंच कर घर में रह रहे 10 लोगों में से 7 लोगों को रायबरेली में क्वारंटाइन कराया गया है। यहां घर पर 98 वर्षीय दादी और 65 वर्षीय मां जो चलने फिरने में असमर्थ हैं उनकी देखभाल के लिए 72 वर्षीय पिता को गांव में ही क्वारंटाइन कराया गया है। जिनके सैंपल स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को भेजे जाने की बात कही गई है।
    वहीं आज 15 जून 2020 दिन सोमवार को सुबह से ही प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर भावेश के निर्देश पर 17 सौ की आबादी के सभी लोगों को जांच करने के लिए 10 टीमें लगाई गई हैं। जिसमें 2 सुपरवाइजरों राम नारायण सिंह, शिवाकांत तिवारी के साथ 33 कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। उन्होंने घर-घर पहुंचकर  लोगों का  स्वास्थ्य परीक्षण करना शुरू कर दिया है।

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