रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली मऊ गांव में कोरोना के पॉजिटिव पांच और मामलों के प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने गांव के सभी नौ रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया है तथा घर घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए 16 टीमें लगाकर काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि प्रशासन द्वारा निर्धारित 12 सौ मीटर परिधि में आने वाले क्षेत्र को हासिल करते हुए महज मऊ गांव के आधे इलाके को सील किए जाने पर शेष बचे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लगभग साडे तीन हजार की आबादी की जांच के लिए बनाई गई 16 टीमों के लगभग 52 कर्मचारियों ने घर घर पहुंच कर अपना काम शुरू कर दिया है।
वहीं गांव में लखनऊ से संक्रमित होकर आई युवती के डेढ़ दिन प्रवास के दौरान जगह-जगह आने जाने वाले घरों में हड़कंप मचा हुआ है। लोग कोरोना संक्रमण और कहीं न फैल जाए दहशतजदा है।
आपको बता दें कि, प्रॉपर मऊ गांव दो भागों में बसा है। जिनमें महराजगंज इन्हौना मार्ग का पूर्वी हिस्सा मऊ सर्की कहा जाता है, जबकि पश्चिम का हिस्सा मऊ गर्बी कहा जाता है। इसके अलावा चौदह पुरवा अन्य है, जिस गांव में युवती लखनऊ से आई थी। उस गांव को मऊ गर्बी कहा जाता है। जिसकी आबादी लगभग साढ़े तीन हजार है।
लखनऊ cm हेल्पलाइन में काम करने वाली युवती मऊ गर्बी की रहने वाली है। जिस दिन वह गर्बी आई उस युवती के संपर्क में आए, उसके परिजनों के पांच लोगों में करोना पॉजिटिव पाया गया। किंतु चर्चा है कि, यह युवती कई घरों में और गई थी। इसलिए घरों के लोग भी संक्रमण के खतरे से खैफजदा है।
उधर कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह और सीएचसी प्रभारी डॉक्टर भावेश के नेतृत्व में स्वास्थ्य और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर ग्राम प्रधान नीलम सिंह के सहयोग से मऊ गरबी गांव में आने जाने वाले सभी नौ रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने रोजमर्रा में उपयुक्त करने वाली सामग्रियों की आपूर्ति के लिए भी दुकानदारों को तैनात कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में रहने वाले सभी लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की कवायद तेज कर दी है।
वहीं मऊ गर्बी को हॉटस्पॉट मानकर इसकी परिधि में आने वाले कई गांवों को हॉटस्पॉट मुक्त रखने के प्रशासन के निर्णय का गांव वालों ने स्वागत किया है।
गांव के ही रहने वाले महराजगंज ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह की पत्नी नीलम सिंह यहां की ग्राम प्रधान है। प्रधान पति के साथ-साथ ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र सिंह ग्रामीणों की मदद के लिए पूरी तरह से सतर्क हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना बचाव के लिए मुंह पर मास्क लगाने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कर हैंड सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करने की अपील करते हुए गांव वालों की हर संभव मदद करने के काम में जुटे हुए हैं।
महराजगंज/रायबरेली मऊ गांव में कोरोना के पॉजिटिव पांच और मामलों के प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने गांव के सभी नौ रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया है तथा घर घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए 16 टीमें लगाकर काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि प्रशासन द्वारा निर्धारित 12 सौ मीटर परिधि में आने वाले क्षेत्र को हासिल करते हुए महज मऊ गांव के आधे इलाके को सील किए जाने पर शेष बचे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लगभग साडे तीन हजार की आबादी की जांच के लिए बनाई गई 16 टीमों के लगभग 52 कर्मचारियों ने घर घर पहुंच कर अपना काम शुरू कर दिया है।
वहीं गांव में लखनऊ से संक्रमित होकर आई युवती के डेढ़ दिन प्रवास के दौरान जगह-जगह आने जाने वाले घरों में हड़कंप मचा हुआ है। लोग कोरोना संक्रमण और कहीं न फैल जाए दहशतजदा है।
आपको बता दें कि, प्रॉपर मऊ गांव दो भागों में बसा है। जिनमें महराजगंज इन्हौना मार्ग का पूर्वी हिस्सा मऊ सर्की कहा जाता है, जबकि पश्चिम का हिस्सा मऊ गर्बी कहा जाता है। इसके अलावा चौदह पुरवा अन्य है, जिस गांव में युवती लखनऊ से आई थी। उस गांव को मऊ गर्बी कहा जाता है। जिसकी आबादी लगभग साढ़े तीन हजार है।
लखनऊ cm हेल्पलाइन में काम करने वाली युवती मऊ गर्बी की रहने वाली है। जिस दिन वह गर्बी आई उस युवती के संपर्क में आए, उसके परिजनों के पांच लोगों में करोना पॉजिटिव पाया गया। किंतु चर्चा है कि, यह युवती कई घरों में और गई थी। इसलिए घरों के लोग भी संक्रमण के खतरे से खैफजदा है।
उधर कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह और सीएचसी प्रभारी डॉक्टर भावेश के नेतृत्व में स्वास्थ्य और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर ग्राम प्रधान नीलम सिंह के सहयोग से मऊ गरबी गांव में आने जाने वाले सभी नौ रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने रोजमर्रा में उपयुक्त करने वाली सामग्रियों की आपूर्ति के लिए भी दुकानदारों को तैनात कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में रहने वाले सभी लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की कवायद तेज कर दी है।
वहीं मऊ गर्बी को हॉटस्पॉट मानकर इसकी परिधि में आने वाले कई गांवों को हॉटस्पॉट मुक्त रखने के प्रशासन के निर्णय का गांव वालों ने स्वागत किया है।
गांव के ही रहने वाले महराजगंज ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह की पत्नी नीलम सिंह यहां की ग्राम प्रधान है। प्रधान पति के साथ-साथ ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र सिंह ग्रामीणों की मदद के लिए पूरी तरह से सतर्क हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना बचाव के लिए मुंह पर मास्क लगाने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कर हैंड सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करने की अपील करते हुए गांव वालों की हर संभव मदद करने के काम में जुटे हुए हैं।








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