प्रशांत शर्मा
डलमऊ/रायबरेली: शुक्रवार को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर दूर दराज़ से आये हुये श्रद्धालुओं ने रानी शिवालय घाट, पथवारी देवी घाट, वीआईपी घाट, शंकट मोचन घाट, शुक्ल घाट सहित अन्य घाटों पर हर-हर गंगे के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
आपको बता दें कि, श्रद्धालुओं ने घाट किनारे बने प्राचीन देवी देवताओं के मंदिरों में पूजा-अर्चना कर अपने-अपने तीर्थ पुरोहितों को दान पुण्य देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। पण्डित शिवाकांत मिश्र ने बताया कि, महिलाएं इस दिन उपवास रखती है, और वट वृक्ष के नीचे बैठ कर पूजा आराधना करती है। महिलाएं दान दक्षिणा देकर अपने पति की लंबी आयु की कामना भी करती है।
डलमऊ/रायबरेली: शुक्रवार को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर दूर दराज़ से आये हुये श्रद्धालुओं ने रानी शिवालय घाट, पथवारी देवी घाट, वीआईपी घाट, शंकट मोचन घाट, शुक्ल घाट सहित अन्य घाटों पर हर-हर गंगे के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
आपको बता दें कि, श्रद्धालुओं ने घाट किनारे बने प्राचीन देवी देवताओं के मंदिरों में पूजा-अर्चना कर अपने-अपने तीर्थ पुरोहितों को दान पुण्य देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। पण्डित शिवाकांत मिश्र ने बताया कि, महिलाएं इस दिन उपवास रखती है, और वट वृक्ष के नीचे बैठ कर पूजा आराधना करती है। महिलाएं दान दक्षिणा देकर अपने पति की लंबी आयु की कामना भी करती है।


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